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मेडिकल कॉलेजों की संख्या 118.6% बढ़ी, MBBS सीटें 1.39 लाख और PG सीटें 86 हजार के पार

देश में चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के परिणामस्वरूप मेडिकल कॉलेजों, एमबीबीएस सीटों और स्नातकोत्तर मेडिकल सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकार के अनुसार, वर्ष 2014 से पहले जहां देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं वर्तमान में इनकी संख्या बढ़कर 846 हो गई है। यह लगभग 118.6 प्रतिशत की वृद्धि है।

Vindhya Dubey07 अग. 2026, 07:44 PM IST
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मेडिकल कॉलेजों की संख्या 118.6% बढ़ी, MBBS सीटें 1.39 लाख और PG सीटें 86 हजार के पार

स्वास्थ्य क्षेत्र में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से मेडिकल शिक्षा के विस्तार पर लगातार जोर दिया गया है। इसके तहत एमबीबीएस सीटों की संख्या 51,348 से बढ़कर 1,39,864 हो गई है, जो 172.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल सीटों की संख्या 31,185 से बढ़कर 86,360 हो गई है। इसमें लगभग 176.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

जिला अस्पतालों को अपग्रेड कर नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना

केंद्र सरकार ने मेडिकल शिक्षा के विस्तार के लिए केंद्र प्रायोजित योजना के तहत जिला और रेफरल अस्पतालों को अपग्रेड कर नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की पहल की है। इस योजना के अंतर्गत देशभर में 157 नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी गई है। इस पहल का उद्देश्य उन क्षेत्रों में मेडिकल शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराना है जहां पहले उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों की कमी थी। इससे न केवल मेडिकल सीटों में वृद्धि हुई है बल्कि जिला स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिली है।

पुराने मेडिकल कॉलेजों में सीटों का विस्तार

सरकार ने मौजूदा सरकारी मेडिकल कॉलेजों और केंद्रीय संस्थानों को मजबूत करने के लिए भी कई योजनाएं लागू की हैं। केंद्र प्रायोजित योजना के तहत मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और पीजी सीटें बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता दी गई है। इस योजना के तहत:

  • 83 मेडिकल कॉलेजों में 4,977 एमबीबीएस सीटें बढ़ाने के लिए 5,972.20 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।
  • पहले चरण में 72 मेडिकल कॉलेजों में 4,058 पीजी सीटों के विस्तार के लिए 1,498.43 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
  • दूसरे चरण में 65 मेडिकल कॉलेजों में 4,000 पीजी सीटों के लिए 4,478.25 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।

मेडिकल कॉलेजों के आधुनिकीकरण पर जोर

सरकार ने मेडिकल शिक्षा संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए केंद्र प्रायोजित योजना के तीसरे चरण को भी मंजूरी दी है। इसके तहत सरकारी मेडिकल कॉलेजों, केंद्रीय मेडिकल संस्थानों, स्वतंत्र पीजी संस्थानों और सरकारी अस्पतालों को मजबूत किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत:

  • 5,000 नई पीजी सीटों के लिए सहायता दी जाएगी।
  • प्रति सीट लागत सीमा बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये की गई है।
  • एमबीबीएस सीटों के विस्तार के लिए भी 5,023 सीटों को मंजूरी दी गई है।
  • दोनों योजनाओं को 2028-29 तक लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।

सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार

देश में गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के तहत सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। इसके तहत कुल 75 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 71 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। इन सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉकों से मरीजों को हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, कैंसर उपचार और अन्य विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

नए AIIMS संस्थानों से बढ़ेगी स्वास्थ्य शिक्षा की क्षमता

केंद्र सरकार की नई AIIMS स्थापित करने की योजना के तहत देश में 22 नए AIIMS को मंजूरी दी गई है। इनमें से 19 संस्थानों में एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू हो चुके हैं। नए AIIMS संस्थानों का उद्देश्य विश्वस्तरीय चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना है। इससे देश में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ चिकित्सा अनुसंधान को भी बढ़ावा मिलेगा।

चिकित्सा शिक्षा में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

सरकार का कहना है कि मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में किए गए इन विस्तार कार्यों से देश में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी और आम लोगों को अपने क्षेत्रों के आसपास बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। मेडिकल कॉलेजों की बढ़ती संख्या, एमबीबीएस और पीजी सीटों में वृद्धि तथा नए स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना को देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।