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घी के नाम पर मिलावट का खेल? गुजरात में ₹35 लाख का माल जब्त, जांच शुरू
गुजरात में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ Food Safety विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सूरत और बनासकांठा के डीसा में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान ₹35 लाख से अधिक कीमत का संदिग्ध घी और खाद्य तेल जब्त किया गया। सूरत की एक इकाई से 5,157 लीटर संदिग्ध घी के साथ Palm Oil और Soybean Oil भी बरामद हुए, जबकि डीसा से करीब 987 लीटर संदिग्ध घी जब्त किया गया। सभी उत्पादों के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। लैब रिपोर्ट के बाद ही मिलावट की वास्तविक प्रकृति स्पष्ट होगी।

अहमदाबाद/सूरत: गुजरात में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ Food and Drug Regulatory Authority ने बड़ी कार्रवाई की है। सूरत और बनासकांठा जिले के डीसा में की गई छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने ₹35 लाख से अधिक कीमत का संदिग्ध मिलावटी घी और खाद्य तेल जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में तैयार घी के साथ उन तेलों को भी जब्त किया गया, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर घी तैयार करने में किया जा रहा था। जब्त किए गए सभी खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
सूरत में बिना लाइसेंस चल रही थी यूनिट
Food Safety अधिकारियों ने सूरत के कामरेज तालुका स्थित स्टेड पर्डी के हिंदवा ड्रीम इंडस्ट्रियल एस्टेट में ‘Keval Food Product’ नाम की इकाई पर छापा मारा। अधिकारियों के अनुसार यहां बिना वैध लाइसेंस के घी का निर्माण और पैकेजिंग किए जाने की बात सामने आई। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में पैक किया हुआ ‘Shri Anmol Ratan Cow Ghee’ बरामद किया गया। अधिकारियों ने कुल 5,157 लीटर संदिग्ध घी जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹26.12 लाख बताई गई है।
घी बनाने में इस्तेमाल होने वाले तेल भी मिले
छापेमारी के दौरान अधिकारियों को बड़ी मात्रा में palm oil और soybean oil भी मिला। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 1,485 किलोग्राम palm oil और 285 किलोग्राम soybean oil जब्त किया गया, जिसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹3.63 लाख है। अधिकारियों को संदेह है कि इन खाद्य तेलों और अन्य सामग्री का इस्तेमाल घी तैयार करने के लिए किया जा रहा था। हालांकि, अंतिम रूप से यह पुष्टि प्रयोगशाला जांच के बाद ही होगी कि जब्त उत्पादों में किस स्तर की मिलावट थी।
डीसा में भी बड़ी मात्रा में संदिग्ध घी बरामद
Food Safety विभाग की कार्रवाई सिर्फ सूरत तक सीमित नहीं रही। बनासकांठा जिले के डीसा में भी अधिकारियों ने छापेमारी की। यहां से करीब 987 लीटर बिना हिसाब का संदिग्ध घी जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹6.22 लाख बताई गई है। इस तरह सूरत और डीसा में हुई कार्रवाई में जब्त सामग्री का कुल मूल्य ₹35 लाख से अधिक बताया जा रहा है।
जांच के लिए भेजे गए सभी सैंपल
Food Safety अधिकारियों ने जब्त किए गए घी और अन्य खाद्य सामग्री के नमूने लिए हैं। इन्हें मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजा गया है। प्रयोगशाला रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि उत्पादों में कौन-कौन से पदार्थ इस्तेमाल किए गए थे और क्या वे निर्धारित Food Safety Standards का उल्लंघन करते हैं। इसलिए फिलहाल जब्त सामग्री को ‘संदिग्ध मिलावटी’ कहना उचित है, जबकि अंतिम निष्कर्ष लैब रिपोर्ट और आगे की कानूनी जांच के बाद सामने आएगा।
Food Safety and Standards Act के तहत कार्रवाई
अधिकारियों ने संबंधित इकाइयों के खिलाफ Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत कार्रवाई शुरू की है। बिना आवश्यक लाइसेंस के खाद्य पदार्थों का निर्माण और बिक्री करना भी खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत गंभीर उल्लंघन माना जाता है। सरकारी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ राज्यभर में ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
उपभोक्ताओं के लिए क्यों गंभीर है मामला?
घी और खाद्य तेल रोजमर्रा के भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यदि किसी खाद्य उत्पाद में घटिया या गलत सामग्री मिलाई जाती है और उसे असली घी के नाम पर बेचा जाता है, तो इससे उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा का खतरा भी पैदा हो सकता है। विशेष रूप से घी जैसे महंगे खाद्य उत्पादों में मिलावट का आर्थिक लाभ उठाने के लिए सस्ते वनस्पति तेल या अन्य वसा का इस्तेमाल किए जाने की आशंका रहती है। हालांकि, इस मामले में जब्त उत्पादों की वास्तविक संरचना और गुणवत्ता का पता लैब रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।
त्योहारों से पहले बढ़ी निगरानी
गुजरात में खाद्य पदार्थों की जांच का यह अभियान ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब त्योहारों के दौरान घी, तेल, मिठाई और डेयरी उत्पादों की मांग बढ़ती है। ऐसे समय में खाद्य विभाग आमतौर पर मिलावटखोरी रोकने के लिए बाजारों, उत्पादन इकाइयों और गोदामों पर निगरानी बढ़ाता है।
गुजरात में इससे पहले भी मिलावटी घी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो चुकी है। अगस्त 2025 में FSSAI ने राजकोट की एक डेयरी यूनिट से लगभग 6,500 किलोग्राम संदिग्ध मिलावटी घी जब्त किया था, जिसकी कीमत करीब ₹35 लाख बताई गई थी। उस मामले में प्रयोगशाला जांच में घी में vegetable fat की मिलावट की पुष्टि हुई थी।
आगे क्या होगा?
फिलहाल सूरत और डीसा से जब्त घी और तेल के नमूनों की जांच का इंतजार है। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ आगे की कानूनी और नियामकीय कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल मिलावटी उत्पादों को बाजार में पहुंचने से रोकना नहीं है, बल्कि ऐसे कारोबारियों पर भी शिकंजा कसना है जो बिना लाइसेंस खाद्य उत्पाद तैयार या पैक कर रहे हैं। कुल मिलाकर, गुजरात में ₹35 लाख से अधिक के संदिग्ध घी और तेल की बरामदगी ने एक बार फिर खाद्य पदार्थों में मिलावट के खतरे को सामने ला दिया है। अब निगाहें प्रयोगशाला रिपोर्ट पर हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि जब्त उत्पादों में किस प्रकार की मिलावट थी और संबंधित इकाइयों के खिलाफ कितनी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
