crime

हजरतगंज में बंद मकान से लाखों की चोरी का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार l

लखनऊ के हजरतगंज थाना क्षेत्र में बंद मकान से चांदी के बर्तन, सिक्के, घरेलू सामान और नकदी चोरी करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जयराम मौर्या उर्फ वाइटनर, सुनील यादव और शारिफ के रूप में हुई है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर चोरी से संबंधित एक चांदी का सिक्का, तीन पंखों का सामान और 5,150 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी नशे के आदी हैं और नशे की जरूरत पूरी करने के लिए बंद मकानों की रेकी कर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद तीनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

Kashish Rai08 अग. 2026, 02:05 PM IST
खबर शेयर करें:
हजरतगंज में बंद मकान से लाखों की चोरी का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार l

लखनऊ। हजरतगंज थाना क्षेत्र में बंद मकान को निशाना बनाकर चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने शाहनजफ रोड स्थित एक मकान से चांदी के बर्तन, चांदी के सिक्के, घरेलू सामान, पंखे और नकदी समेत अन्य कीमती वस्तुएं चोरी की थीं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर चोरी का सामान बरामद कर लिया है। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।


पुलिस के मुताबिक, शाहनजफ रोड निवासी कृष्ण कुमार ने 31 जुलाई को हजरतगंज थाने में लिखित शिकायत देकर बताया था कि 27 जुलाई को उनके मकान के ऊपरी हिस्से में बने बाथरूम से जगुआर कंपनी की दो टोटियां चोरी हो गई थीं। जब उन्होंने घर के अन्य हिस्सों की जांच की तो तीनों अलमारियां खुली मिलीं और पूरा सामान बिखरा हुआ था। अलमारियों की जांच करने पर चांदी की आठ कटोरियां, चार गिलास, 30 चांदी के सिक्के, पुराने फोटो कैमरे, साड़ियां, सूट और अन्य कीमती सामान गायब मिला।


मकान मालिक की तहरीर पर हजरतगंज पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। इसी दौरान 5 अगस्त को मकान मालिक ने पुलिस को एक और शिकायत दी। उन्होंने बताया कि उसी मकान से तीन पुराने पंखे और एक एग्जॉस्ट फैन भी चोरी हो गया है। पुलिस ने इस घटना के संबंध में अलग मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई। लगातार हुई चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए हजरतगंज पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान का प्रयास शुरू किया। इसी बीच पुलिस को मुखबिर के माध्यम से आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना मिली।


सूचना के आधार पर पुलिस ने 6 अगस्त की रात न्यू लक्ष्मण मेला मैदान के पास दबिश देकर तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उनकी पहचान जयराम मौर्या उर्फ वाइटनर, सुनील यादव और शारिफ के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बंद मकान में चोरी करने की बात स्वीकार की। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे नशे के आदी हैं और नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे।


आरोपियों ने बताया कि वे पहले ऐसे मकानों की रेकी करते थे, जिनके मालिक कई दिनों तक घर पर नहीं रहते थे या मकान बंद रहता था। रात के समय मौका देखकर वे दीवार फांदकर मकान के अंदर प्रवेश करते थे। घर के दरवाजे के नीचे बने खाली स्थान का इस्तेमाल कर वे अंदर पहुंचते और इसके बाद अलमारियों के ताले तोड़कर नकदी, चांदी के सामान और अन्य महंगी वस्तुएं चोरी कर लेते थे। चोरी के बाद आरोपी सामान को अज्ञात लोगों को बेच देते थे। इससे मिलने वाली रकम को वे आपस में बांट लेते और उसी पैसे से नशीले पदार्थ खरीदने के साथ-साथ अपने अन्य खर्च पूरे करते थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर एक चांदी का सिक्का, तीन पंखों का सामान और 5,150 रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामदगी के आधार पर दोनों मुकदमों में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी की गई है।


पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में जयराम मौर्या और सुनील यादव के खिलाफ पहले से चोरी और अन्य आपराधिक मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपियों का विस्तृत आपराधिक इतिहास खंगालने के साथ ही उनसे जुड़ी अन्य चोरी की घटनाओं की जानकारी जुटा रही है। पुलिस को आशंका है कि पूछताछ के आधार पर क्षेत्र में हुई कुछ अन्य चोरियों का भी खुलासा हो सकता है।


कमिश्नरेट पुलिस का कहना है कि राजधानी में बंद मकानों और चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना अभी जारी है। जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।