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सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण, 2026: अगस्त में लगेंगे सूर्य और चंद्र ग्रहण, जानें भारत में दिखेंगे या नहीं

अगस्त 2026 खगोलीय घटनाओं के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है। इस महीने 12 अगस्त को पूर्ण सूर्य ग्रहण और 28 अगस्त को गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। वहीं 12 अगस्त का पूर्ण सूर्य ग्रहण भी भारत से दिखाई नहीं देगा।

sd08 अग. 2026, 03:38 PM IST
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सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण, 2026: अगस्त में लगेंगे सूर्य और चंद्र ग्रहण, जानें भारत में दिखेंगे या नहीं

नई दिल्ली: साल 2026 का अगस्त महीना आसमान में होने वाली दो बड़ी खगोलीय घटनाओं के कारण चर्चा में है। इस महीने सूर्य और चंद्रमा से जुड़े दो ग्रहण पड़ेंगे। पहला ग्रहण 12 अगस्त 2026 को पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जबकि दूसरा 28 अगस्त 2026 को आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। हालांकि, भारत में रहने वाले लोगों के लिए दोनों ग्रहणों का प्रत्यक्ष नजारा देखने का अवसर नहीं होगा।

12 अगस्त को पूर्ण सूर्य ग्रहण

12 अगस्त को होने वाला सूर्य ग्रहण Total Solar Eclipse होगा। इस दौरान चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाएगा और उसकी छाया पृथ्वी के कुछ हिस्सों पर पड़ेगी। NASA के अनुसार पूर्ण सूर्य ग्रहण का मार्ग ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, अटलांटिक महासागर और स्पेन सहित कई क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। इन क्षेत्रों में लोगों को पूर्ण या आंशिक सूर्य ग्रहण देखने का मौका मिलेगा।

भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा। इसलिए भारतीय शहरों से सूर्य के पूरी तरह या आंशिक रूप से ढकने का दृश्य नहीं देखा जा सकेगा।

28 अगस्त को आंशिक चंद्र ग्रहण

सूर्य ग्रहण के लगभग दो सप्ताह बाद 28 अगस्त 2026 को आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। यह सामान्य आंशिक चंद्र ग्रहण की तुलना में काफी गहरा होगा और चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया में जा सकता है। भारतीय मौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 28 अगस्त का यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ग्रहण का कुछ हिस्सा दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों, खासकर अफ्रीका, यूरोप, एशिया के कुछ हिस्सों और महासागरीय क्षेत्रों से दिखाई देगा।

भारत में क्यों नहीं दिखेंगे दोनों ग्रहण ?

किसी ग्रहण का किसी देश से दिखाई देना इस बात पर निर्भर करता है कि उस समय सूर्य या चंद्रमा उस स्थान के क्षितिज के ऊपर है या नहीं और ग्रहण की छाया उस क्षेत्र तक पहुंच रही है या नहीं।

28 अगस्त के चंद्र ग्रहण के मामले में भारत में ग्रहण की आवश्यक अवस्था के दौरान चंद्रमा दिखाई देने की स्थिति में नहीं होगा। इसी कारण भारतीय मौसम विभाग ने इसे भारत में अदृश्य बताया है।

2026 में कुल चार ग्रहण

साल 2026 में कुल चार प्रमुख ग्रहण निर्धारित हैं:

17 फरवरी: वलयाकार सूर्य ग्रहण

3 मार्च: पूर्ण चंद्र ग्रहण

12 अगस्त: पूर्ण सूर्य ग्रहण

28 अगस्त: आंशिक चंद्र ग्रहण

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 3 मार्च का पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत के अधिकांश हिस्सों से दिखाई दिया था, जबकि अगस्त का चंद्र ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा।

वैज्ञानिक दृष्टि से क्या है ग्रहण ?

सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के कुछ हिस्सों तक पहुंचने से रुक जाता है। वहीं चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। आंशिक चंद्र ग्रहण में चंद्रमा का केवल एक हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया में प्रवेश करता है।

धार्मिक मान्यताओं को लेकर क्या स्थिति है ?

भारत में ग्रहण को लेकर कई धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं हैं। सूतक, पूजा-पाठ और खान-पान से जुड़े नियमों को लेकर अलग-अलग परंपराएं प्रचलित हैं। हालांकि, वैज्ञानिक दृष्टि से ग्रहण एक सामान्य खगोलीय घटना है और इसका अध्ययन खगोल विज्ञान के आधार पर किया जाता है।