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मुलुंड डंपिंग ग्राउंड की 15 एकड़ जमीन अडानी से जुड़ी कंपनी को, बीएमसी सुधार समिति ने दी मंजूरी
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की सुधार समिति ने भारी विपक्षी हंगामे के बीच मुलुंड डंपिंग ग्राउंड की 60,703 वर्ग मीटर (लगभग 15 एकड़) जमीन धारावी पुनर्विकास परियोजना के लिए अडानी समूह से जुड़ी कंपनी नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को पांच साल के पट्टे पर देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सुधार समिति की अध्यक्ष संध्या दोशी ने शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस के कड़े ऐतराज के बावजूद इस प्रस्ताव को पारित किया।
Khushi19 अग. 2026, 10:01 AM IST

यह निर्णय मुंबई के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य में एक बड़े विवाद का कारण बन गया है। धारावी के पात्र और अपात्र निवासियों के पुनर्वास और परियोजना के निर्माण कार्यों के नाम पर मुलुंड की बेशकीमती नगर निगम भूमि को बिना निविदा प्रक्रिया के एक निजी संस्था को रियायती दर पर सौंपने के आरोप लग रहे हैं, जिससे मुंबई में बुनियादी ढांचे और नागरिक संसाधनों के आवंटन पर बहस छिड़ गई है।
धारावी पुनर्विकास परियोजना के तहत पात्र निवासियों को मुफ्त मकान तथा लगभग साढ़े तीन से चार लाख अपात्र निवासियों के लिए किफायती पट्टे के मकान बनाने की योजना है। इस विशाल परियोजना के लिए आवश्यक कास्टिंग यार्ड, रेडीमिक्स कंक्रीट (आरएमसी) प्लांट और सामग्री भंडारण जैसे कार्यों के लिए मुलुंड डंपिंग ग्राउंड की जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा।
प्रस्ताव के अनुसार, इस 60,703 वर्ग मीटर भूमि का पट्टा शुल्क पहले रेडी रेकनर दर (47,800 रुपये प्रति वर्ग मीटर) के अनुसार 5 वर्षों के लिए 181.35 करोड़ रुपये आंका गया था। हालांकि, स्वीकृत प्रस्ताव में इसी भूमि को 98.46 करोड़ रुपये के घटाए गए पट्टा शुल्क पर देने का प्रावधान किया गया है।
सुधार समिति की बैठक में विपक्ष ने इस फैसले पर प्रशासन को जमकर घेरा। शिवसेना (यूबीटी) की पार्षदों ने सवाल उठाया कि जब धारावी में जगह उपलब्ध कराई जा सकती है, तो स्थानीय मुलुंड निवासियों के भारी विरोध के बावजूद इस जमीन को पट्टे पर देने का आग्रह क्यों किया जा रहा है। वहीं कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस कार्य के लिए कोई टेंडर प्रक्रिया आयोजित नहीं की गई और सीधे एक कंपनी को जमीन आवंटित कर दी गई।
इसके विपरीत, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने धारावी पुनर्विकास परियोजना में किसी भी प्रकार की रुकावट न आए, यह तर्क देते हुए प्रस्ताव का समर्थन किया। इसके बाद सुधार समिति ने बहुमत और अध्यक्षीय सहमति से प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी।
मामले में विरोध दर्ज कराते हुए शिवसेना (यूबीटी) की वरिष्ठ नेता विशाखा राउत ने कहा, "कास्टिंग यार्ड और रेडीमिक्स कंक्रीट प्लांट के लिए धारावी में ही जगह क्यों नहीं खोजी गई? मुलुंड के स्थानीय नागरिकों के कड़े विरोध के बावजूद डंपिंग ग्राउंड की जमीन अडानी से जुड़ी कंपनी को सौंपने की इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई जा रही है?"
वहीं, कांग्रेस के बीएमसी समूह नेता अशरफ आजमी ने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा, "बिना किसी पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के सीधे एक कंपनी को करोड़ों की जमीन सौंपने का फैसला नगर निगम प्रशासन की मंशा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है।"
प्रस्ताव का समर्थन करते हुए भाजपा पार्षद प्रकाश गंगाधरे ने कहा, "धारावी पुनर्विकास परियोजना मुंबई के लाखों निवासियों के जीवन स्तर को सुधारने से जुड़ी एक महत्वपूर्ण परियोजना है। इसमें किसी भी तरह का तकनीकी या ढांचागत विलंब न हो, इसलिए मुलुंड की जगह पट्टे पर देने का फैसला जनहित में सही है।"
