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नंदुरबार में बाल शोषण का भयावह मामला: 53 नाबालिगों से जुड़े आरोप

महाराष्ट्र के नंदुरबार से नाबालिगों के कथित यौन शोषण का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने 22 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से नाबालिगों से संबंधित बड़ी संख्या में आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री मिलने की बात सामने आई है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में 53 नाबालिगों से जुड़े आरोप, 649 वीडियो क्लिप और 1,100 से अधिक तस्वीरों का उल्लेख किया गया है। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच के साथ मामले की पूरी कड़ी खंगाल रही है।

sd09 अग. 2026, 09:35 PM IST
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नंदुरबार में बाल शोषण का भयावह मामला: 53 नाबालिगों से जुड़े आरोप
नंदुरबार: महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में सामने आए नाबालिगों के कथित यौन शोषण के मामले ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है। पुलिस ने इस मामले में 22 वर्षीय एक युवक को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में आरोपी पर नाबालिग लड़कों के कथित यौन शोषण और घटनाओं की रिकॉर्डिंग करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं।

मोबाइल फोन की जांच से खुला मामला
पुलिस जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन की जांच की गई, जिसमें नाबालिगों से संबंधित आपत्तिजनक वीडियो मिलने की बात सामने आई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक फोन से 600 से अधिक वीडियो मिलने का उल्लेख है। वहीं, स्थानीय रिपोर्टों में जांच के दौरान 649 वीडियो क्लिप और 1,100 से अधिक तस्वीरें मिलने का दावा किया गया है। पुलिस इन डिजिटल फाइलों की फोरेंसिक जांच करा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सामग्री कब और कहां तैयार की गई तथा इसमें कितने नाबालिग प्रभावित हुए।

53 नाबालिगों से जुड़े होने का दावा
मामले की जांच से जुड़े विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में 53 नाबालिगों के मामले से जुड़े होने की बात कही गई है। हालांकि, यह संख्या अभी जांच का हिस्सा है और इसे अंतिम आधिकारिक आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए। पुलिस संभावित पीड़ितों की पहचान और उनके बयान दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी ने कथित तौर पर बच्चों को किस तरह अपने संपर्क में लिया और क्या किसी तरह की धमकी या ब्लैकमेलिंग की गई थी।

कई वर्षों से गतिविधि चलने की आशंका
प्रारंभिक पुलिस जांच के आधार पर आरोपी की गतिविधियों की पुरानी कड़ियों को भी खंगाला जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, कथित गतिविधियां वर्ष 2022 से चलने की आशंका है।
जांच एजेंसियां आरोपी के मोबाइल फोन, चैट, फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल डेटा की पड़ताल कर रही हैं। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या मामले में आरोपी के अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।
क्या डिजिटल सामग्री किसी और तक पहुंची?
पुलिस जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि आरोपी के पास मिली डिजिटल सामग्री केवल उसके निजी डिवाइस तक सीमित थी या उसे किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा अथवा ऑनलाइन प्रसारित किया गया था। फोरेंसिक जांच से डिजिटल सामग्री के स्रोत, समय और संभावित प्रसार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

POCSO कानून के तहत गंभीर अपराध
नाबालिगों के कथित यौन शोषण से संबंधित अपराधों पर Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) Act के तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। मामले में पुलिस ने संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू की है। आगे की जांच में सामने आने वाले तथ्यों और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आरोपों और धाराओं में आवश्यक बदलाव किया जा सकता है।
पीड़ित बच्चों की पहचान सार्वजनिक नही की जा सकती।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की जांच, आरोपी से पूछताछ और संभावित पीड़ितों की पहचान की प्रक्रिया में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मामले में कुल कितने बच्चे प्रभावित हुए और बरामद डिजिटल सामग्री की वास्तविक संख्या कितनी है।
Disclaimer: इस रिपोर्ट में बताए गए 53 नाबालिग, 649 वीडियो और 1,100 से अधिक तस्वीरों के आंकड़े विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में सामने आए हैं। अंतिम और आधिकारिक आंकड़े पुलिस जांच तथा फोरेंसिक रिपोर्ट पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।