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स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी का बड़ा ऐलान, 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की ट्रेनिंग देने की बड़ी घोषणा की। युवाओं को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और प्रशिक्षण के जरिए AI से जुड़े कौशल सिखाने पर जोर दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को भविष्य की नौकरियों, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप और तकनीकी अवसरों के लिए तैयार करना है।

Vindhya Dubey15 अग. 2026, 01:09 PM IST
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स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी का बड़ा ऐलान, 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़ी बड़ी पहल की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य देश के 1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग देना है। इसके साथ ही युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से मुफ्त प्रशिक्षण और कोचिंग उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में भारत के युवाओं को भविष्य की नौकरियों और नए अवसरों के लिए तैयार करना जरूरी है। AI आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि, प्रशासन और रोजगार सहित कई क्षेत्रों को प्रभावित करने वाला है। ऐसे में युवाओं को AI आधारित कौशल से जोड़ना देश की डिजिटल और आर्थिक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

युवाओं को मुफ्त ऑनलाइन प्रशिक्षण का फायदा

इस पहल के तहत युवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से AI से जुड़े प्रशिक्षण और सीखने के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले युवा बिना किसी बड़े खर्च के आधुनिक तकनीक सीख सकेंगे। AI ट्रेनिंग में युवाओं को तकनीक की बुनियादी समझ के साथ-साथ इसके व्यावहारिक इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी देने पर जोर रहेगा। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल AI का उपयोग करने तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उन्हें बदलते रोजगार बाजार के लिए तैयार करना भी है।

रोजगार और स्टार्टअप के नए अवसर

AI का बढ़ता इस्तेमाल रोजगार के पारंपरिक स्वरूप को भी बदल रहा है। ऐसे में बड़े पैमाने पर AI प्रशिक्षण से युवाओं के लिए नई नौकरियों, फ्रीलांसिंग, स्टार्टअप और डिजिटल उद्यमिता के अवसर बढ़ सकते हैं। प्रधानमंत्री की घोषणा को भारत को AI के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने की व्यापक रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में प्रशिक्षित युवा देश में AI आधारित सेवाओं और नवाचार को गति दे सकते हैं।

डिजिटल स्किलिंग पर बढ़ा जोर

सरकार पहले से ही डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास पर जोर देती रही है। अब AI को युवाओं के कौशल विकास से जोड़ने की दिशा में यह पहल तकनीकी शिक्षा के विस्तार का नया चरण मानी जा रही है। 1 करोड़ युवाओं तक AI प्रशिक्षण पहुंचाने का लक्ष्य पूरा होने पर देश में AI से जुड़े कौशल का बड़ा टैलेंट पूल तैयार हो सकता है। इससे युवाओं को भविष्य की तकनीकी अर्थव्यवस्था में अपनी जगह बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।