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RG Kar केस में पूर्व TMC विधायक गिरफ्तार, कोर्ट जाते वक्त भीड़ ने किया हमला l

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की ट्रेनी डॉक्टर के रेप और हत्या मामले में शव का कथित तौर पर जल्द अंतिम संस्कार कराने को लेकर पुलिस ने पूर्व TMC विधायक निर्मल घोष को गिरफ्तार किया है। कोर्ट ले जाते समय गुस्साई भीड़ ने उन पर हमला किया और जूते-चप्पल व अंडे फेंके। मामले में एक अन्य आरोपी पूर्व पार्षद संजीव मुखर्जी भी गिरफ्तार है, जबकि पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष सोमनाथ दे फरार बताया जा रहा है। पुलिस अब अंतिम संस्कार से जुड़े आरोपों और संभावित साजिश के पहलुओं की जांच कर रही है।

Kashish Rai15 अग. 2026, 05:47 PM IST
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RG Kar केस में पूर्व TMC विधायक गिरफ्तार, कोर्ट जाते वक्त भीड़ ने किया हमला l

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की ट्रेनी डॉक्टर के रेप और हत्या मामले में एक बार फिर कार्रवाई तेज हो गई है। पुलिस ने शव का कथित तौर पर जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने के आरोप में पूर्व TMC विधायक निर्मल घोष को गिरफ्तार किया है। गुरुवार को ओडिशा से गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को उन्हें पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के खरदाह थाने से कोर्ट ले जाया जा रहा था। इसी दौरान थाने के बाहर जमा गुस्साई भीड़ ने पूर्व विधायक पर हमला कर दिया।


पुलिस सुरक्षा के बीच निर्मल घोष को प्रिजन वैन तक ले जाया जा रहा था, तभी भीड़ ने उन्हें घेर लिया। पुलिस और RAF के जवानों ने सुरक्षा के लिए उनके सिर पर हेलमेट लगाया हुआ था, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उन्हें निशाना बनाया। भीड़ की ओर से जूते-चप्पल, अंडे और कीचड़ फेंके जाने की बात सामने आई है। यहां तक कि प्रदर्शनकारियों ने उन्हें जूतों की माला भी पहनाई। उनके साथ पूर्व पार्षद और करीबी सहयोगी संजीव मुखर्जी को भी भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ा।


संजीव मुखर्जी को इस मामले में एक दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। उन पर भी आरोप है कि वह पोस्टमार्टम के बाद ट्रेनी डॉक्टर के शव को श्मशान घाट ले जाने के दौरान वहां मौजूद थे। जब दोनों आरोपियों को बैरकपुर सब-डिविजनल कोर्ट ले जाया गया, तो कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों ने भी उनके खिलाफ नारेबाजी की। सामने आए वीडियो में दोनों के कपड़ों पर अंडे और कीचड़ के निशान दिखाई देने की बात सामने आई है। इस मामले में तीसरे आरोपी के तौर पर पानिहाटी नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ दे का नाम सामने आया है। वह फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और मामले में उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।


निर्मल घोष की गिरफ्तारी मृतका डॉक्टर के पिता की ओर से दर्ज कराई गई नई शिकायत के बाद हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि तत्कालीन विधायक होने के नाते निर्मल घोष ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए परिवार की इच्छा के खिलाफ उनकी बेटी के शव का जल्द अंतिम संस्कार कराने में भूमिका निभाई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। आरजी कर मामले में यह नया घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब ट्रेनी डॉक्टर के परिवार की ओर से शुरू से ही घटना की जांच और अंतिम संस्कार को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं।


 परिवार का आरोप रहा है कि शव का जल्द अंतिम संस्कार कराने से मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जांच प्रभावित हो सकती थी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। आरजी कर मेडिकल कॉलेज में 9 अगस्त 2024 को ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप और हत्या की घटना सामने आई थी। इसके बाद मामले ने पूरे देश में व्यापक आक्रोश पैदा किया था। डॉक्टरों ने लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन किया और स्वास्थ्य व्यवस्था तथा महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए।


मामले में सिविक वॉलंटियर संजय रॉय को गिरफ्तार किया गया था। बाद में अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। हालांकि, पीड़ित परिवार लगातार यह सवाल उठाता रहा कि क्या इस मामले में केवल एक व्यक्ति जिम्मेदार था या इसके पीछे अन्य लोगों की भी भूमिका थी। पूर्व विधायक की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का दायरा शव के अंतिम संस्कार से जुड़े घटनाक्रम और उस दौरान मौजूद लोगों की भूमिका तक पहुंच गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अंतिम संस्कार के फैसले में किन लोगों की भूमिका थी और क्या किसी तरह का दबाव या प्रभाव इस्तेमाल किया गया था।


मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं ने जांच का दायरा बढ़ाने और उस समय के प्रशासनिक फैसलों की भी जांच की मांग की है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और फरार बताए जा रहे तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस हाई-प्रोफाइल मामले में और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।