general
‘Healthy’ और ‘Vegan’ जैसे दावों पर FSSAI सख्त, 6 कंपनियों ने सुधारी पैकेजिंग
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की कार्रवाई के बाद छह Food Business Operators ने अपने उत्पादों की लेबलिंग, ट्रेडमार्क और प्रचार संबंधी दावों में सुधार किया है। कंपनियों को ऐसे दावों को लेकर नोटिस जारी किए गए थे, जिन्हें नियामक ने उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाला या नियमों के अनुरूप नहीं माना। कार्रवाई के बाद कुछ कंपनियों ने ‘Healthy’ और ‘Vegan’ जैसे दावे हटाए, कुछ ने ट्रेडमार्क बदले और कुछ ने संबंधित उत्पादों को अपनी वेबसाइट से हटा दिया। FSSAI की इस कार्रवाई का उद्देश्य पैकेज्ड फूड पर उपभोक्ताओं को सही और पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराना है।

नई दिल्ली: पैकेज्ड फूड पर भ्रामक दावों और गलत लेबलिंग के खिलाफ भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की कार्रवाई का असर अब कंपनियों पर दिखने लगा है। FSSAI ने रविवार, 16 अगस्त 2026 को बताया कि नोटिस मिलने के बाद छह Food Business Operators (FBOs) ने अपने उत्पादों के लेबल, ट्रेडमार्क और प्रचार संबंधी दावों में सुधार किया है। नियामक के मुताबिक, कुछ कंपनियों ने भ्रामक दावे वापस लिए, कुछ ने पैकेजिंग बदली और कुछ ने संबंधित उत्पादों को अपनी वेबसाइट से हटा दिया।
क्यों हुई FSSAI की कार्रवाई?
FSSAI लगातार पैकेज्ड खाद्य उत्पादों पर किए जाने वाले ऐसे दावों की निगरानी कर रहा है, जो उपभोक्ताओं को उत्पाद की गुणवत्ता, स्वास्थ्य लाभ या प्रकृति के बारे में गलत धारणा दे सकते हैं। खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग पर इस्तेमाल होने वाले claims और advertisements को Food Safety and Standards (Advertisements & Claims) Regulations, 2018 के तहत निर्धारित नियमों का पालन करना होता है। FSSAI पहले भी कंपनियों को वैज्ञानिक आधार के बिना बढ़ा-चढ़ाकर किए जाने वाले दावों से बचने की चेतावनी देता रहा है।
Livyor ने ‘Vegan & Healthy’ दावा हटाया
FSSAI के मुताबिक Livyor Ventures Pvt Ltd ने अपने “Livyor Roasted Edamame Beans” उत्पाद के लेबल से ‘vegan’ और ‘healthy’ जैसे दावों को वापस लेने की कार्रवाई की है। कंपनी ने नियामक को दिए जवाब में कहा कि ये शब्द लागू नियमों की जानकारी की कमी के कारण अनजाने में पैकेजिंग पर छप गए थे। कंपनी ने इस गलती पर खेद जताया और भविष्य में ऐसी गैर-अनुपालन स्थिति दोबारा नहीं होने का आश्वासन दिया। कंपनी ने मौजूदा पैकेजिंग को बदलने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है और गैर-अनुपालन वाले दावों वाली पुरानी पैकेजिंग को नष्ट करने की जानकारी FSSAI को दी है।
दो कंपनियों ने बदले ट्रेडमार्क
Honest Innovations For You Pvt Ltd और Heliostone Specialities Pvt Ltd ने भी FSSAI की आपत्ति के बाद अपने भ्रामक ट्रेडमार्क में बदलाव किया है। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि खाद्य उत्पादों के नाम और ट्रेडमार्क भी उपभोक्ता के खरीद निर्णय को प्रभावित करते हैं। यदि किसी नाम या प्रस्तुति से उत्पाद के बारे में गलत धारणा बनती है, तो नियामक उस पर कार्रवाई कर सकता है।
Rajasthan Agro ने हटाए भ्रामक दावे
Rajasthan Agro and General Industries को भी FSSAI की ओर से नोटिस मिला था। कंपनी ने नियामक के निर्देशों का पालन करते हुए अपने उत्पाद से संबंधित भ्रामक दावों को हटाने की जानकारी दी है। FSSAI के अनुसार कंपनी ने PPM के इस्तेमाल को भी बंद कर दिया है।
