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विमल इलायची विज्ञापन पर शाहरुख, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को महाराष्ट्र FDA का नोटिस
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA का आरोप है कि यह विज्ञापन प्रतिबंधित विमल पान मसाला का अप्रत्यक्ष या ‘सरोगेट’ प्रचार हो सकता है। तीनों अभिनेताओं से 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।
Kalpana Gautam16 अग. 2026, 05:55 PM IST

महाराष्ट्र FDA ने विमल इलायची के विज्ञापन में दिखाई देने वाले शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नोटिस भेजा है। विभाग के अनुसार, विज्ञापन में ‘विमल’ ब्रांड का इस्तेमाल ऐसी छवि बना सकता है, जिसका संबंध पान मसाला उत्पाद से है। इसी आधार पर FDA ने इसे प्रतिबंधित उत्पाद के अप्रत्यक्ष प्रचार की आशंका जताई है। नोटिस में कहा गया है कि विज्ञापन प्रथम दृष्टया ‘सरोगेट एडवरटाइजिंग’ यानी किसी दूसरे उत्पाद के नाम या ब्रांड के जरिए प्रतिबंधित उत्पाद को बढ़ावा देने की श्रेणी में आ सकता है। हालांकि, FDA ने अभी यह अंतिम रूप से नहीं कहा है कि तीनों अभिनेता दोषी हैं; उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है।
15 दिन में देना होगा जवाब
महाराष्ट्र FDA ने अभिनेताओं से पूछा है कि विज्ञापन में शामिल होने से पहले उन्होंने और उनकी एजेंसियों ने किस तरह की कानूनी व तथ्यात्मक जांच की थी। उनसे यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि विमल इलायची एक स्वतंत्र रूप से बिकने वाला उत्पाद है या इसका इस्तेमाल विमल पान मसाला अथवा तंबाकू उत्पादों के प्रचार के लिए किया जा रहा है। नोटिस मिलने की तारीख से 15 दिनों के भीतर लिखित जवाब और संबंधित दस्तावेज जमा करने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर अभिनेता व्यक्तिगत रूप से या अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से सुनवाई का अनुरोध भी कर सकते हैं।
विज्ञापन हटाने का निर्देश
FDA ने कथित तौर पर विज्ञापन से जुड़े प्रचारात्मक कंटेंट को सोशल मीडिया, वेबसाइट और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाने तथा आगे इसके प्रसारण या प्रचार में सहयोग नहीं करने का निर्देश दिया है। विभाग ने इसे खाद्य सुरक्षा कानून के तहत भ्रामक विज्ञापन और अप्रत्यक्ष प्रचार के संभावित मामले के रूप में देखा है।
महाराष्ट्र में विमल पान मसाला पर प्रतिबंध का दावा
नोटिस में FDA ने उल्लेख किया है कि महाराष्ट्र में विमल पान मसाला के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक साल की अवधि के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह कार्रवाई 13 जुलाई 2026 को जारी प्रतिबंध आदेश से जुड़ी है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2)(a) के तहत राज्य खाद्य सुरक्षा आयुक्त को सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में कुछ खाद्य उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार है।
आगे क्या हो सकता है?
अभिनेताओं के जवाब मिलने के बाद FDA यह तय कर सकता है कि विज्ञापन खाद्य सुरक्षा कानूनों और संबंधित विज्ञापन नियमों का उल्लंघन करता है या नहीं। यदि विभाग को उल्लंघन मिलता है, तो संबंधित पक्षों के खिलाफ कानूनी या नियामकीय कार्रवाई की जा सकती है। अभी तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर मामला जांच और जवाब दाखिल करने के चरण में है, अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
