बिहार के नवादा से शुरू हुई एक प्रेम कहानी सिलवासा में हत्या और फिर वाराणसी में आरोपी की गिरफ्तारी तक पहुंच गई। 20 वर्षीय छोटी उपाध्याय ने अपने प्रेमी ऋषभ कुमार सिंह के साथ रहने के लिए पति को छोड़ दिया था। दोनों ने घर से भागकर सिलवासा में शादी की और नई जिंदगी शुरू करने का फैसला किया था। लेकिन कुछ समय बाद रिश्ते में तनाव बढ़ गया और आखिरकार छोटी की हत्या कर दी गई।
छोटी उपाध्याय बिहार के नवादा जिले के रोह थाना क्षेत्र की रहने वाली थी। उसकी शादी पहले हो चुकी थी, लेकिन इसी दौरान गांव के रहने वाले ऋषभ कुमार सिंह के साथ उसका प्रेम संबंध बन गया। दोनों ने परिवार की नाराजगी के बावजूद साथ रहने का फैसला किया। छोटी के कहने पर दोनों अपने गांव से निकलकर दादरा और नगर हवेली के सिलवासा पहुंच गए। वहां दोनों ने शादी कर ली और एक साथ रहने लगे। हालांकि, दोनों परिवार इस रिश्ते से खुश नहीं थे। परिवार की ओर से छोटी को स्वीकार करने से भी इनकार कर दिया गया था।
इस बीच बिहार के रोह थाने में ऋषभ के खिलाफ अपहरण की FIR भी दर्ज की गई थी। इसके बावजूद दोनों सिलवासा में साथ रह रहे थे। शादी के बाद कुछ समय तक सब ठीक रहा, लेकिन धीरे-धीरे दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगा। बताया जा रहा है कि छोटी लगातार ऋषभ पर वापस गांव लौटने का दबाव बना रही थी। इसी मुद्दे को लेकर दोनों में अक्सर कहासुनी होती थी। 9 जून की सुबह भी दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि उसी दिन शाम को गुस्से में ऋषभ ने छोटी की गला दबाकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने शव को छिपाने की कोशिश की। आरोप के मुताबिक, उसने शव को रस्सी से बांधा और प्लास्टिक में लपेट दिया। इसके बाद उसे एक ट्रॉली सूटकेस में रखकर बंद कर दिया गया। सूटकेस को कमरे के बाथरूम में रखकर आरोपी ने कमरे में ताला लगाया और सिलवासा से फरार हो गया। हत्या के बाद ऋषभ सीधे वाराणसी पहुंच गया। पुलिस के मुताबिक, उसने यहां अपनी पहचान छिपाई और एक कंपनी में काम करने लगा। दूसरी तरफ सिलवासा में वह कमरा करीब दो महीने तक बंद रहा, जिसमें छोटी का शव सूटकेस में रखा था।
इस सनसनीखेज हत्या का खुलासा 3 अगस्त को हुआ। बताया गया कि मकान मालिक किसी नए किराएदार को कमरा देने के लिए वहां पहुंचा था। कमरे का ताला खोलने के बाद उसे अंदर से तेज दुर्गंध महसूस हुई। जांच करने पर बाथरूम में रखे ट्रॉली सूटकेस से दुर्गंध आने की बात सामने आई। सूटकेस खोलने पर उसमें शव बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी ऋषभ की तलाश तेज कर दी। जांच के दौरान पुलिस को उसके वाराणसी में छिपे होने की जानकारी मिली।
इसके बाद यूपी एसटीएफ की वाराणसी इकाई और सिलवासा पुलिस ने संयुक्त रूप से आरोपी की तलाश शुरू की। गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने वाराणसी के चांदपुर इलाके में स्थित शुभकामना रियल टेक में छापेमारी की। पुलिस के मुताबिक, ऋषभ वहां नाम बदलकर काम कर रहा था। टीम ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे ट्रांजिट रिमांड पर ले जाया गया।
इस पूरे मामले में पुलिस के सामने अब हत्या के पीछे की परिस्थितियों और दोनों के बीच हुए विवाद की पूरी कड़ी को जोड़ने की चुनौती है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गांव वापस लौटने को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहा था और इसी विवाद के बाद हत्या की वारदात को अंजाम देने का आरोप ऋषभ पर है। एक तरफ छोटी ने परिवार की नाराजगी और पहले से हुई शादी के बावजूद ऋषभ के साथ नई जिंदगी शुरू करने का फैसला किया था। दोनों घर से निकलकर सिलवासा गए, वहां शादी की और साथ रहने लगे। लेकिन यह रिश्ता लंबे समय तक नहीं चल सका।
आरोप है कि शादी के बाद बढ़ते विवाद ने रिश्ते को हिंसक मोड़ दे दिया और 9 जून को छोटी की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को सूटकेस में छिपाकर आरोपी फरार हो गया। करीब दो महीने तक किसी को इसकी जानकारी नहीं हुई। मकान मालिक द्वारा कमरे का ताला खोलने और सूटकेस से आती दुर्गंध के बाद इस पूरी वारदात का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस की जांच वाराणसी तक पहुंची और संयुक्त टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और उसे ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों, हत्या की परिस्थितियों और आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है।