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स्कूल कैंटीन की पेटीज खाने के बाद छात्र की मौत, लापरवाही के आरोप l

जयपुर के झोटवाड़ा स्थित महाराणा प्रताप स्कूल में 12वीं कक्षा के 17 वर्षीय छात्र प्रिंस सोनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, लंच के दौरान स्कूल कैंटीन से पेटीज खाने के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया। परिवार ने स्कूल प्रशासन पर उसे समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने CCTV फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा।

Kashish Rai15 अग. 2026, 05:46 PM IST
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स्कूल कैंटीन की पेटीज खाने के बाद छात्र की मौत, लापरवाही के आरोप l

जयपुर के झोटवाड़ा स्थित महाराणा प्रताप स्कूल में 12वीं कक्षा के 17 वर्षीय छात्र प्रिंस सोनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्रिंस अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और बुधवार सुबह बिल्कुल सामान्य हालत में घर से स्कूल गया था। परिवार के मुताबिक, स्कूल जाने से पहले उसने घर पर दूध के साथ दलिया खाया था और करीब 7:30 बजे रोज की तरह स्कूल के लिए निकला था। उस समय उसकी तबीयत बिल्कुल ठीक थी।


जानकारी के अनुसार, करीब 11 बजे लंच ब्रेक के दौरान प्रिंस अपने सहपाठी यश शर्मा के साथ स्कूल कैंटीन पहुंचा। दोनों ने वहां से पेटीज खरीदी। सहपाठी के मुताबिक, प्रिंस ने पेटीज का करीब आधा हिस्सा खाया और फिर उसे छोड़ दिया। इसके बाद उसने पानी पिया और कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। बताया गया कि प्रिंस बेहोश होकर गिर पड़ा। उसके सहपाठी ने यह भी दावा किया कि पेटीज से बदबू आ रही थी। हालांकि, पेटीज खाने और छात्र की मौत के बीच सीधा संबंध अभी जांच का विषय है और इसकी पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।


प्रिंस की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे स्कूल के एक कमरे में ले जाया गया। इस दौरान का CCTV फुटेज भी पुलिस ने कब्जे में लिया है। फुटेज में छात्र को सहारा देकर कमरे की ओर ले जाते हुए और उसे हवा करते हुए लोग दिखाई देने की बात सामने आई है। परिवार का आरोप है कि प्रिंस की हालत गंभीर होने के बावजूद उसे तत्काल अस्पताल नहीं पहुंचाया गया। परिजनों का कहना है कि स्कूल से कुछ ही दूरी पर अस्पताल मौजूद था, ऐसे में समय पर मेडिकल सहायता मिलती तो शायद स्थिति अलग हो सकती थी। हालांकि, इस दावे की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।


प्रिंस के पिता अमित सोनी के मुताबिक, सुबह करीब 11:14 बजे स्कूल से उन्हें पहली बार फोन आया था। उन्हें बताया गया कि बेटे की तबीयत खराब हो गई है। इसके बाद स्कूल की ओर से कई बार फोन आने की बात परिवार ने कही। अमित उस समय अपनी दुकान पर थे और स्कूल से काफी दूर थे। उन्होंने तुरंत अपनी पत्नी और एक परिचित को स्कूल भेजा। परिवार का आरोप है कि जब तक वे स्कूल पहुंचे, तब तक प्रिंस को अस्पताल नहीं ले जाया गया था। इसके बाद परिवार ने वाहन की व्यवस्था की और प्रिंस को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


बेटे की मौत के बाद मां निर्मला सोनी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के मुताबिक, प्रिंस जब सुबह घर से निकला था तो बिल्कुल स्वस्थ था। कुछ घंटे बाद उसकी मौत की खबर मिलना पूरे परिवार के लिए बेहद बड़ा सदमा है। मां बार-बार अपने बेटे को याद कर रही हैं और परिवार स्कूल प्रशासन की भूमिका को लेकर जवाब मांग रहा है। इस घटना के बाद स्कूल कैंटीन की व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। संयुक्त अभिभावक संघ के प्रवक्ता अभिषेक जैन ने कैंटीन की गंभीरता से जांच की मांग की है। उन्होंने कैंटीन के फूड लाइसेंस, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, खाद्य सुरक्षा मानकों और कैंटीन संचालन की अनुमति की जांच की मांग की है।


डीसीपी प्रशांत किरण के मुताबिक, झोटवाड़ा के महाराणा प्रताप स्कूल में छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने स्कूल से CCTV फुटेज जब्त कर जांच शुरू कर दी है।


पुलिस के अनुसार, परिजनों का आरोप है कि स्कूल कैंटीन में पेटीज खाने के बाद प्रिंस की तबीयत बिगड़ी और उसे सांस लेने में परेशानी हुई। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि मौत का कारण केवल कैंटीन का खाना था या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सकीय वजह थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल जांच से ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज, स्कूल प्रशासन की भूमिका, कैंटीन में उपलब्ध खाद्य सामग्री और छात्र को चिकित्सा सहायता मिलने में लगे समय सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है।