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प्रयागराज में फर्जी LLB मार्कशीट का मामला, 39 वकीलों पर FIR l

प्रयागराज में कथित तौर पर फर्जी LLB मार्कशीट के आधार पर बार काउंसिल में नामांकन कराने और Certificate of Practice (COP) हासिल कर वकालत करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पिछले तीन दिनों में 39 वकीलों के खिलाफ अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सचिव आरके शुक्ला की शिकायत के बाद शुरू हुई है। बार काउंसिल ने कुल 105 वकीलों के खिलाफ शिकायत दी है, जिन पर फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर नामांकन और COP हासिल करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक बाकी आरोपियों के खिलाफ भी अगले एक-दो दिनों में FIR दर्ज की जाएगी। इसके बाद पूरे मामले की विस्तृत जांच होगी। एक मामले में सहारनपुर निवासी दीपक कश्यप की LLB मार्कशीट को राजस्थान के पिलानी स्थित श्रीधर यूनिवर्सिटी से सत्यापित कराया गया, जहां कथित तौर पर दस्तावेज की फोटो कॉपी को विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड से फर्जी बताया गया। कश्यप के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

Kashish Rai12 अग. 2026, 08:33 PM IST
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प्रयागराज में फर्जी LLB मार्कशीट का मामला, 39 वकीलों पर FIR l

प्रयागराज में वकालत के पेशे से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां फर्जी LLB मार्कशीट के आधार पर बार काउंसिल में नामांकन और Certificate of Practice हासिल करने के आरोप में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले तीन दिनों में पुलिस ने 39 वकीलों के खिलाफ अलग-अलग FIR दर्ज की हैं।


यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की शिकायत के बाद की जा रही है। सिविल लाइंस थाना प्रभारी रामाश्रय यादव के अनुसार, बार काउंसिल के सचिव आरके शुक्ला ने पुलिस को कुल 105 वकीलों के खिलाफ औपचारिक शिकायत दी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इन लोगों ने कथित तौर पर फर्जी LLB मार्कशीट के आधार पर बार काउंसिल में नामांकन कराया और इसके बाद Certificate of Practice हासिल कर वकालत शुरू की।


पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई शुरू की है। थाना प्रभारी के मुताबिक अब तक 39 नामों पर FIR दर्ज की जा चुकी है। बाकी बचे आरोपियों के खिलाफ भी अगले एक से दो दिनों में मुकदमे दर्ज किए जाने की बात कही गई है। सभी FIR दर्ज होने के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच आगे बढ़ाएगी। मामले में दस्तावेजों के सत्यापन को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। बार काउंसिल की ओर से जिन डिग्रियों और मार्कशीट पर सवाल उठाए गए हैं, उनकी संबंधित विश्वविद्यालयों और संस्थानों से जांच कराई जा रही है। यदि जांच में दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं, तो आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ सकती है।


इसी मामले में सहारनपुर निवासी दीपक कश्यप के खिलाफ दर्ज FIR में भी फर्जी डिग्री का आरोप लगाया गया है। FIR के मुताबिक इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 3 जून को एक आदेश में बार काउंसिल में पंजीकृत उन वकीलों के खिलाफ FIR दर्ज कराने का निर्देश दिया था, जिनकी डिग्री जांच के दौरान फर्जी पाई गई। शिकायत के अनुसार, दीपक कश्यप ने Certificate of Practice के लिए आवेदन करते समय जो डिग्री और मार्कशीट प्रस्तुत की थी, उसे सत्यापन के लिए राजस्थान के पिलानी स्थित श्रीधर यूनिवर्सिटी भेजा गया था। विश्वविद्यालय से रिकॉर्ड के आधार पर कथित तौर पर जवाब मिला कि प्रस्तुत मार्कशीट की फोटो कॉपी फर्जी है।


दीपक कश्यप के खिलाफ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब इस मामले में दस्तावेजों की जांच और आरोपों से जुड़े अन्य तथ्यों को सत्यापित करेगी। फिलहाल यह पूरा मामला जांच के शुरुआती चरण में है। पुलिस पहले शिकायत में शामिल सभी 105 नामों पर FIR दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। इसके बाद दस्तावेजों की जांच, संबंधित विश्वविद्यालयों से सत्यापन और आरोपों से जुड़े अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि Certificate of Practice किसी व्यक्ति को अदालतों में पेशेवर रूप से वकालत करने से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रमाणपत्र है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति ने कथित तौर पर फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर यह प्रमाणपत्र हासिल किया है, तो मामले की जांच में दस्तावेजों की वास्तविकता और नामांकन प्रक्रिया की वैधता महत्वपूर्ण होगी। पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की शिकायत के आधार पर कार्रवाई लगातार जारी है और 105 वकीलों से जुड़े मामले में सभी आरोपों की जांच की जाएगी। हालांकि, FIR दर्ज होना आरोपों की शुरुआत है और प्रत्येक आरोपी के खिलाफ आरोप जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होंगे।