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खाद्य सुरक्षा enforcement को मजबूत करने के लिए सरकार के बड़े कदम, 259 लैब और 305 मोबाइल टेस्टिंग यूनिट सक्रिय
देश में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके तहत खाद्य परीक्षण सुविधाओं का विस्तार, निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना, खाद्य कारोबारियों के अनुपालन की जांच और उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं।

सरकार के अनुसार, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) खाद्य पदार्थों के लिए वैज्ञानिक मानक तय करने और उनके निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री और आयात को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों की साझा है।
देशभर में 259 मान्यता प्राप्त खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाएं
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा की जांच के लिए FSSAI ने देशभर में खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं का मजबूत नेटवर्क तैयार किया है। वर्तमान में 259 NABL मान्यता प्राप्त खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं। इनमें राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारी प्रयोगशालाएं, सरकारी संस्थान और मान्यता प्राप्त निजी प्रयोगशालाएं शामिल हैं। इन प्रयोगशालाओं में खाद्य नमूनों की वैज्ञानिक जांच की जाती है ताकि खाद्य पदार्थ निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं या नहीं, इसकी पुष्टि की जा सके। इसके अलावा, अपील के मामलों में दोबारा जांच के लिए 24 रेफरल खाद्य प्रयोगशालाओं को अधिसूचित किया गया है।
दूरदराज क्षेत्रों में जांच के लिए 305 मोबाइल फूड टेस्टिंग यूनिट
खाद्य सुरक्षा जांच को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए देशभर में 305 मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब संचालित की जा रही हैं। इन्हें “Food Safety on Wheels” के नाम से जाना जाता है। ये मोबाइल यूनिट मौके पर ही खाद्य पदार्थों की जांच करती हैं, त्वरित जांच किट उपलब्ध कराती हैं और दूरदराज क्षेत्रों में खाद्य मिलावट के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम करती हैं।
SoFTeL योजना के तहत खाद्य परीक्षण ढांचे का विस्तार
FSSAI ने देश में खाद्य परीक्षण प्रणाली को मजबूत करने के लिए SoFTeL (Strengthening of Food Testing System in the Country including provision of Mobile Food Testing Labs) योजना शुरू की है। इस योजना के तहत:
- 47 राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं का संरचनात्मक उन्नयन किया गया है।
- आधुनिक विश्लेषण उपकरण लगाए गए हैं।
- माइक्रोबायोलॉजी जांच सुविधाओं को विकसित किया गया है।
- मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब की व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
इससे खाद्य नमूनों की जांच क्षमता और गुणवत्ता दोनों में सुधार हुआ है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की निगरानी और प्रशिक्षण पर जोर
देश में लगभग 98 प्रतिशत खाद्य कारोबार संचालक (Food Business Operators) राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा प्राधिकरणों के अंतर्गत आते हैं। इसलिए खाद्य सुरक्षा कानूनों को लागू करने में राज्यों की भूमिका महत्वपूर्ण है। FSSAI विभिन्न मंचों जैसे केंद्रीय सलाहकार समिति (CAC) की बैठकों और अंतर-राज्यीय जोनल काउंसिल बैठकों के माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के प्रदर्शन, रिक्तियों और प्रवर्तन गतिविधियों की नियमित समीक्षा करता है। राज्य खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण नियमित रूप से:
- खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण,
- खाद्य नमूनों का संग्रह,
- निगरानी अभियान,
- विशेष जांच अभियान
चलाते हैं ताकि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
मिलावट रोकने के लिए उपभोक्ता जागरूकता अभियान
खाद्य मिलावट के खिलाफ उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए FSSAI ने कई अभियान शुरू किए हैं। “#NoToAdulteration” अभियान के माध्यम से लोगों को खाद्य मिलावट पहचानने और उससे बचने के तरीके बताए जा रहे हैं। इसके अलावा “How to Check for Adulteration” वीडियो अभियान के जरिए भी उपभोक्ताओं को सरल जांच विधियों की जानकारी दी जा रही है। वहीं, “#HarLabelKuchKahtaHai” अभियान के तहत लोगों को खाद्य उत्पादों के लेबल पढ़ने और सही विकल्प चुनने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसमें पोषण संबंधी जानकारी, कैलोरी, वसा, शुगर, प्रोटीन, सामग्री सूची, एलर्जी चेतावनी और उपयोग की अंतिम तिथि जैसी जानकारियों को समझने पर जोर दिया जाता है।
DART बुक से घर पर पहचान सकेंगे मिलावट
FSSAI ने DART (Detect Adulteration with Rapid Test) बुक भी जारी की है। इसमें 44 आसान जांच विधियां शामिल हैं, जिन्हें घर पर पानी और सामान्य पदार्थों जैसे टिंचर ऑफ आयोडीन की मदद से किया जा सकता है। इसमें दूध और दुग्ध उत्पाद, तेल, चीनी और मिठाइयां, खाद्यान्न, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान के तरीके बताए गए हैं। DART बुक में शुद्ध और मिलावटी खाद्य पदार्थों के बीच अंतर को चित्रों के माध्यम से समझाया गया है, जिससे आम लोग आसानी से मिलावट की पहचान कर सकें।
स्कूलों में Food Safety Magic Box से जागरूकता
खाद्य सुरक्षा के प्रति बच्चों और युवाओं को जागरूक करने के लिए FSSAI ने Food Safety Magic Box पहल शुरू की है। यह एक छोटा और उपयोग में आसान किट है, जिसमें सात प्रमुख खाद्य श्रेणियों में सामान्य मिलावट की पहचान के लिए त्वरित जांच विधियां उपलब्ध हैं। इसका उपयोग स्कूलों में खाद्य सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रमों के तहत किया जा रहा है। इसके माध्यम से छात्र दूध, मसाले, तेल और अनाज जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान करना सीख रहे हैं।
सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास
सरकार का कहना है कि मजबूत जांच प्रयोगशाला नेटवर्क, आधुनिक तकनीक, प्रभावी निगरानी और उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा रहा है। इन पहलों का उद्देश्य खाद्य मिलावट को रोकना, खाद्य कारोबारियों में नियमों के पालन को बढ़ावा देना और नागरिकों को सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।
