education

उच्च शिक्षा में बढ़ी भागीदारी, चार साल में संस्थानों की संख्या 4,030 से 7,692 पहुंची

भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र में NIRF की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। 2021 से 2025 के बीच NIRF में शामिल unique institutions की संख्या 4,030 से बढ़कर 7,692 हो गई, जबकि applications 6,272 से बढ़कर 14,163 पहुंच गए। सरकार के अनुसार NEP 2020 के तहत शिक्षा की गुणवत्ता, research, innovation, infrastructure और industry-linked skills पर जोर दिया जा रहा है।

Anshuman Mishra11 अग. 2026, 03:45 PM IST
खबर शेयर करें:
उच्च शिक्षा में बढ़ी भागीदारी, चार साल में संस्थानों की संख्या 4,030 से 7,692 पहुंची


नई दिल्ली:  भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार National Institutional Ranking Framework यानी NIRF में भाग लेने वाले unique institutions की संख्या 2021 में 4,030 थी, जो 2025 में बढ़कर 7,692 हो गई। इसी अवधि में NIRF के लिए प्राप्त applications भी 6,272 से बढ़कर 14,163 हो गए।

NIRF को केंद्र सरकार ने 2015 में शुरू किया था। इसमें उच्च शिक्षण संस्थानों का मूल्यांकन Teaching, Learning & Resources, Research & Professional Practices, Graduation Outcomes, Outreach & Inclusivity और Peer Perception जैसे पांच प्रमुख मानकों पर किया जाता है। इसका उद्देश्य संस्थानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को प्रोत्साहित करना है। वैश्विक स्तर पर भी भारतीय संस्थानों की मौजूदगी बढ़ी है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार QS World University Rankings में भारतीय संस्थानों की संख्या 2015 के 11 से बढ़कर QS World University Rankings 2027 में 52 हो गई है। 


NEP 2020 के तहत multidisciplinary education, critical thinking, research, innovation, infrastructure और teacher training पर जोर दिया जा रहा है। सरकार ने PM-USHA के जरिए state universities में quality improvement और infrastructure development को समर्थन दिया है। वहीं Institutions of Eminence scheme के जरिए चुनिंदा संस्थानों को अधिक academic, administrative और financial autonomy देने की व्यवस्था की गई है। 2014 के बाद 43 नए premier institutes स्थापित किए गए हैं, जिनमें सात IIT, आठ Central Universities और नौ IIM शामिल हैं। नए IITs के research infrastructure के विस्तार के लिए 11,828.79 करोड़ रुपये का outlay भी मंजूर किया गया है।


छात्रों की employability बढ़ाने के लिए सरकार AI, Data Science, Machine Learning, Cyber Security, Robotics और Quantum Computing जैसे क्षेत्रों को technical education में शामिल कर रही है। Internship, apprenticeship और skill-based courses को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। SWAYAM Plus पर 15 sectors में 500 से अधिक employability-focused courses उपलब्ध हैं और 89 industries के साथ collaboration किया गया है।


क्यों है यह महत्वपूर्ण

NIRF में बढ़ती भागीदारी और global rankings में भारतीय संस्थानों की बेहतर मौजूदगी higher education में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और quality improvement का संकेत देती है। इसका फायदा छात्रों को बेहतर infrastructure, research opportunities, industry exposure और रोजगार-केंद्रित शिक्षा के रूप में मिल सकता है। हालांकि केवल ranking बढ़ना पर्याप्त नहीं है; असली सफलता teaching quality, research, placements और छात्रों के वास्तविक learning outcomes में सुधार से तय होगी।

शिक्षा मंत्रालय की यह जानकारी 10 अगस्त 2026 को लोकसभा में राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार के लिखित जवाब के माध्यम से दी गई।