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भारत को नकल नहीं, अपनी ताकत के दम पर दुनिया का मार्गदर्शन करना चाहिए : डॉ. मोहन भागवत

भारत को अमेरिका, चीन या अन्य देशों से अपनी तुलना करने के बजाय अपनी संस्कृति, परंपरा, मूल्यों और ज्ञान के आधार पर विकास की दिशा तय करनी चाहिए। भारत के पास दुनिया को दिशा देने की क्षमता है और इसी आत्मविश्वास के साथ देश को आगे बढ़ना चाहिए, ऐसा प्रतिपादन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने किया। नागपुर के कस्तूरचंद पार्क मैदान में ‘लोकमत’ समूह की ओर से आयोजित ध्वजारोहण समारोह में वे बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए राष्ट्रहित और समाजहित को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

Priyanka Gaikwad19 अग. 2026, 10:01 AM IST
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भारत को नकल नहीं, अपनी ताकत के दम पर दुनिया का मार्गदर्शन करना चाहिए : डॉ. मोहन भागवत
नागपुर : भारत को दूसरे देशों के विकास मॉडल की केवल नकल करने या उनसे अपनी तुलना करने की आवश्यकता नहीं है। देश की अपनी संस्कृति, परंपरा, ज्ञान और मूल्य व्यवस्था ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। इसी ताकत के आधार पर भारत को आगे बढ़ते हुए पूरी दुनिया को दिशा देने की भूमिका निभानी चाहिए, ऐसा आह्वान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने किया। नागपुर के ऐतिहासिक कस्तूरचंद पार्क मैदान में नागपुर महानगरपालिका के सहयोग से ‘लोकमत’ समाचार समूह की ओर से ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. मोहन भागवत के हाथों 200 फीट ऊंचे राष्ट्रध्वज का ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर महापौर नीता ठाकरे सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

देश के उज्ज्वल भविष्य में युवाओं की अहम भूमिका
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डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि भारत के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। देश की युवा शक्ति को सही दिशा और अवसर मिलना जरूरी है। युवाओं को केवल अपने व्यक्तिगत भविष्य के बारे में नहीं, बल्कि देश और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के बारे में भी सोचना चाहिए। भारत के पास बड़ी युवा आबादी है। यह देश के लिए एक बड़ी ताकत है। यदि इस युवा शक्ति का सही उपयोग किया गया तो भारत विकास के नए आयाम स्थापित कर सकता है। लेकिन युवाओं को सही अवसर और दिशा नहीं मिली तो यही शक्ति चुनौती भी बन सकती है। इसलिए युवाओं में जिम्मेदारी, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करना आवश्यक है।

रोजगार का मतलब सिर्फ नौकरी नहीं
डॉ. भागवत ने रोजगार को लेकर भी युवाओं की सोच व्यापक करने की आवश्यकता बताई। रोजगार का अर्थ केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं है। उद्योग, व्यवसाय और नए क्षेत्रों में भी युवाओं के लिए अनेक अवसर मौजूद हैं। इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए युवाओं में जोखिम उठाने, चुनौतियों का सामना करने और नए प्रयोग करने का साहस होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत करने का आह्वान किया। युवाओं के पास ऊर्जा, उत्साह और कुछ नया करने की क्षमता होती है। इस ऊर्जा को केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखते हुए देश के विकास में लगाया जाना चाहिए।

राष्ट्र की प्रतिष्ठा और सुरक्षा की जिम्मेदारी
देश की प्रतिष्ठा और सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के लिए युवाओं को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। देश की प्रगति में युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। व्यक्तिगत विकास के साथ समाज और राष्ट्र के हित को प्राथमिकता देने की भावना मजबूत होनी चाहिए, ऐसा डॉ. भागवत ने कहा। उन्होंने राष्ट्रध्वज के महत्व पर भी प्रकाश डाला। राष्ट्रध्वज केवल एक प्रतीक नहीं है, बल्कि इसके पीछे देश का इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, संघर्ष और बलिदान की भावना जुड़ी हुई है। इसलिए राष्ट्रध्वज का सम्मान करना और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

विरोध करें, सवाल पूछें; लेकिन संविधान का सम्मान रखें
कार्यक्रम में लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के सम्मान पर भी जोर दिया गया। लोकतंत्र में सवाल पूछना, अपनी बात रखना और विरोध करना स्वाभाविक है। लेकिन असहमति व्यक्त करते समय संविधान और संवैधानिक व्यवस्था का सम्मान बनाए रखना जरूरी है। विभिन्न विचारधाराओं के बीच संवाद और सहयोग की भावना मजबूत होनी चाहिए। देश को मजबूत बनाने के लिए मतभेदों के बावजूद राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

‘राष्ट्र प्रथम, समाज प्रथम’ का संदेश   समारोह में ‘राष्ट्र प्रथम, समाज प्रथम’ की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। देश की प्रगति तभी सार्थक होगी, जब समाज के सभी वर्गों का विकास हो और प्रत्येक नागरिक अपने स्तर पर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे। कार्यक्रम में ‘लोकमत’ समूह के उपाध्यक्ष मतीन खान ने संचालन किया, जबकि संपादक श्रीमंत माने ने उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। समारोह में बड़ी संख्या में नागरिक और युवा उपस्थित रहे।