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गाजीपुर में वसूली के आरोप में 3 नए सिपाही सस्पेंड, रील बनी वजह l

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के मरदह टोल प्लाजा पर वाहनों से कथित अवैध वसूली के आरोप में 2025 बैच के तीन नए सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि अजय सिंह, युवराज सिंह और दीपू कुशवाहा अपनी निर्धारित ड्यूटी पर जाने के बजाय हाईवे पर वाहनों को रोककर चेकिंग के नाम पर वसूली कर रहे थे। सोशल मीडिया पर वायरल हुई रील और शिकायत के बाद विभागीय जांच कराई गई, जिसमें प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर एसपी डॉ. ईरज राजा ने तीनों को सस्पेंड कर पुलिस लाइन से अटैच कर दिया।

Kashish Rai13 अग. 2026, 09:41 PM IST
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गाजीपुर में वसूली के आरोप में 3 नए सिपाही सस्पेंड, रील बनी वजह l

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में पुलिस विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के मरदह टोल प्लाजा पर वाहनों से कथित अवैध वसूली करने के आरोप में तीन नए सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने मामले में कड़ा कदम उठाते हुए तीनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया है।


निलंबित किए गए सिपाहियों की पहचान अजय सिंह, युवराज सिंह और दीपू कुशवाहा के रूप में हुई है। तीनों वर्ष 2025 बैच में पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। आरोप है कि इनकी ड्यूटी जहां निर्धारित थी, वहां जाने के बजाय तीनों पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के मरदह टोल प्लाजा पहुंच गए और वहां वाहनों को रोककर चेकिंग के नाम पर कथित तौर पर अवैध वसूली कर रहे थे। मामला उस समय सामने आया जब इस कार्रवाई से जुड़ी एक सोशल मीडिया रील वायरल हो गई। बताया जा रहा है कि सिपाहियों द्वारा चेकिंग और वसूली के दौरान बनाई गई रील सोशल मीडिया पर सामने आई, जिसके बाद पूरे मामले ने पुलिस अधिकारियों का ध्यान खींचा। इसके अलावा पुलिस विभाग को इस संबंध में शिकायत भी मिली।


शिकायत और वायरल वीडियो के आधार पर एसपी डॉ. ईरज राजा ने मामले की प्राथमिक जांच कराई। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद तीनों सिपाहियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। पुलिस विभाग ने उनके इस कृत्य को अनुशासनहीनता और कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही माना है। पुलिस के अनुसार, तीनों सिपाहियों को अपनी निर्धारित ड्यूटी पर तैनात रहना था, लेकिन वे कथित तौर पर वहां मौजूद नहीं थे। इसके बजाय वे हाईवे पर पहुंचकर वाहनों को रोक रहे थे। पुलिस विभाग की ओर से बिना अधिकार वाहनों की चेकिंग करने और कथित वसूली को गंभीर मामला माना गया है।


निलंबन के बाद तीनों सिपाहियों को गाजीपुर पुलिस लाइन से अटैच कर दिया गया है। अब मामले की विस्तृत विभागीय जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और आरोपों की पुष्टि के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। एसपी डॉ. ईरज राजा ने स्पष्ट किया है कि पुलिसकर्मियों की अनुशासनहीनता या ऐसा कोई भी कृत्य, जिससे विभाग की छवि खराब होती है, बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में सोशल मीडिया पर वायरल हुई रील जांच के लिए अहम कड़ी साबित हुई, जिसके बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई की।