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खान मार्केट में साइन बोर्ड पर NDMC की कार्रवाई, व्यापारियों का विरोध l

दिल्ली के पॉश खान मार्केट में नियमों के खिलाफ लगे साइन बोर्डों को हटाने पहुंची NDMC की कार्रवाई का व्यापारियों ने विरोध किया। NDMC के मुताबिक, कई दुकानों और रेस्तरां के साइन बोर्ड Outdoor Advertisement Policy (OAP), 2017 के नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। कुछ बोर्ड दुकान की सीमा से करीब चार फीट तक बाहर निकले हुए थे, जबकि कुछ सड़क के ऊपर क्षैतिज रूप से लगाए गए थे। कार्रवाई के दौरान कुछ साइन बोर्ड और सार्वजनिक जमीन पर किए गए कथित अतिक्रमण हटाए गए। हालांकि व्यापारियों के विरोध और वरिष्ठ अधिकारियों व निर्वाचित प्रतिनिधियों के हस्तक्षेप की मांग के बाद अभियान रोक दिया गया। व्यापारियों का दावा है कि उन्हें कार्रवाई की पहले से जानकारी नहीं दी गई थी, जबकि NDMC का कहना है कि संबंधित प्रतिष्ठानों को पहले ही नोटिस जारी किए गए थे।

Kashish Rai13 अग. 2026, 09:38 PM IST
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खान मार्केट में साइन बोर्ड पर NDMC की कार्रवाई, व्यापारियों का विरोध l

राजधानी दिल्ली के सबसे चर्चित और पॉश बाजारों में शामिल खान मार्केट में साइन बोर्डों को लेकर NDMC और व्यापारियों के बीच विवाद खड़ा हो गया है। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद की टीम ने बाजार में दुकानों और रेस्तरां के बाहर लगे ऐसे साइन बोर्डों को हटाने की कार्रवाई शुरू की, जिन्हें नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया। हालांकि व्यापारियों के विरोध के बाद NDMC को अपना अभियान फिलहाल रोकना पड़ा।


NDMC अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई Outdoor Advertisement Policy (OAP), 2017 के तहत की गई। परिषद का कहना है कि बाजार में कई प्रतिष्ठानों के साइन बोर्ड निर्धारित सीमा और तय नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, कुछ साइन बोर्ड दुकानों की सीमा से करीब चार फीट तक बाहर निकले हुए थे। वहीं कुछ बोर्ड सड़क के ऊपर क्षैतिज तरीके से लगाए गए थे। NDMC ने इन्हें न केवल नियमों का उल्लंघन बताया, बल्कि सड़क और सार्वजनिक सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर माना।


कार्रवाई के दौरान NDMC की टीम ने कई दुकानों और रेस्तरां के बाहर लगे साइन बोर्ड हटाए। इसके अलावा कुछ जगहों पर दुकानों की बाहरी क्लैडिंग और पानी की मोटर जैसी चीजों को भी सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण बताते हुए हटाया गया। NDMC के मुताबिक, शुरुआती कार्रवाई करीब 10 से 12 कॉम्प्लेक्स में की गई। लेकिन जैसे ही व्यापारियों ने इसका विरोध शुरू किया, मामला बढ़ गया। व्यापारियों ने निर्वाचित प्रतिनिधियों और NDMC के वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की, जिसके बाद अभियान को उसी दिन रोक दिया गया।

नोटिस को लेकर आमने-सामने व्यापारी और NDMC

इस कार्रवाई को लेकर NDMC और व्यापारियों के दावों में अंतर भी सामने आया है। NDMC का कहना है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिष्ठानों को पहले ही नोटिस जारी किए गए थे।

वहीं खान मार्केट के व्यापारियों का दावा है कि उन्हें इस तरह की कार्रवाई के बारे में पहले से पर्याप्त जानकारी या चेतावनी नहीं दी गई थी। व्यापारियों ने कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि अचानक साइन बोर्ड हटाने से उनके कारोबार पर असर पड़ सकता है।


खान मार्केट ट्रेड एसोसिएशन के प्रधान संजीव मेहरा के मुताबिक, NDMC अधिकारी दो दिन पहले साइन बोर्डों के खिलाफ कार्रवाई करने बाजार पहुंचे थे। टीम ने जैसे ही कार्रवाई शुरू की, व्यापारियों ने विरोध किया। मेहरा का कहना है कि साइन बोर्ड किसी भी दुकान या रेस्तरां की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। इन्हें हटाने से प्रतिष्ठानों की पहचान प्रभावित होने के साथ व्यापारियों को आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। उनके मुताबिक, विरोध के बाद NDMC ने फिलहाल अभियान रोक दिया है।

बांसुरी स्वराज से भी की गई शिकायत

व्यापारियों ने इस मामले की जानकारी नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज को भी दी है। ट्रेड एसोसिएशन के प्रधान के अनुसार, सांसद को कार्रवाई के बारे में पहले से जानकारी नहीं थी। व्यापारियों ने सवाल उठाया कि अभियान का आदेश किस स्तर से जारी किया गया और उन्हें इसकी स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई। व्यापारियों ने सांसद को पत्र भेजकर उनसे NDMC अधिकारियों के साथ खान मार्केट का दौरा करने का अनुरोध भी किया है। ट्रेड एसोसिएशन को उम्मीद है कि संसद सत्र के बाद सांसद बाजार का दौरा कर सकती हैं और व्यापारियों तथा अधिकारियों के बीच इस विवाद को सुलझाने की कोशिश करेंगी।


फिलहाल खान मार्केट में साइन बोर्डों को लेकर NDMC और व्यापारियों के बीच विवाद जारी है। एक तरफ NDMC नियमों और सार्वजनिक सुरक्षा का हवाला दे रहा है, तो दूसरी तरफ व्यापारी कार्रवाई के तरीके और पूर्व सूचना को लेकर सवाल उठा रहे हैं। अब आगे यह देखना होगा कि NDMC इस अभियान को दोबारा शुरू करता है या व्यापारियों के साथ बातचीत के बाद साइन बोर्डों को लेकर कोई समाधान निकाला जाता है।