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धारावी पुनर्विकास के खिलाफ आंदोलन हुआ तेज, 15 अगस्त को धारावी, मुलुंड और कुर्ला में निकलेगी भव्य तिरंगा रैली

मुख्य मुद्दा: धारावी पुनर्विकास परियोजना के अंतर्गत 350 वर्ग फीट के बजाय 500 वर्ग फीट का घर देने की मांग और मुलुंड (मीठागर/डंपिंग ग्राउंड) तथा कुर्ला (दूध डेअरी) में धारावी के विस्थापितों के पुनर्वास का स्थानीय स्तर पर कड़ा विरोध. राजनीतिक जुड़ाव: शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता आदित्य ठाकरे के साथ हुई बैठक के बाद इस विरोध को और अधिक धार दी गई है. आगामी कार्यक्रम: आगामी 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) को धारावी, मुलुंड पूर्व और कुर्ला दूध डेअरी परिसर में भव्य 'तिरंगा रैलियां' निकाली जाएंगी, और इसके 10 दिनों के भीतर एक बड़ा संयुक्त जन-आंदोलन किया जाएगा.

Khushi08 अग. 2026, 06:47 PM IST
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धारावी पुनर्विकास के खिलाफ आंदोलन हुआ तेज, 15 अगस्त को धारावी, मुलुंड और कुर्ला में निकलेगी भव्य तिरंगा रैली
धारावी: धारावी पुनर्विकास परियोजना को लेकर उपजा विवाद अब मुंबई की राजनीति का केंद्र बन गया है, जहां एक ओर सरकार इस मेगा प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाने में जुटी है, वहीं शिवसेना (उद्धव गुट) के नेतृत्व में धारावी, मुलुंड और कुर्ला के निवासियों ने एकजुट होकर 15 अगस्त को आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। यह मुद्दा महज घरों के आकार (350 बनाम 500 वर्ग फीट) तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह मुंबई के शहरी नियोजन (Urban Planning), जन-सांख्यिकीय संतुलन और पर्यावरण संरक्षण की एक बड़ी लड़ाई का रूप ले चुका है। मुलुंड और कुर्ला जैसे इलाकों में धारावी के विस्थापितों को बसाए जाने के फैसले ने स्थानीय रहवासियों में इस बात का डर पैदा कर दिया है कि इससे उनके इलाके के संसाधनों पर भारी दबाव पड़ेगा, जिसका राजनीतिक लाभ उठाने के लिए विपक्ष पूरी तरह सक्रिय हो गया है।

धारावी पुनर्विकास परियोजना (DRP) के तहत राज्य सरकार और अडानी समूह द्वारा संचालित इस प्रोजेक्ट में अपात्र और पात्र दोनों तरह के रहवासियों के पुनर्वास की योजना है। हालांकि, धारावी बचाओ आंदोलन की मांग है कि हर परिवार को 500 वर्ग फीट का घर मिलना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को धारावी से बाहर नहीं फेंका जाना चाहिए। दूसरी तरफ, मुलुंड पूर्व की मीठागर (साल्ट पैन) की 42.51 एकड़ जमीन और डंपिंग ग्राउंड की जमीन के साथ-साथ कुर्ला मदर डेयरी की जमीन को इस प्रोजेक्ट के लिए आवंटित किए जाने का स्थानीय लोग पुरजोर विरोध कर रहे हैं।

हाल ही में शिवसेना (उद्धव गुट) के वरिष्ठ नेता आदित्य ठाकरे के साथ हुई मैराथन बैठक के बाद इस आंदोलन को एक व्यापक राजनीतिक और सामाजिक आयाम मिल गया है। तय रणनीति के तहत, आगामी 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) को धारावी, मुलुंड और कुर्ला में भव्य 'तिरंगा रैलियां' निकाली जाएंगी। धारावी में मुकुंदनगर के संविधान चौक से यह रैली शुरू होगी। आयोजकों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जबरन घर खाली कराने की कार्रवाई बंद नहीं की और मांगें नहीं मानीं, तो स्वतंत्रता दिवस के 10 दिनों के भीतर मुंबई में एक ऐतिहासिक और विशाल जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा।