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धारावी पुनर्विकास के खिलाफ आंदोलन हुआ तेज, 15 अगस्त को धारावी, मुलुंड और कुर्ला में निकलेगी भव्य तिरंगा रैली
मुख्य मुद्दा: धारावी पुनर्विकास परियोजना के अंतर्गत 350 वर्ग फीट के बजाय 500 वर्ग फीट का घर देने की मांग और मुलुंड (मीठागर/डंपिंग ग्राउंड) तथा कुर्ला (दूध डेअरी) में धारावी के विस्थापितों के पुनर्वास का स्थानीय स्तर पर कड़ा विरोध. राजनीतिक जुड़ाव: शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता आदित्य ठाकरे के साथ हुई बैठक के बाद इस विरोध को और अधिक धार दी गई है. आगामी कार्यक्रम: आगामी 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) को धारावी, मुलुंड पूर्व और कुर्ला दूध डेअरी परिसर में भव्य 'तिरंगा रैलियां' निकाली जाएंगी, और इसके 10 दिनों के भीतर एक बड़ा संयुक्त जन-आंदोलन किया जाएगा.

धारावी पुनर्विकास परियोजना (DRP) के तहत राज्य सरकार और अडानी समूह द्वारा संचालित इस प्रोजेक्ट में अपात्र और पात्र दोनों तरह के रहवासियों के पुनर्वास की योजना है। हालांकि, धारावी बचाओ आंदोलन की मांग है कि हर परिवार को 500 वर्ग फीट का घर मिलना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को धारावी से बाहर नहीं फेंका जाना चाहिए। दूसरी तरफ, मुलुंड पूर्व की मीठागर (साल्ट पैन) की 42.51 एकड़ जमीन और डंपिंग ग्राउंड की जमीन के साथ-साथ कुर्ला मदर डेयरी की जमीन को इस प्रोजेक्ट के लिए आवंटित किए जाने का स्थानीय लोग पुरजोर विरोध कर रहे हैं।
हाल ही में शिवसेना (उद्धव गुट) के वरिष्ठ नेता आदित्य ठाकरे के साथ हुई मैराथन बैठक के बाद इस आंदोलन को एक व्यापक राजनीतिक और सामाजिक आयाम मिल गया है। तय रणनीति के तहत, आगामी 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) को धारावी, मुलुंड और कुर्ला में भव्य 'तिरंगा रैलियां' निकाली जाएंगी। धारावी में मुकुंदनगर के संविधान चौक से यह रैली शुरू होगी। आयोजकों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जबरन घर खाली कराने की कार्रवाई बंद नहीं की और मांगें नहीं मानीं, तो स्वतंत्रता दिवस के 10 दिनों के भीतर मुंबई में एक ऐतिहासिक और विशाल जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
