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शादी से इनकार पर बेटी की हत्या, पिता-सौतेली मां को उम्रकैद l
उत्तर प्रदेश के गोंडा में श्वेता हत्याकांड में अदालत ने उसके पिता राजेश शुक्ला और सौतेली मां किरण को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। आरोप है कि श्वेता एक ऐसे व्यक्ति से शादी करने के लिए तैयार नहीं थी, जिस पर दहेज हत्या का मामला दर्ज था। इसके अलावा पैतृक संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद में भाइयों को फंसाने की साजिश भी रची गई थी। अभियोजन के मुताबिक, इसी साजिश के तहत पिता और सौतेली मां ने श्वेता का चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी और पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी कहानी गढ़ी। पुलिस जांच में दोनों की भूमिका सामने आने के बाद गिरफ्तार किया गया और चार्जशीट दाखिल की गई। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोनों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में श्वेता हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए उसके पिता राजेश शुक्ला और सौतेली मां किरण को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामला श्वेता की हत्या और उसके बाद पुलिस को गुमराह करने के आरोप से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, श्वेता का पिता राजेश शुक्ला उसकी शादी एक ऐसे व्यक्ति से कराना चाहता था, जो पहले से दहेज हत्या के मामले में आरोपी था। श्वेता इस रिश्ते के खिलाफ थी और उसने ऐसे व्यक्ति से शादी करने से इनकार कर दिया था। इसी बात को लेकर परिवार में विवाद की स्थिति बनी हुई थी।
इसके साथ ही राजेश शुक्ला का अपने भाइयों के साथ पैतृक मकान और जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि इन दोनों परिस्थितियों के चलते श्वेता की हत्या की साजिश रची गई।
अभियोजन के अनुसार, राजेश शुक्ला और उसकी पत्नी किरण ने श्वेता पर हमला किया और चाकू से उसका गला रेत दिया। गंभीर रूप से घायल श्वेता को बाद में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हत्या के बाद मामले को दूसरी दिशा देने की कोशिश भी की गई। आरोप है कि राजेश शुक्ला ने डायल 112 पर फोन करके पुलिस को सूचना दी कि उसके भाइयों ने उस पर और उसकी बेटी पर हमला किया है। इस सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल श्वेता को अस्पताल ले गई, जहां उसकी मौत हो गई। शुरुआत में घटना को दूसरे लोगों द्वारा किए गए हमले के रूप में पेश करने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ कहानी की परतें खुलने लगीं।
पुलिस जांच में सामने आई सच्चाई
श्वेता के नाना बृज बिहारी मिश्रा की शिकायत के आधार पर मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद धानेपुर पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस टीम के साथ मिलकर मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और परिस्थितियों से जुड़े साक्ष्यों को खंगाला। पुलिस को आरोपियों की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद 12 जून 2024 को राजेश शुक्ला और किरण को गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने 11 जुलाई 2024 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने साक्ष्य और गवाह पेश किए। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को हत्या का दोषी माना। अदालत ने अब दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर 25-25 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है।
यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इसमें एक तरफ बेटी की शादी को लेकर दबाव और दूसरी तरफ पारिवारिक संपत्ति विवाद सामने आया। अभियोजन के अनुसार, इन्हीं विवादों के बीच श्वेता की हत्या की गई और घटना को दूसरी दिशा में ले जाने के लिए पुलिस को झूठी सूचना दी गई। अदालत के फैसले के बाद श्वेता के परिवार को मामले में न्याय मिलने की उम्मीद जगी है, जबकि दोषी ठहराए गए पिता और सौतेली मां को अब उम्रकैद की सजा भुगतनी होगी।
