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World Elephant Day 2026: हाथी संरक्षण को लेकर भारत ने दोहराई प्रतिबद्धता
विश्व हाथी दिवस 2026 पर भारत ने हाथी संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। देश में 14 राज्यों में 33 एलीफेंट रिजर्व और 150 वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित हाथी कॉरिडोर हैं। सरकार ने मानव-हाथी संघर्ष कम करने, हाथियों की आबादी की निगरानी मजबूत करने और उनके सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने पर जोर दिया। भारत में दुनिया के लगभग 60% जंगली एशियाई हाथी पाए जाते हैं।
Anshuman Mishra12 अग. 2026, 08:33 PM IST

विश्व हाथी दिवस 2026 के अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने भारत में हाथियों के संरक्षण को लेकर देश की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि हाथियों का भविष्य सुरक्षित करना केवल एक प्रजाति का संरक्षण नहीं, बल्कि भारत के जंगलों, जैव विविधता और पारिस्थितिक विरासत को सुरक्षित करना है। मंत्रालय के अनुसार, भारत में 14 राज्यों में कुल 33 एलीफेंट रिजर्व मौजूद हैं। इसके अलावा देश में 150 वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित हाथी कॉरिडोर की पहचान की गई है। सरकार के मुताबिक उन्नत जनसंख्या निगरानी और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए मजबूत किए जा रहे उपाय हाथी संरक्षण को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
हाथियों के साथ इंसानों का सुरक्षित सह-अस्तित्व जरूरी
भूपेंद्र यादव ने विश्व हाथी दिवस के अवसर पर कहा कि ऐसा वातावरण तैयार करने की जरूरत है, जहां हाथी आने वाली पीढ़ियों तक भारत के जंगलों और प्राकृतिक परिदृश्यों में स्वतंत्र रूप से विचरण कर सकें। उन्होंने हाथियों के संरक्षण को जंगलों, जैव विविधता और देश की प्राकृतिक विरासत से सीधे जोड़ते हुए इसके लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया। केंद्रीय राज्य मंत्री पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन कीर्ति वर्धन सिंह ने भी भारत की हाथी संरक्षण नीति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे समृद्ध और विविध प्राकृतिक परिदृश्यों में भारत शामिल है और विश्व के लगभग 60 प्रतिशत जंगली एशियाई हाथी भारत में पाए जाते हैं।
पारिस्थितिकी तंत्र के लिए क्यों जरूरी हैं हाथी?
कीर्ति वर्धन सिंह ने हाथियों को ‘इकोसिस्टम इंजीनियर’ बताते हुए कहा कि जंगलों में घूमते समय हाथी लंबी दूरी तक बीज फैलाते हैं, जिससे नए पौधों के उगने में मदद मिलती है। इस तरह हाथी वन पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत में हाथियों के लिए संरक्षित क्षेत्र और उनके आवागमन के कॉरिडोर विकसित करना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि जंगलों और प्राकृतिक आवासों के बीच सुरक्षित आवाजाही हाथियों और मानव आबादी के बीच संघर्ष को कम करने में मदद कर सकती है। विश्व हाथी दिवस 2026 पर सरकार का संदेश स्पष्ट है कि हाथियों का संरक्षण केवल वन्यजीव संरक्षण तक सीमित नहीं है। यह जंगलों, जैव विविधता और भारत की पारिस्थितिक विरासत की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।
