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JPSC पेपर लीक विवाद: ICU में भी महतो का अनशन जारी l
झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। रांची में छात्रों का विरोध प्रदर्शन 19वें दिन भी जारी रहा। इसी बीच झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन अस्पताल में इलाज के बावजूद उनका भूख हड़ताल जारी है। महतो लगातार 10वें दिन अनशन पर हैं और उन्होंने कहा है कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।आंदोलन कर रहे छात्रों की मुख्य मांग JPSC और JSSC की विवादित परीक्षाओं में पारदर्शिता, संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द करना और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराना है। छात्र जांच के लिए CBI या राज्य के बाहर के किसी सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जज की समिति की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि सरकार की ओर से भर्ती प्रक्रिया में सुधार का आश्वासन उनकी मांगों के लिए पर्याप्त नहीं है।

झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर शुरू हुआ विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों को लेकर राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन जारी है। बुधवार को आंदोलन का 19वां दिन रहा। इस बीच छात्रों के समर्थन में अनशन कर रहे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद महतो ने अपना अनशन खत्म नहीं किया है। वह लगातार 10वें दिन भूख हड़ताल पर हैं। उनका कहना है कि शरीर कमजोर हो रहा है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ रही हैं, लेकिन छात्रों को न्याय मिलने तक वह अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
महतो ने अस्पताल से जारी अपने संदेश में कहा कि उनका शरीर भले ही अस्पताल के बिस्तर पर है, लेकिन छात्रों के न्याय की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने साफ किया कि जब तक झारखंड के विद्यार्थियों की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह पीछे हटने वाले नहीं हैं।
इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र ‘JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच’ के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि राज्य की सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। वे चाहते हैं कि जिन परीक्षाओं को लेकर विवाद सामने आया है, उन्हें रद्द किया जाए और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए। छात्रों की सबसे प्रमुख मांगों में CBI जांच शामिल है। इसके अलावा वे चाहते हैं कि अगर CBI जांच नहीं होती है तो राज्य के बाहर के किसी सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जज की अध्यक्षता में समिति बनाकर पूरे मामले की जांच कराई जाए। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों का समाधान केवल पारदर्शी और स्वतंत्र जांच से ही संभव है।
छात्रों का कहना है कि सरकार की ओर से भर्ती प्रक्रिया में सुधार का आश्वासन दिया गया है, लेकिन मौजूदा विवादों को लेकर उनकी मांगें अभी पूरी नहीं हुई हैं। इसी वजह से आंदोलन वापस लेने के बजाय प्रदर्शनकारी लगातार विरोध जारी रखे हुए हैं। विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति भी सामने आई। सोमवार को छात्रों ने झारखंड विधानसभा का घेराव करने की कोशिश की थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बल प्रयोग किया। आरोप है कि पुलिस ने छात्रों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज, पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। पुलिस कार्रवाई के विरोध में छात्रों ने अब विरोध का एक और तरीका अपनाने का फैसला किया है। ‘झारखंड छात्र न्याय’ के बैनर तले विद्यार्थियों ने एक दिवसीय भूख हड़ताल करने और काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराने का ऐलान किया है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई से उनकी मांगें कमजोर नहीं होंगी। इसके बजाय वे भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच और छात्रों के भविष्य को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाने की रणनीति पर आगे बढ़ रहे हैं। पूरे विवाद में देवेंद्र नाथ महतो का अनशन आंदोलन का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। लगातार 10 दिनों से भूख हड़ताल के कारण उनकी स्वास्थ्य स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। अस्पताल में डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं, लेकिन महतो ने अनशन खत्म करने से इनकार किया है। छात्रों के आंदोलन का मुख्य फोकस भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित पेपर लीक की निष्पक्ष जांच है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि विवादित परीक्षाओं के संबंध में स्पष्ट निर्णय लिया जाए और अगर किसी परीक्षा में अनियमितता साबित होती है तो उसे रद्द कर दोबारा निष्पक्ष तरीके से आयोजित किया जाए। कुल मिलाकर, JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर झारखंड में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। रांची में विरोध प्रदर्शन 19वें दिन भी जारी है, जबकि देवेंद्र नाथ महतो अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद 10वें दिन भी भूख हड़ताल पर हैं। छात्रों की CBI जांच, विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग पर आंदोलन जारी है। अब सरकार की ओर से इस मामले में आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर है।
