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KGMU में AI चैटबॉट से आसान होगा इलाज का सफर, घर बैठे मिलेगी डॉक्टर-OPD की जानकारी; अप्रैल
लखनऊ के KGMU में मरीजों की सुविधा बढ़ाने के लिए AI तकनीक के इस्तेमाल को बड़े स्तर पर बढ़ाने की तैयारी है। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद के मुताबिक प्रस्तावित AI चैटबॉट मरीजों को मोबाइल, वेबसाइट या अस्पताल के ऐप के जरिए विभाग, डॉक्टर, OPD समय और उपलब्धता जैसी जानकारी देगा। जरूरत पड़ने पर इसी माध्यम से अपॉइंटमेंट की सुविधा भी जोड़ी जा सकती है। इसके साथ ही KGMU में 500 बेड वाले Trauma-2 को अप्रैल 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य है। इसके संचालन के लिए करीब 1,750 पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है।
sd11 अग. 2026, 03:46 PM IST

लखनऊ Lucknow King George's Medical University (KGMU) में मरीजों को बेहतर और आसान स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल तकनीक और AI का इस्तेमाल बढ़ाने की तैयारी है। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने अपने दूसरे कार्यकाल की प्राथमिकताओं की जानकारी देते हुए AI आधारित सेवाओं पर विशेष जोर देने की बात कही है। प्रस्तावित AI चैटबॉट मरीजों के लिए डिजिटल हेल्पर की तरह काम करेगा। मरीज मोबाइल, KGMU की वेबसाइट या अस्पताल के ऐप के माध्यम से अपनी जरूरत से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे और उन्हें अस्पताल की सेवाओं से संबंधित जानकारी मिल सकेगी।
किस बीमारी में किस विभाग में जाना है, AI बताएगा
चैटबॉट के जरिए मरीज यह जान सकेंगे कि उनकी समस्या के लिए KGMU के किस विभाग में जाना चाहिए और वहां कौन से डॉक्टर को दिखाया जा सकता है। इसके अलावा OPD का समय, डॉक्टर की उपलब्धता और अपॉइंटमेंट से जुड़ी जानकारी भी प्राप्त की जा सकेगी। जरूरत के अनुसार भविष्य में चैटबॉट के माध्यम से डॉक्टर का अपॉइंटमेंट लेने की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। हालांकि, AI का उद्देश्य डॉक्टर की जगह लेना नहीं बल्कि मरीज को सही विभाग और सेवा तक पहुंचने में मदद करना होगा। KGMU पहले से ही डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं और AI आधारित तकनीक को बढ़ावा दे रहा है। संस्थान में AI-enabled diagnostic technology के इस्तेमाल की दिशा में भी काम हुआ है।
दूर-दराज से आने वाले मरीजों को सबसे ज्यादा फायदा
KGMU में उत्तर प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। पहली बार आने वाले मरीजों और तीमारदारों को अक्सर यह पता लगाने में परेशानी होती है कि संबंधित OPD, जांच केंद्र या विभाग कहां स्थित है।
प्रस्तावित चैटबॉट OPD, लैब, एक्स-रे, MRI, इमरजेंसी और फार्मेसी जैसी सुविधाओं की लोकेशन बताने में मदद करेगा। साथ ही संबंधित विभाग के OPD समय और डॉक्टर की उपलब्धता की जानकारी भी दी जा सकेगी। इससे मरीजों को अस्पताल परिसर में इधर-उधर भटकने से राहत मिलने और अनावश्यक भीड़ कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अप्रैल 2027 तक तैयार होगा 500 बेड का Trauma-2
AI सुविधा के साथ KGMU में ट्रॉमा सेवाओं के विस्तार की भी बड़ी तैयारी है। Trauma-2 को अप्रैल 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। करीब 500 बेड क्षमता वाले इस नए ट्रॉमा सेंटर के शुरू होने के बाद मौजूदा Trauma-1 पर मरीजों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। जानकारी के मुताबिक Trauma-2 के निर्माण समेत अन्य कार्यों पर करीब 275 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। भवन तैयार होने के बाद गंभीर मरीजों के लिए अतिरिक्त बेड और उपचार की क्षमता उपलब्ध होगी।
1750 पदों पर भर्ती की तैयारी
Trauma-2 को शुरू करने के लिए KGMU प्रशासन ने मानव संसाधन की तैयारी भी शुरू कर दी है। डॉक्टरों के अलावा रेजिडेंट डॉक्टर, स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल और अन्य श्रेणियों के कर्मचारियों की जरूरत का आकलन किया गया है।
इसके लिए करीब 1,750 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव तैयार किए जाने की जानकारी दी गई है। अधिकारियों की मंजूरी के बाद भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
400 बेड पर 500 से ज्यादा मरीजों का दबाव
मौजूदा Trauma-1 में मरीजों की संख्या क्षमता से अधिक होने की समस्या बनी रहती है। करीब 400 बेड की क्षमता के बावजूद कई मौकों पर 500 से अधिक मरीज भर्ती रहने की स्थिति सामने आती है।
अत्यधिक दबाव के कारण कई मरीजों को स्ट्रेचर पर इलाज कराना पड़ता है। गंभीर मरीजों की संख्या अधिक होने से डॉक्टरों, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ पर भी अतिरिक्त दबाव रहता है।
ऐसे में Trauma-2 शुरू होने के बाद दोनों केंद्रों के बीच मरीजों का दबाव बांटा जा सकेगा। इससे गंभीर मरीजों को समय पर बेड उपलब्ध कराने और इमरजेंसी सेवाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
गंभीर मरीजों के लिए बढ़ेगी क्षमता
KGMU के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के मुताबिक ट्रॉमा सेंटर में सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर चोटों और अन्य आपात स्थितियों वाले मरीज बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। नए 500 बेड के Trauma-2 के संचालन से गंभीर मरीजों के इलाज की क्षमता बढ़ेगी और मौजूदा ट्रॉमा सेंटर पर दबाव कम होगा।
एक साथ बदलेंगी KGMU की डिजिटल और ट्रॉमा सेवाएं
KGMU की आगामी योजनाओं में एक तरफ AI आधारित डिजिटल सहायता के जरिए मरीजों के अस्पताल तक पहुंचने और अपॉइंटमेंट की प्रक्रिया को आसान बनाने पर जोर है, वहीं दूसरी तरफ Trauma-2 के जरिए गंभीर मरीजों के लिए इलाज की क्षमता बढ़ाने की तैयारी है।
अगर दोनों योजनाएं तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो आने वाले समय में मरीजों के लिए जानकारी से लेकर अस्पताल में इलाज तक की पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और डिजिटल हो सकती है।
एक नजर में
🤖 AI चैटबॉट: मोबाइल/वेबसाइट/ऐप के जरिए जानकारी
🩺 डॉक्टर और विभाग की जानकारी
📅 OPD समय व उपलब्धता की जानकारी
📲 भविष्य में चैटबॉट से अपॉइंटमेंट की सुविधा
🏥 Trauma-2: 500 बेड
📅 लक्ष्य: अप्रैल 2027
💰 अनुमानित खर्च: करीब ₹275 करोड़
👨⚕️ प्रस्तावित भर्ती: करीब 1,750 पद
🚑 उद्देश्य: Trauma-1 पर मरीजों का दबाव कम करना
