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सांस्कृतिक कूटनीति को मजबूत करने की तैयारी, 98 देशों के साथ भारत के सांस्कृतिक सहयोग कार्यक्रम

केंद्र सरकार भारत की सांस्कृतिक विरासत, विविधता और रचनात्मक परंपराओं को दुनिया तक पहुंचाने के लिए वैश्विक सहभागिता योजना के तहत विभिन्न पहल चला रही है। इस योजना के अंतर्गत 98 देशों के साथ वैध सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम हैं। भारत महोत्सव, कलाकारों को विदेश भेजना, विरासत संरक्षण और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक मंचों में भागीदारी इसके प्रमुख हिस्से हैं।

Priyanka Gaikwad11 अग. 2026, 05:48 PM IST
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सांस्कृतिक कूटनीति को मजबूत करने की तैयारी, 98 देशों के साथ भारत के सांस्कृतिक सहयोग कार्यक्रम
नई दिल्ली। भारत सरकार सांस्कृतिक कूटनीति के माध्यम से दुनिया के विभिन्न देशों के साथ अपने सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दे रही है। संस्कृति मंत्रालय की वैश्विक सहभागिता योजना (Global Engagement Scheme) का उद्देश्य भारत की अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक सहभागिता को बढ़ावा देना और सांस्कृतिक सहयोग के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करना है। इस योजना के माध्यम से द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग के जरिए भारत की सभ्यतागत विरासत, सांस्कृतिक विविधता और समकालीन रचनात्मक परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा दिया जाता है। योजना में सांस्कृतिक आदान-प्रदान, विरासत संरक्षण, दस्तावेजीकरण, क्षमता निर्माण और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संगठनों के साथ सहयोग जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

योजना के चार प्रमुख घटक
वैश्विक सहभागिता योजना के अंतर्गत चार प्रमुख घटक शामिल हैं—अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (ICEP), प्रोजेक्ट मौसम, बृहत्तर भारत तथा भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत एवं विविध सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण की योजना। अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत भारत महोत्सव आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा भारतीय कलाकारों और सांस्कृतिक दलों को विदेश भेजा जाता है तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों, समझौता ज्ञापनों और अन्य द्विपक्षीय सांस्कृतिक सहयोग तंत्रों को लागू किया जाता है।

98 देशों के साथ सांस्कृतिक सहयोग
संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में भारत के 98 देशों के साथ वैध सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (CEP) हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से संस्कृति, संग्रहालय, विरासत, प्रदर्शनकारी कलाओं और अन्य संबंधित क्षेत्रों में सहयोग के लिए संस्थागत ढांचा उपलब्ध कराया जाता है। भारत BRICS, G20, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) और BIMSTEC जैसे बहुपक्षीय सांस्कृतिक मंचों में भी सक्रिय भागीदारी करता है।

ICCR भी निभा रहा अहम भूमिका
विदेश मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संगठन भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) भी इन प्रयासों को मजबूती प्रदान कर रहा है। विदेशों में स्थित भारतीय सांस्कृतिक केंद्रों और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से ICCR भारतीय संस्कृति और विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करता है। भारत में आयोजित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सवों में विदेशी कलाकारों को आमंत्रित कर सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाता है।

इसके अलावा ICCR दृश्य कला प्रदर्शनियों, कला आवास कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अवसरों के आयोजन के जरिए भारत की सांस्कृतिक विरासत को दुनिया तक पहुंचाता है। यह जानकारी केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने 10 अगस्त 2026 को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।