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महाराष्ट्र सरकार ने 15 निजी अनुवादकों की सूची जारी की; मराठी-अंग्रेजी अनुवाद के लिए नई व्यवस्था
महाराष्ट्र सरकार के मराठी भाषा विभाग ने सरकारी, अर्ध-सरकारी कार्यालयों और स्वायत्त संस्थाओं से प्राप्त अंग्रेजी एवं मराठी दस्तावेजों के अनुवाद के लिए 15 निजी अनुवादकों की सूची को मंजूरी दी है। इस सूची की अवधि तीन वर्ष या सरकार के अगले आदेश तक रहेगी। अनुवाद के लिए पहले 5 हजार शब्दों पर 1.50 रुपये प्रति शब्द, जबकि 5 हजार से अधिक शब्दों के लिए 1.40 रुपये प्रति शब्द की दर निर्धारित की गई है।
Priyanka Gaikwad11 अग. 2026, 03:45 PM IST

मुंबई : 11 अगस्त: महाराष्ट्र सरकार के मराठी भाषा विभाग ने अंग्रेजी और मराठी दस्तावेजों के अनुवाद के लिए निजी अनुवादकों की नई सूची तैयार करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में शासन निर्णय 10 अगस्त 2026 को जारी किया गया है। सरकारी कामकाज में मराठी भाषा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और विभिन्न विभागों से प्राप्त दस्तावेजों का समय पर अनुवाद सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था की गई है। शासन निर्णय के अनुसार 15 निजी अनुवादकों की सूची तैयार की गई है। इस सूची में पुणे, मुंबई, ठाणे, डोंबिवली और छत्रपति संभाजीनगर के अनुवादक शामिल हैं। संबंधित सरकारी एवं अर्ध-सरकारी कार्यालय तथा स्वायत्त संस्थाएं सूची में शामिल अनुवादकों से अनुवाद का काम करा सकेंगी।
किन दस्तावेजों का होगा अनुवाद?
सूची में शामिल अनुवादकों के कार्यक्षेत्र को मुख्य रूप से सरकारी विभागों, कार्यालयों और स्वायत्त संस्थाओं से अनुवाद के लिए प्राप्त होने वाले अंग्रेजी एवं मराठी दस्तावेजों तक सीमित रखा गया है।हालांकि, विधानमंडल का कामकाज, बजट संबंधी प्रकाशन, सरकारी विधेयक, केंद्रीय एवं राज्य कानून, अधिसूचनाएं, वैधानिक स्वरूप का कामकाज और गोपनीय दस्तावेज निजी अनुवादकों के कार्यक्षेत्र में शामिल नहीं होंगे। इन दस्तावेजों का अनुवाद भाषा संचालनालय के माध्यम से ही किया जाएगा।
अनुवाद के लिए कितना मिलेगा मानदेय?
शासन निर्णय के अनुसार अनुवाद और टंकलेखन के लिए निम्न दरें निर्धारित की गई हैं:
- पहले 5,000 शब्द – 1.50 रुपये प्रति शब्द
- 5,000 से अधिक शब्द – 1.40 रुपये प्रति शब्द
इन दरों में अनुवाद और टंकलेखन दोनों शामिल हैं। अनुवाद का काम पूरा होने के बाद संबंधित अनुवादक को मानदेय जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी काम देने वाले संबंधित विभाग या कार्यालय की होगी।
अनुवादकों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
सूची में शामिल अनुवादकों को भाषा संचालनालय द्वारा विकसित परिभाषा कोश का इस्तेमाल करना होगा। विभिन्न विभागों में काम की प्रकृति के अनुसार इस्तेमाल होने वाली विशेष संज्ञाओं और शब्दावली को समझकर सटीक अनुवाद करना अनिवार्य होगा। अनुवादकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुवाद पूरा कर उसकी टंकलिखित प्रति संबंधित विभाग या कार्यालय को देनी होगी। प्रत्येक अनुवादक को अपने द्वारा किए गए अनुवाद कार्य की त्रैमासिक रिपोर्ट भाषा संचालनालय, मुंबई को प्रस्तुत करनी होगी।इसके अलावा, अनुवादक द्वारा किए गए अनुवाद को अपनी हस्ताक्षर और मुहर के साथ प्रमाणित करके देना आवश्यक होगा।
अनुवादकों के काम का होगा मूल्यांकन
सूची में शामिल अनुवादकों के काम का समय-समय पर मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों और कार्यालयों से प्राप्त फीडबैक तथा अनुवादकों की रिपोर्ट को आधार बनाया जाएगा। भाषा संचालनालय अनुवादकों और संबंधित कार्यालयों को अनुवाद कार्य से जुड़े आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा। साथ ही, इस काम के दौरान आने वाली समस्याओं और शिकायतों का भी समाधान किया जाएगा। हर वर्ष मई महीने में सूची में शामिल अनुवादकों द्वारा किए गए कार्य की समेकित वार्षिक रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत की जाएगी।
असंतोषजनक काम पर नियुक्ति रद्द होगी यदि किसी अनुवादक का काम संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उसकी सूची में शामिल नियुक्ति रद्द करने का अधिकार सरकार के पास रहेगा। इस शासन निर्णय के तहत बनाई गई अनुवादकों की सूची की अवधि तीन वर्ष या सरकार के अगले आदेश तक रहेगी।
