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कोविंद की आत्मकथा लॉन्च पर PM मोदी ने सुनाया अनसुना किस्सा, युवाओं को दी शॉर्टकट से बचने की सीख l

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा के विमोचन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके संघर्ष, सादगी और भारतीय संस्कारों की जमकर तारीफ की। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति भवन के प्रोटोकॉल से जुड़े एक अनसुने किस्से का जिक्र किया और बताया कि कोविंद अक्सर उन्हें विदा करने खुद उनकी कार तक आते थे। इस दौरान पीएम ने युवाओं, खासकर Gen-Z को सफलता के लिए शॉर्टकट अपनाने से बचने और महान व्यक्तियों की आत्मकथाएं पढ़कर उनके संघर्षों से सीख लेने की सलाह दी।

Kashish Rai12 अग. 2026, 08:28 PM IST
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कोविंद की आत्मकथा लॉन्च पर PM मोदी ने सुनाया अनसुना किस्सा, युवाओं को दी शॉर्टकट से बचने की सीख l

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा के विमोचन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके जीवन और संघर्ष को देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कोविंद की सादगी और विनम्रता से जुड़े कई ऐसे प्रसंग साझा किए, जिनसे उनके व्यक्तित्व की सहजता और भारतीय संस्कारों की झलक मिलती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि रामनाथ कोविंद ने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर रहते हुए भी अपनी जड़ों और संस्कारों को कभी नहीं छोड़ा। उन्होंने कोविंद के जीवन को संघर्ष, सेवा और विनम्रता का उदाहरण बताया।

प्रोटोकॉल छोड़कर PM को विदा करने आते थे कोविंद

पीएम मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से जुड़ा एक खास किस्सा सुनाते हुए कहा कि जब वह प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रपति भवन जाते थे, तब मुलाकात के बाद कोविंद उन्हें विदा करने के लिए खुद उनकी कार तक आते थे। मोदी के मुताबिक, राष्ट्रपति भवन के सख्त प्रोटोकॉल के बावजूद कोविंद की सहजता और आत्मीयता बनी रहती थी। प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने कई बार कोविंद से ऐसा नहीं करने का आग्रह किया, लेकिन उनकी विनम्रता और अपनापन कभी कम नहीं हुआ। पीएम मोदी ने इस प्रसंग को कोविंद के सरल और जमीन से जुड़े व्यक्तित्व का उदाहरण बताया।

गांव की मिट्टी को किया था नमन

प्रधानमंत्री ने कोविंद के पैतृक गांव परौंख से जुड़ा भावुक प्रसंग भी साझा किया। उन्होंने बताया कि देश का राष्ट्रपति बनने के बाद जब रामनाथ कोविंद अपने गांव पहुंचे, तो उन्होंने सबसे पहले अपने शिक्षकों का सम्मान किया और उनके पैर छुए।

इसके बाद उन्होंने गांव की मिट्टी को नमन किया और वहां के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। पीएम मोदी ने कहा कि कोविंद का यह व्यवहार भारतीय संस्कारों और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की भावना को दर्शाता है।

राष्ट्रपति पद के बाद भी देश सेवा जारी

पीएम मोदी ने रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति पद से हटने के बाद भी सार्वजनिक जीवन में उनकी सक्रिय भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च संवैधानिक पद पर रहने के बाद भी कोविंद ने खुद को देश की सेवा से अलग नहीं किया। मोदी ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर गठित समिति के अध्यक्ष के रूप में कोविंद की भूमिका का भी उल्लेख किया और कहा कि वह आज भी देशहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर काम कर रहे हैं।

युवाओं को PM मोदी की शॉर्टकट से बचने की सलाह

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं, विशेष रूप से Gen-Z, को सफलता के लिए शॉर्टकट अपनाने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया और इन्फ्लुएंसर संस्कृति के दौर में कई युवा जल्दी सफलता हासिल करने के रास्ते तलाशते हैं। पीएम ने रेलवे स्टेशन का उदाहरण देते हुए कहा कि लोग कई बार सुरक्षित फुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल करने के बजाय जल्दी पहुंचने के लिए रेलवे ट्रैक पार करने का जोखिम उठाते हैं। उन्होंने इसी संदर्भ में अंग्रेजी की कहावत “A shortcut will cut you short” का जिक्र किया। मोदी ने युवाओं को समझाया कि जीवन में आसान और जल्द सफलता पाने के चक्कर में गलत रास्ता चुनना भारी पड़ सकता है। सफलता के लिए धैर्य, मेहनत और सही दिशा जरूरी है।

आत्मकथाएं पढ़ने की दी सलाह

प्रधानमंत्री ने युवाओं से महान व्यक्तित्वों की आत्मकथाएं पढ़ने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि किसी सफल व्यक्ति की कहानी पढ़ने से केवल उसकी उपलब्धियों के बारे में जानकारी नहीं मिलती, बल्कि उसके संघर्षों, असफलताओं और कठिन परिस्थितियों से भी सीखने का मौका मिलता है।

पीएम मोदी ने कहा कि रामनाथ कोविंद का जीवन भी संघर्ष से सफलता तक पहुंचने की प्रेरक कहानी है। उनकी आत्मकथा युवाओं को यह समझने में मदद कर सकती है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद मेहनत और सही मूल्यों के साथ आगे बढ़ा जा सकता है।

सादगी और संघर्ष की कहानी है कोविंद का जीवन

आत्मकथा के विमोचन के मौके पर पीएम मोदी ने रामनाथ कोविंद के जीवन के अलग-अलग पहलुओं को याद करते हुए कहा कि उनका सफर साधारण परिस्थितियों से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की कहानी है। कार्यक्रम में कोविंद की सादगी, भारतीय मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और समाज एवं देश के प्रति उनके योगदान को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। पीएम मोदी का संदेश खास तौर पर युवाओं पर केंद्रित रहा—जल्द सफलता के लिए शॉर्टकट नहीं, बल्कि संघर्ष और सही रास्ते को अपनाना ही स्थायी सफलता की कुंजी है।