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अंबरनाथ में पार्किंग के नाम पर लूट करने वाले ठेकेदारों के ठेके रद्द, वाहन चालकों को मिलेगा अतिरिक्त शुल्क वापस

अंबरनाथ पूर्व के छत्रपती शिवाजी महाराज चौक और रेलवे स्टेशन के पार्किंग स्थलों पर दुचाकी चालकों से मासिक पास के नाम पर अवैध रूप से अधिक पैसे वसूलने का मामला सामने आया. कार्रवाई: शिकायत मिलने पर मुख्यधिकारी उमाकांत गायकवाड और नगराध्यक्षा तेजश्री करंजुले पाटील ने औचक निरीक्षण किया, जिसके बाद अवैध वसूली करने वाले दोनों ठेकेदारों (मेसर्स कार शाईन और मेसर्स अशोक एंटरप्रायझेस) के ठेके तुरंत रद्द कर दिए गए.राहत: नगर परिषद ने एक जाहीर नोटिस जारी कर वाहन चालकों से कहा है कि जिन लोगों से 400 रुपये के बजाय 600 से 700 रुपये वसूले गए हैं, वे 30 दिनों के भीतर अपने भुगतान के सबूत देकर अपना अतिरिक्त शुल्क वापस (रिफंड) प्राप्त कर सकते हैं.

Khushi08 अग. 2026, 05:39 PM IST
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अंबरनाथ में पार्किंग के नाम पर लूट करने वाले ठेकेदारों के ठेके रद्द, वाहन चालकों को मिलेगा अतिरिक्त शुल्क वापस
अंबरनाथ:अंबरनाथ नगर परिषद ने पूर्वी क्षेत्र में स्थित छत्रपती शिवाजी महाराज चौक और रेलवे स्टेशन के वाहनतळ पर मासिक पास के नाम पर दुचाकी चालकों से अवैध और अतिरिक्त पैसे वसूलने वाले दोनों ठेकेदारों के ठेके रद्द कर दिए हैं तथा प्रभावित नागरिकों को 30 दिनों के भीतर रिफंड पाने के लिए सार्वजनिक नोटिस जारी किया है।यह कार्रवाई स्थानीय प्रशासन की सख्ती और पारदर्शी व्यवस्था का एक बड़ा उदाहरण है। जब सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर नियमों को ताक पर रखकर आम जनता की जेब पर डाका डाला जाता है, तब किस तरह कठोर प्रशासनिक कदम उठाए जा सकते हैं,

 यह इस मामले से स्पष्ट होता है। नगर परिषद के इस ऐतिहासिक कदम से वाहन चालकों को राहत मिली है और भ्रष्टाचार करने वाले ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है।यह पूरा मामला अंबरनाथ पूर्व के छत्रपती शिवाजी महाराज चौक (जुने यशवंतराव चव्हाण नाट्यगृहाची जागा) और रेलवे स्टेशन के पास एसबीआय बँके समोरील पार्किंग स्थलों से जुड़ा है। यहाँ वाहन चालकों से मासिक पास के लिए तय नियमों के अनुसार केवल 400 रुपये लेना अनिवार्य था। हालांकि, मेसर्स कार शाईन और मेसर्स अशोक एंटरप्रायझेस नामक ठेकेदार चालकों से 600 से 700 रुपये तक की अवैध वसूली कर रहे थे।

जब इस बात की शिकायतें लगातार बढ़ने लगीं, तब मुख्यधिकारी उमाकांत गायकवाड ने व्यक्तिगत रूप से मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया, जहां यह खुली लूट उजागर हुई। इसके बाद नगर परिषद ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों फर्मों के ठेके तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दिए। केवल ठेका रद्द करने तक ही प्रशासन सीमित नहीं रहा, बल्कि जनता के डूबे हुए पैसे को वापस दिलाने के लिए एक आधिकारिक जाहीर नोटिस जारी किया गया है, जिसके तहत पीड़ित वाहन चालकों को अपने भुगतान के सबूत के साथ अगले 30 दिनों के भीतर नगर परिषद से संपर्क करने का निर्देश दिया गया है।