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उपमहापौर के वार्ड में गड्ढों का राज; सड़कों पर कीचड़ का साम्राज्य
उल्हासनगर के उपमहापौर अमर लुंड के वार्ड क्रमांक 17 में सड़कों की हालत बेहद खराब हो गई है। नेताजी चौक से तहसील कार्यालय, दसरा मैदान रोड, गांधी रोड, भाटिया चौक, पांच दुकान, संभाजी चौक, गुरुनानक स्कूल, हिंदू श्मशानभूमि, गणेशनगर और लालचौकी परिसर की सड़कों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश के कारण इन गड्ढों में पानी भर गया है और सड़कों पर कीचड़ फैल गया है। इससे वाहन चालकों, पैदल यात्रियों, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही हादसों का खतरा भी बढ़ गया है।
Priyanka Gaikwad13 अग. 2026, 09:38 PM IST

उल्हासनगर : उपमहापौर अमर लुंड के वार्ड क्रमांक 17 में सड़कों की बदहाल स्थिति सामने आई है। शहर की कई प्रमुख सड़कों के साथ-साथ अंदरूनी सड़कों पर भी बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर हो गई है। गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों को यह पता नहीं चल पाता कि सड़क पर गड्ढा कहां है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों को बेहद सावधानी से वाहन चलाना पड़ रहा है। वार्ड के नेताजी चौक से तहसील कार्यालय तक जाने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर बड़ी संख्या में गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। इस मार्ग पर तहसील कार्यालय, बाजार, स्कूल और अन्य महत्वपूर्ण स्थान होने के कारण दिनभर नागरिकों और वाहनों की आवाजाही रहती है।
लेकिन सड़क की खराब हालत के कारण यातायात में परेशानी हो रही है। बारिश के दौरान सड़क पर जमा पानी और कीचड़ के कारण समस्या और बढ़ जाती है। भाटिया चौक, पांच दुकान, संभाजी चौक, गुरुनानक स्कूल, हिंदू श्मशानभूमि, गणेशनगर, लालचौकी और दसरा मैदान परिसर की सड़कों की हालत भी खराब बताई जा रही है। कई स्थानों पर विभिन्न कामों के लिए सड़क की खुदाई की गई थी। खुदाई के बाद सड़क की उचित तरीके से मरम्मत नहीं किए जाने के कारण बारिश में सड़क और अधिक खराब हो गई है।
लेकिन सड़क की खराब हालत के कारण यातायात में परेशानी हो रही है। बारिश के दौरान सड़क पर जमा पानी और कीचड़ के कारण समस्या और बढ़ जाती है। भाटिया चौक, पांच दुकान, संभाजी चौक, गुरुनानक स्कूल, हिंदू श्मशानभूमि, गणेशनगर, लालचौकी और दसरा मैदान परिसर की सड़कों की हालत भी खराब बताई जा रही है। कई स्थानों पर विभिन्न कामों के लिए सड़क की खुदाई की गई थी। खुदाई के बाद सड़क की उचित तरीके से मरम्मत नहीं किए जाने के कारण बारिश में सड़क और अधिक खराब हो गई है।
खुदाई के बाद सड़कों की हालत खराब विभिन्न विकास कार्यों, जलापूर्ति और अन्य योजनाओं के लिए की गई खुदाई के कारण कई सड़कों की हालत खराब हुई है। खुदाई के बाद सड़क को पहले जैसी स्थिति में लाने का काम उचित तरीके से नहीं किए जाने से बारिश के दौरान नागरिकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। कुछ स्थानों पर सड़क पर गिट्टी और मिट्टी फैली हुई है, जिससे वाहन चालकों को आवाजाही में परेशानी हो रही है।
बारिश से गड्ढों में भरा पानी बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती। पानी से भरे गड्ढों में अचानक वाहन जाने से दोपहिया वाहन चालकों के गिरने की आशंका बनी रहती है। गड्ढों से बचने के प्रयास में वाहन चालक अचानक ब्रेक लगाते हैं या वाहन को दूसरी दिशा में मोड़ते हैं। इससे पीछे से आने वाले वाहनों के साथ टक्कर होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
विद्यार्थियों और पैदल यात्रियों को भी परेशानी इस क्षेत्र में स्कूल, बाजार और सरकारी कार्यालय होने के कारण रोजाना बड़ी संख्या में नागरिकों की आवाजाही होती है। स्कूली विद्यार्थियों, महिलाओं, बुजुर्गों और पैदल यात्रियों को सड़क पर जमा पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। कई जगह वाहनों के गुजरने से कीचड़ उछलकर पैदल यात्रियों पर पड़ता है, जिससे उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नागरिकों की प्रशासन से मांग स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन से इन सड़कों का तत्काल निरीक्षण कर गड्ढों को भरने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि केवल बारिश के दौरान अस्थायी तौर पर गड्ढे भरने के बजाय सड़कों की स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत की जानी चाहिए। प्रमुख सड़कों के साथ-साथ अंदरूनी सड़कों का भी निरीक्षण कर उनकी स्थिति का आकलन करने की आवश्यकता है। समय रहते गड्ढों, कीचड़ और जलभराव की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बारिश के दौरान नागरिकों की परेशानी और बढ़ सकती है।
हादसों का खतरा बढ़ा सड़कों की खराब हालत और जगह-जगह बने गड्ढों के कारण वाहन चालकों को लगातार सावधानी बरतनी पड़ रही है। गड्ढों से बचने के दौरान वाहन का संतुलन बिगड़ने से दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति अधिक जोखिम भरी है। सड़क की खराब हालत से वाहनों को नुकसान होने के साथ ही नागरिकों की सुरक्षा का सवाल भी खड़ा हो गया है।
प्रशासन से ठोस कार्रवाई की उम्मीद वार्ड क्रमांक 17 की मौजूदा स्थिति को देखते हुए केवल गड्ढे भरने तक सीमित कार्रवाई के बजाय सड़कों की मरम्मत का काम योजनाबद्ध तरीके से करने की जरूरत है। बारिश के दौरान नागरिकों को हो रही परेशानी को देखते हुए तत्काल उपाय किए जाने चाहिए और इसके बाद सड़कों की स्थायी मरम्मत पूरी की जानी चाहिए। सड़कों की बदहाल स्थिति, गड्ढों और कीचड़ से परेशान नागरिकों की नजर अब नगर निगम प्रशासन की कार्रवाई पर है। स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए उन्हें राहत कब देगा।
