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बेंगलुरु में लग्जरी कार चोरी गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत 2 गिरफ्तार l
बेंगलुरु की इलेक्ट्रॉनिक सिटी डिवीजन पुलिस ने लग्जरी कार चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी आधुनिक उपकरणों की मदद से महंगी कारों की डुप्लीकेट चाबी तैयार कर उन्हें चोरी करते थे और बाद में राजस्थान में अपने संपर्कों के जरिए बेच देते थे। पुलिस ने करीब ₹35 लाख की टोयोटा फॉर्च्यूनर बरामद की है। जांच में आरोपियों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में कुल 21 मामले दर्ज होने की बात सामने आई है।

बेंगलुरु पुलिस ने लग्जरी कारों को निशाना बनाने वाले एक कथित चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इलेक्ट्रॉनिक सिटी डिवीजन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई टोयोटा फॉर्च्यूनर बरामद की है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹35 लाख बताई गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी महंगी कारों को चोरी करने के बाद उन्हें राजस्थान में अपने संपर्कों के जरिए बेचते थे। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और चोरी की गई दूसरी गाड़ियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
होटल की पार्किंग से चोरी हुई थी फॉर्च्यूनर
मामला 27 जून का है। चेन्नई निवासी एक व्यक्ति ने बेंगलुरु में अपनी टोयोटा फॉर्च्यूनर चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। वह वीकेंड ट्रिप के लिए बेंगलुरु आया था और रात करीब 1:30 बजे फिल्म देखने के बाद होटल लौटा था। उसने अपनी कार होटल की पार्किंग में खड़ी की थी। कुछ समय बाद जब वह पार्किंग में पहुंचा तो उसकी करीब ₹35 लाख की फॉर्च्यूनर वहां से गायब थी। शिकायत मिलने के बाद इलेक्ट्रॉनिक सिटी डिवीजन पुलिस ने जांच शुरू की।
हाईवे के पास महिला आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए कई स्थानों पर दबिश दी। जांच के दौरान 4 जुलाई को पुलिस टीम ने आरोपियों को बेलगावी-पुणे नेशनल हाईवे के पास कराड इलाके में ट्रेस किया। पुलिस कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी चोरी की कार लेकर फरार होने में कामयाब रहा, लेकिन उसकी महिला साथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में महिला आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि दोनों मिलकर महंगी कारों को निशाना बनाते थे और चोरी की गाड़ियों को बेचकर जल्दी पैसा कमाने की कोशिश करते थे।
सिल्क बोर्ड के पास मुख्य आरोपी गिरफ्तार
महिला आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी की तलाश तेज कर दी। विशेष टीम ने आखिरकार 17 जुलाई को सिल्क बोर्ड के पास उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी से लग्जरी कार चोरी करने और उन्हें दूसरे राज्य में पहुंचाकर बेचने से जुड़े कई अहम सुराग मिले।
राजस्थान में बेची जाती थीं चोरी की कारें
जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी चोरी की गई लग्जरी कारों को राजस्थान के बाड़मेर, बालोतरा और आसपास के इलाकों में अपने संपर्कों के जरिए बेचते थे। मुख्य आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने राजस्थान में चोरी की गई फॉर्च्यूनर की तलाश शुरू की। इसके बाद 24 जुलाई को बाड़मेर क्षेत्र के धोरिमन्ना थाना इलाके के अलेटी से कार बरामद कर ली गई। पुलिस के मुताबिक, बरामद टोयोटा फॉर्च्यूनर की कीमत करीब ₹35 लाख है।
आरोपियों के खिलाफ 21 मामले दर्ज
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपियों का कथित तौर पर पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। पुलिस के अनुसार, उनके खिलाफ बेंगलुरु, हैदराबाद, राजस्थान और तमिलनाडु में कुल 21 मामले दर्ज हैं। अब पुलिस इन पुराने मामलों की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ये मामले इसी तरह के लग्जरी कार चोरी नेटवर्क से जुड़े हैं।
दूसरे वाहनों और नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर चोरी की गई अन्य लग्जरी कारों का पता लगाने में जुटी है। साथ ही राजस्थान में चोरी की गाड़ियों को खरीदने और बेचने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यह पूरी कार्रवाई इलेक्ट्रॉनिक सिटी डिवीजन पुलिस ने डीसीपी एम. नारायण और एसीपी सतीश आर. की निगरानी में की। परप्पना अग्रहारा पुलिस इंस्पेक्टर नवीन कुमार पी.जी. समेत अन्य पुलिसकर्मी भी अभियान में शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और चोरी की गई दूसरी गाड़ियों के बारे में और जानकारी सामने आ सकती है।
