मुंबई ATS ने ड्रग्स तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मुंबई से लेकर ग्रेटर नोएडा तक कार्रवाई की है। ATS की इस कार्रवाई में भारी मात्रा में मेथामफेटामाइन यानी मेथ ड्रग्स बरामद हुई है। दोनों जगहों से बरामद ड्रग्स की कुल मात्रा 4,738 ग्राम बताई गई है, जिसकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत करीब 9.40 करोड़ रुपये है।
पूरे मामले की शुरुआत मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके से हुई। ATS को ड्रग्स की तस्करी से जुड़ी जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर टीम ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर एक आरोपी को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से 2,050 ग्राम मेथामफेटामाइन बरामद की गई। बरामद ड्रग्स की कीमत करीब 4 करोड़ रुपये बताई गई है। गिरफ्तारी के बाद ATS ने आरोपी से पूछताछ की। पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर जांच एजेंसी को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में मौजूद एक कथित ड्रग्स निर्माण इकाई के बारे में सुराग मिला। इसके बाद महाराष्ट्र ATS की टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से ग्रेटर नोएडा में संदिग्ध ठिकाने पर छापेमारी की।
ग्रेटर नोएडा में पहुंची ATS टीम को वहां बड़े पैमाने पर ड्रग्स तैयार किए जाने के संकेत मिले। तलाशी के दौरान 2,688 ग्राम मेथामफेटामाइन बरामद की गई। इसकी अनुमानित कीमत करीब 5.40 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा ड्रग्स तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला सामान और अन्य सामग्री भी बरामद हुई। पुलिस ने कार्रवाई के बाद कथित ड्रग्स लैब को सील कर दिया। जांच में इस नेटवर्क से जुड़े तीन विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी हुई है। इनमें एक इजरायली नागरिक और दो विदेशी महिलाएं शामिल हैं। ATS अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ड्रग्स की खेप कहां से आती थी, इसे कौन तैयार करता था और मुंबई समेत देश के किन-किन हिस्सों में इसकी सप्लाई की जाती थी।
जांच एजेंसी इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को भी खंगाल रही है। विदेशी नागरिकों की भूमिका सामने आने के बाद ATS यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क को भारत में कौन संचालित कर रहा था और विदेशों में बैठे लोगों से इसका क्या संबंध था। मुंबई में पकड़ी गई 2.050 किलो और ग्रेटर नोएडा से बरामद 2.688 किलो मेथ को मिलाकर कुल 4.738 किलो ड्रग्स जब्त की गई है। ATS के मुताबिक, इस कार्रवाई से एक बड़े ड्रग्स नेटवर्क का खुलासा हुआ है। अब जांच का फोकस नेटवर्क के अन्य सदस्यों, ड्रग्स की सप्लाई चेन और इसके अंतिम खरीदारों तक पहुंचने पर है।
फिलहाल तीनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। ATS यह भी जांच कर रही है कि ग्रेटर नोएडा की कथित फैक्ट्री में कितने समय से ड्रग्स तैयार की जा रही थी और अब तक कितनी मात्रा में ड्रग्स बाजार में पहुंचाई जा चुकी है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां और बरामदगी होने की संभावना जताई जा रही है।