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पूर्वोत्तर में पर्यटन को बढ़ावा देने पर सरकार का जोर, हवाई संपर्क से लेकर पर्यटन उत्सवों तक कई पहल
केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई स्तरों पर पहल की है। पर्यटन मंत्रालय द्वारा प्रचार अभियानों, अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट, मेलों और उत्सवों के आयोजन में वित्तीय सहायता, डिजिटल प्लेटफॉर्म, पर्यटन बुनियादी ढांचे के विकास और हवाई संपर्क बढ़ाने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोमवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
Priyanka Gaikwad11 अग. 2026, 01:38 PM IST
नई दिल्ली। पर्यटन मंत्रालय वर्ष 2013 से पूर्वोत्तर क्षेत्र में इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट (ITM) का आयोजन कर रहा है। इसका उद्देश्य असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम की पर्यटन क्षमता को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने लाना है। पिछले इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट का आयोजन 13 से 16 नवंबर 2025 तक सिक्किम के गंगटोक में किया गया था।
2025 में असम सबसे आगे पर्यटन मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2025 में पूर्वोत्तर राज्यों में घरेलू पर्यटक यात्राओं के मामले में असम सबसे आगे रहा। असम में 90,55,943 घरेलू पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं। इसके बाद मेघालय में 18,48,239, सिक्किम में 16,54,838 और अरुणाचल प्रदेश में 9,13,383 घरेलू पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं। विदेशी पर्यटकों के मामले में सिक्किम सबसे आगे रहा। वर्ष 2025 में सिक्किम में 68,992 विदेशी पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं। असम में 33,858, त्रिपुरा में 27,320 और मिजोरम में 11,484 विदेशी पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी प्रचार : पर्यटन मंत्रालय ने सितंबर 2024 में इनक्रेडिबल इंडिया वेबसाइट को नए रूप में विकसित किया। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पूर्वोत्तर के पर्यटन स्थलों और उत्पादों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जा रहा है। मंत्रालय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पूर्वोत्तर के पर्यटन स्थलों को लेकर नियमित रूप से पोस्ट, लाइव सत्र और अन्य प्रचार सामग्री साझा की जाती है।
मेलों और उत्सवों को आर्थिक मदद : पूर्वोत्तर राज्यों में स्थानीय संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न मेलों और उत्सवों को केंद्रीय वित्तीय सहायता भी दी जा रही है। असम के रोंगाली और भोगली महोत्सव से लेकर अरुणाचल प्रदेश के तवांग महोत्सव, मणिपुर के संगाई महोत्सव, मेघालय के वांगला और नोंगक्रेम महोत्सव, नागालैंड के हॉर्नबिल महोत्सव तथा सिक्किम के विभिन्न पर्यटन उत्सवों तक कई आयोजनों को सहायता दी गई है।
पर्यटन ढांचे के विकास पर भी जोर : सरकार की स्वदेश दर्शन, प्रसाद, केंद्रीय एजेंसियों को पर्यटन अवसंरचना विकास के लिए सहायता, राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता और चुनौती आधारित गंतव्य विकास जैसी योजनाओं के तहत पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को विकसित किया जा रहा है। स्वदेश दर्शन योजना को अब स्वदेश दर्शन 2.0 के रूप में पुनर्गठित किया गया है, जिसका उद्देश्य टिकाऊ और जिम्मेदार पर्यटन स्थलों का विकास करना है।
सफाई और पर्यटक जागरूकता अभियान : पर्यटन मंत्रालय जल शक्ति मंत्रालय के सहयोग से स्वच्छता कार्य योजना भी लागू कर रहा है। वर्ष 2025-26 में पर्यटक, छात्र और हितधारक जागरूकता के तहत 200 गतिविधियां आयोजित की गईं। वर्ष 2025 में स्वच्छता पखवाड़ा के तहत 277 और स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत 244 गतिविधियां देशभर में आयोजित की गईं।
हवाई संपर्क को मजबूत करने की कोशिश पूर्वोत्तर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बेहतर हवाई संपर्क पर भी सरकार का जोर है। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना-उड़ान के तहत पर्यटन स्थलों तक हवाई यात्रा को अधिक सुलभ बनाने की कोशिश की जा रही है। पर्यटन मंत्रालय ने व्यवहार्यता अंतर निधि के माध्यम से भी सहयोग किया है।पूर्वोत्तर के कई हवाई मार्ग पर्यटन आरसीएस मार्गों में शामिल किए गए हैं। इनमें डिब्रूगढ़-दिमापुर, दिमापुर-इम्फाल, अगरतला-आइजोल, डिब्रूगढ़-इम्फाल और होलोंगी-गुवाहाटी जैसे मार्ग शामिल हैं।
2025 में असम सबसे आगे पर्यटन मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2025 में पूर्वोत्तर राज्यों में घरेलू पर्यटक यात्राओं के मामले में असम सबसे आगे रहा। असम में 90,55,943 घरेलू पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं। इसके बाद मेघालय में 18,48,239, सिक्किम में 16,54,838 और अरुणाचल प्रदेश में 9,13,383 घरेलू पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं। विदेशी पर्यटकों के मामले में सिक्किम सबसे आगे रहा। वर्ष 2025 में सिक्किम में 68,992 विदेशी पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं। असम में 33,858, त्रिपुरा में 27,320 और मिजोरम में 11,484 विदेशी पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं।
जनवरी-जून 2026 में भी पर्यटन गतिविधियां जारी
जनवरी से जून 2026 के दौरान सिक्किम में 23,52,725 घरेलू पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं, जो इस अवधि में पूर्वोत्तर राज्यों में सबसे अधिक हैं। असम में 46,04,112 घरेलू और 32,471 विदेशी पर्यटक यात्राएं दर्ज हुईं। सिक्किम में इसी अवधि में 43,734 विदेशी पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं। सरकार का कहना है कि डिजिटल प्रचार, पर्यटन उत्सवों को सहायता, बेहतर बुनियादी ढांचे, स्वच्छता अभियानों और हवाई संपर्क में सुधार जैसे कदमों के जरिए पूर्वोत्तर क्षेत्र की पर्यटन क्षमता को देश और दुनिया के सामने लाने का प्रयास जारी है।
