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पालिताणा सरकारी अस्पताल में बिना काम के ₹50.43 लाख का बिल, दो इंजीनियर सस्पेंड l

गुजरात के भावनगर जिले के पालिताणा सरकारी अस्पताल में 2.55 लाख लीटर क्षमता वाली भूमिगत पानी की टंकी का काम मौके पर हुआ ही नहीं था, लेकिन इसके लिए ₹50.43 लाख का बिल मंजूरी के लिए पेश कर दिया गया। मामले का खुलासा स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया के अस्पताल निरीक्षण के बाद हुआ। मंत्री के निर्देश पर दो इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है और संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया के निर्देश दिए गए हैं।

Kashish Rai21 अग. 2026, 09:59 AM IST
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पालिताणा सरकारी अस्पताल में बिना काम के ₹50.43 लाख का बिल, दो इंजीनियर सस्पेंड l

गुजरात के भावनगर जिले के पालिताणा सरकारी अस्पताल से सरकारी निर्माण कार्यों में कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। अस्पताल में 2.55 लाख लीटर क्षमता वाली भूमिगत पानी की टंकी बनाने का काम मंजूर किया गया था, लेकिन मौके पर टंकी का निर्माण हुआ ही नहीं। इसके बावजूद करीब ₹50.43 लाख का बिल मंजूरी के लिए स्वास्थ्य विभाग के मुख्य कार्यालय में पेश कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मंत्री के निरीक्षण में सामने आया मामला

स्वास्थ्य मंत्री ने करीब 13 दिन पहले पालिताणा सरकारी अस्पताल का दौरा किया था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के लिए स्वीकृत भूमिगत पानी की टंकी मौके पर दिखाई नहीं दी। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि टंकी का निर्माण कार्य पूरा तो दूर, मौके पर शुरू भी नहीं हुआ था, लेकिन इसके बावजूद लाखों रुपये का बिल मुख्य कार्यालय में मंजूरी के लिए भेज दिया गया था।

दो इंजीनियरों पर कार्रवाई के निर्देश

मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पालिताणा अस्पताल और प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (PIU) के संबंधित अधिकारियों से पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली। बिल पेश करने की प्रक्रिया में जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। मंत्री ने प्रभारी कार्यकारी इंजीनियर मेहुल दवे और डिप्टी कार्यकारी इंजीनियर एन.वी. कालिया के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही दोनों अधिकारियों के खिलाफ निलंबन या सेवा समाप्ति जैसी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी

मामले में शामिल सूरत की धर्मनंदन कंस्ट्रक्शन के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग अब इस पूरे मामले में यह भी जांच करेगा कि बिना काम हुए बिल किस स्तर पर तैयार किया गया और उसे मंजूरी के लिए आगे कैसे भेजा गया।

सार्वजनिक धन के इस्तेमाल में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: मंत्री

स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने स्पष्ट किया कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवंटित सार्वजनिक धन के इस्तेमाल में किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। विभाग की ओर से स्वीकृत कार्यों की निगरानी और मजबूत करने की बात भी कही गई है, ताकि काम समय पर पूरे हों और निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन हो। फिलहाल मामले में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ पुलिस शिकायत, निलंबन या सेवा समाप्ति और ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।