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मुंबई में पानी की टंकी की जांच कर रहे बीएमसी कर्मचारी की गिरकर मौत, सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
घटना: मुंबई महानगरपालिका के एफ-दक्षिण विभाग के अंतर्गत आने वाले नायगाव पुलिस कैंप इलाके में पानी की टंकी में डासों के लार्वा (अळ्या) की जांच करने गए 47 वर्षीय कीटकनाशक विभाग के कामगार पांडुरंग तोडकर की नीचे गिरकर मौत हो गई. कारण व सुरक्षा प्रश्न: टंकी की जांच करते समय संतुलन बिगड़ने से वे नीचे गिर पड़े और आसपास पड़े लोहे के सरियों के कारण गंभीर रूप से घायल हो गए. इस दुर्घटना ने बीएमसी कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था और फील्ड वर्क के दौरान मिलने वाले सुरक्षा उपकरणों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.प्रतिक्रिया: इस दर्दनाक हादसे के बाद कर्मचारी संगठनों में भारी रोष व्याप्त है और उन्होंने प्रशासन से फील्ड कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कड़े और ठोस उपाय करने की मांग की है.

यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उस गहरी प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम है जो वर्षों से फील्ड पर काम करने वाले चतुर्थ श्रेणी और अनुबंध के कर्मचारियों की उपेक्षा करती आ रही है। मानसून के दिनों में जब जनता को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी इन पर होती है, तब खुद इन कर्मचारियों के पास न तो कोई आधुनिक सुरक्षा किट होती है और न ही काम करने के लिए सुरक्षित कार्यस्थल, जो शहर की व्यवस्था पर एक गंभीर नैतिक सवाल है।
शनिवार की सुबह नायगाव पुलिस कैंप में हुई इस दुर्घटना ने साबित कर दिया कि मुंबई महानगरपालिका कागजों पर सुरक्षा के लाख दावे करे, लेकिन जमीनी हकीकत बेहद खतरनाक है। 47 वर्षीय पांडुरंग तोडकर जब लोहे के असुरक्षित स्टैंड के सहारे पानी की टंकी की जांच करने ऊपर चढ़े, तो वहां फैली अव्यवस्था और कबाड़ के रूप में पड़ी लोहे की सरियों ने उनकी जान ले ली।
यदि मौके पर सुरक्षा के मानक पूरे होते या कर्मचारियों को हार्नेस और अन्य सुरक्षा उपकरण दिए गए होते, तो शायद यह अनहोनी टल सकती थी। इस दुखद घटना के बाद म्युनिसिपल मजदूर यूनियन और विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है कि यदि कामगारों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम लागू नहीं किए गए, तो बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा।
