government
गर्भपात से हुआ नुकसान पैसों से पूरा नहीं हो सकता; पालिका अधिकारी को 25 लाख रुपये मुआवजे का आदेश
नवी मुंबई महानगरपालिका की महिला वार्ड अधिकारी साधना पाटील के साथ ड्यूटी के दौरान हुई धक्कामुक्की के बाद उनका गर्भपात हो गया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को साधना पाटील को दो सप्ताह के भीतर 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि गर्भपात से हुए नुकसान की भरपाई पैसों से नहीं की जा सकती।
Priyanka Gaikwad13 अग. 2026, 09:40 PM IST

नवी मुंबई : नवी मुंबई महानगरपालिका की महिला वार्ड अधिकारी साधना पाटील 30 जुलाई को ऐरोली में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने गई थीं। इस दौरान स्थानीय पालिका कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और धक्कामुक्की की गई। आरोप है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई करने के बजाय केवल मूकदर्शक की भूमिका निभाई। इसी दौरान हुई धक्कामुक्की के बाद साधना पाटील का गर्भपात हो गया। इस घटना की जानकारी महानगरपालिका की ओर से मुंबई हाईकोर्ट को दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने राज्य सरकार को साधना पाटील को दो सप्ताह के भीतर 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।
अदालत के समक्ष यह भी बताया गया कि मुआवजे की रकम संबंधित पुलिसकर्मियों के वेतन से वसूल करने की सरकार की भूमिका है। अदालत ने सवाल किया कि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है या नहीं। इस पर सरकारी वकील चांदूरकर ने संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए जाने की जानकारी दी। इसके बाद अदालत ने मामले की जांच के लिए अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए। अदालत ने इस घटना को लेकर सरकार को कड़ी फटकार भी लगाई। ‘योजना लाने के लिए 10 साल लगाओगे क्या?’ ऐसा सवाल अदालत ने किया।
महिला अधिकारी पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई कर रही थीं, इसके बावजूद उनके साथ यह घटना हुई। पुलिस के मौके पर मौजूद रहने के बावजूद ऐसी घटना होना गंभीर है, इस पर अदालत ने सरकार से जवाब मांगा। घटना के समय मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के खिलाफ उपायुक्त को कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी अदालत ने दिए हैं। पालिका कर्मचारी कार्रवाई के लिए जाते समय पुलिस केवल मूकदर्शक की भूमिका न निभाए, इसकी सावधानी बरती जाए।
जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराया जाए, ऐसे निर्देश भी अदालत ने पुलिस को दिए हैं। इस मामले की विस्तृत जानकारी अदालत के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। याचिका पर अगली सुनवाई बुधवार को रखी गई है।
जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराया जाए, ऐसे निर्देश भी अदालत ने पुलिस को दिए हैं। इस मामले की विस्तृत जानकारी अदालत के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। याचिका पर अगली सुनवाई बुधवार को रखी गई है।
