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इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर! PM E-DRIVE सब्सिडी FY28 तक बढ़ी

PM E-DRIVE योजना के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी को FY28 तक बढ़ा दिया गया है। सरकार ने e-2W के लिए बजट 1,772 करोड़ से बढ़ाकर 2,767 करोड़ रुपये कर दिया है और करीब 45.7 लाख वाहनों को सब्सिडी के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा है। प्रति वाहन अधिकतम 5,000 रुपये की सब्सिडी जारी रहेगी।

Anshuman Mishra12 अग. 2026, 12:39 AM IST
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इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर! PM E-DRIVE सब्सिडी FY28 तक बढ़ी
नई दिल्ली: इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने PM E-DRIVE योजना के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी को आगे बढ़ा दिया है। अब यह सब्सिडी वित्त वर्ष 2027-28 तक जारी रहेगी।

इस फैसले के साथ इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए सरकार ने बजट आवंटन भी बढ़ा दिया है। पहले इस कैटेगरी के लिए करीब 1,772 करोड़ रुपये का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर 2,767 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यानी आवंटन में करीब 1,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

कितनी मिलेगी सब्सिडी?
PM E-DRIVE के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पर सब्सिडी की दर 2,500 रुपये प्रति किलोवॉट-घंटा बैटरी क्षमता रहेगी। हालांकि, एक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पर अधिकतम 5,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी। यानी बड़ी बैटरी होने का मतलब यह नहीं है कि सब्सिडी भी उसी अनुपात में बढ़ती जाएगी। सरकार ने प्रति वाहन अधिकतम लाभ 5,000 रुपये पर सीमित रखा है।

45.7 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को मिलेगा फायदा
सरकार ने इस योजना के तहत सब्सिडी पाने वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का लक्ष्य भी बढ़ाया है। अब करीब 45.7 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को इस प्रोत्साहन के दायरे में लाने का लक्ष्य है। पहले यह संख्या 24 लाख से कुछ ज्यादा थी। इसका सीधा मतलब है कि आने वाले वर्षों में ज्यादा संख्या में इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक खरीदारों को सरकारी प्रोत्साहन का फायदा मिल सकता है।

PM E-DRIVE का कुल बजट भी बढ़ा
सिर्फ इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का बजट ही नहीं बढ़ाया गया है। PM E-DRIVE योजना का कुल परिव्यय भी 10,900 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 11,900 करोड़ रुपये कर दिया गया है। योजना के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों के अलावा ई-बस, ई-ट्रक और इलेक्ट्रिक/हाइब्रिड एंबुलेंस जैसी श्रेणियां भी शामिल हैं।

सब्सिडी की आखिरी तारीख क्या है?
नए फैसले के मुताबिक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए सब्सिडी का दावा करने की अंतिम तारीख अब 31 दिसंबर 2027 होगी। यानी FY28 तक इस कैटेगरी को सरकारी समर्थन मिलता रहेगा।

आखिर सरकार ने क्यों बढ़ाई सब्सिडी?
दरअसल, भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री लगातार बढ़ रही है। Vahan के आंकड़ों के मुताबिक FY22 में जहां करीब 2.53 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बिके थे, वहीं FY26 में यह संख्या बढ़कर करीब 14.6 लाख हो गई। इसी अवधि में पेट्रोल दोपहिया वाहनों की बिक्री करीब 1.32 करोड़ से घटकर लगभग 1.10 करोड़ रह गई। इससे साफ है कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में तेजी से अपनी जगह बना रहे हैं।

पेट्रोल की खपत पर भी पड़ेगा असर
इस फैसले का असर सिर्फ EV बाजार तक सीमित नहीं रहेगा। भारत में पेट्रोल की खपत में दोपहिया वाहनों की बड़ी हिस्सेदारी है। पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल के आंकड़ों के अनुसार FY26 में देश में बिकने वाले करीब 4.26 करोड़ टन पेट्रोल में से लगभग दो-तिहाई की खपत दोपहिया वाहनों ने की। ऐसे में पेट्रोल दोपहिया वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक बढ़ने से लंबे समय में पेट्रोल की मांग और आयात पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

EV कंपनियों के लिए भी राहत
सरकार के इस फैसले से इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बनाने वाली कंपनियों को भी ज्यादा नीतिगत स्पष्टता मिलेगी। कंपनियों को अब कम से कम FY28 तक सब्सिडी व्यवस्था जारी रहने की जानकारी है, जिससे उत्पादन, कीमत और बिक्री की रणनीति बनाने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, यह भी समझना जरूरी है कि PM E-DRIVE की सब्सिडी सीधे कंपनियों को टैक्स छूट के तौर पर नहीं मिलती। आधिकारिक जानकारी के अनुसार पात्र इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदारों को खरीद के समय कीमत में अग्रिम कटौती के रूप में प्रोत्साहन दिया जाता है और बाद में संबंधित राशि निर्माता कंपनियों को सरकार की ओर से प्रतिपूर्ति की जाती है।

आम ग्राहक के लिए इसका क्या मतलब?
अगर आप इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो सरकार का यह फैसला आपके लिए महत्वपूर्ण है। इससे पात्र इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की शुरुआती खरीद कीमत में अधिकतम 5,000 रुपये तक का सरकारी प्रोत्साहन मिल सकता है।

लेकिन अंतिम कीमत तय करते समय सिर्फ PM E-DRIVE सब्सिडी को नहीं देखना चाहिए। वाहन की बैटरी क्षमता, रेंज, चार्जिंग लागत, वारंटी, सर्विस नेटवर्क और राज्य सरकार की अलग EV नीति के तहत मिलने वाले लाभ को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

कुल मिलाकर, PM E-DRIVE का विस्तार भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को बढ़ावा देने की सरकार की नीति को और लंबा समर्थन देता है। बढ़ा हुआ बजट और ज्यादा वाहन लक्ष्य आने वाले वर्षों में EV अपनाने की रफ्तार को और तेज कर सकते हैं।