Iota Nanotechnology ने बदली लेबलिंग और उत्पादन
Iota Nanotechnology Pvt Ltd ने भी अपने उत्पाद के लेबल से आपत्तिजनक या भ्रामक दावों को हटा दिया है। इसके अलावा कंपनी ने non-standardised water के उत्पादन को भी बंद कर दिया है। यह कार्रवाई बताती है कि FSSAI केवल पैकेजिंग पर लिखे दावों की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्पाद की प्रकृति और उसके मानकीकरण से जुड़े पहलुओं पर भी निगरानी कर रहा है।
Panchamurtha Industries ने वेबसाइट से हटाया उत्पाद
Panchamurtha Industries Pvt Ltd ने अपने electrolyte drink को वेबसाइट से हटा दिया है। FSSAI की कार्रवाई के बाद कंपनी ने संबंधित उत्पाद को ऑनलाइन सूची से delist कर दिया। आज के समय में खाद्य उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में वेबसाइट और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर किए जाने वाले दावों की निगरानी भी खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही है।
उपभोक्ताओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह कार्रवाई?
पैकेज्ड फूड खरीदते समय उपभोक्ता अक्सर पैकेट पर लिखे शब्दों जैसे “healthy”, “natural”, “vegan”, “pure” या दूसरे health-related claims के आधार पर निर्णय लेते हैं। ऐसे दावे अगर स्पष्ट नियमों या वैज्ञानिक आधार के अनुरूप नहीं हैं, तो उपभोक्ता को उत्पाद के बारे में गलत जानकारी मिल सकती है। इसी वजह से FSSAI का कहना है कि खाद्य कंपनियों को ऐसे दावों से बचना चाहिए जो उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकते हैं।
FSSAI पहले भी कर चुका है कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब FSSAI ने misleading claims को लेकर कंपनियों पर कार्रवाई की है। नियामक ने पहले भी स्वास्थ्य, गुणवत्ता और उत्पाद संबंधी दावों की निगरानी करते हुए कई Food Business Operators को नोटिस जारी किए हैं। FSSAI ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी कंपनी का जवाब संतोषजनक नहीं होता है, तो उसे भ्रामक दावे हटाने या उन्हें नियमों के अनुरूप बदलने के लिए कहा जा सकता है। नियमों का उल्लंघन जारी रहने पर Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत जुर्माना और अन्य नियामकीय कार्रवाई का प्रावधान है।
उपभोक्ता भी कर सकते हैं शिकायत
FSSAI ने उपभोक्ताओं को भी पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर मौजूद संदिग्ध या भ्रामक दावों की शिकायत करने की सुविधा दी है। इसके लिए Food Safety Connect ऐप और FoSCoS प्रणाली का इस्तेमाल किया जा सकता है। उपभोक्ता उत्पाद की तस्वीर, FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन नंबर और ऑनलाइन बिक्री से जुड़ी जानकारी के साथ शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
आगे भी जारी रहेगी निगरानी
छह कंपनियों द्वारा सुधारात्मक कदम उठाए जाने के बाद FSSAI ने संकेत दिया है कि खाद्य उत्पादों की लेबलिंग और विज्ञापन पर निगरानी जारी रहेगी। इसका उद्देश्य कंपनियों को नियमों का पालन कराने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को सही और पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराना है।
कुल मिलाकर, छह कंपनियों द्वारा भ्रामक लेबल और दावों में सुधार FSSAI की enforcement कार्रवाई का महत्वपूर्ण परिणाम है। यह मामला उपभोक्ताओं के लिए भी एक संदेश है कि पैकेज्ड फूड खरीदते समय केवल आकर्षक दावों पर भरोसा करने के बजाय लेबल पर दी गई पूरी जानकारी और उत्पाद की वैधता को ध्यान से देखना जरूरी है।
