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महाराष्ट्र में टैक्सी-ऑटो चालकों के लिए मराठी की 100 दिन की मोहलत खत्म, कल अहम बैठक l
महाराष्ट्र में टैक्सी और ऑटो रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। मराठी का पर्याप्त ज्ञान नहीं रखने वाले चालकों को भाषा सीखने के लिए दी गई 100 दिन की मोहलत अब खत्म हो गई है। ऐसे में परिवहन विभाग की कल होने वाली अहम बैठक पर सबकी नजर है। बैठक में यह तय हो सकता है कि नियम का पालन नहीं करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी या उन्हें अतिरिक्त समय दिया जाएगा।

महाराष्ट्र में टैक्सी और ऑटो रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा के ज्ञान को लेकर सरकार की नीति पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। जिन चालकों को मराठी भाषा का पर्याप्त ज्ञान नहीं है, उन्हें मराठी सीखने के लिए सरकार की ओर से 100 दिन का समय दिया गया था। यह समय सीमा अब पूरी हो चुकी है। 100 दिन की मोहलत खत्म होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार अब आगे क्या कदम उठाएगी। क्या मराठी भाषा की शर्त पूरी नहीं करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई होगी या उन्हें एक और मौका दिया जाएगा? इस पर परिवहन विभाग की कल होने वाली बैठक में चर्चा होने की संभावना है।
क्या होगा सरकार का अगला कदम?
सरकार ने पहले स्पष्ट किया था कि टैक्सी और ऑटो रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान जरूरी होगा। जिन चालकों को मराठी नहीं आती थी, उन्हें इसे सीखने के लिए 100 दिन की मोहलत दी गई थी। इस अवधि के दौरान ऐसे चालकों को तत्काल कार्रवाई से राहत मिली थी। अब समय सीमा समाप्त होने के बाद परिवहन विभाग को आगे की कार्रवाई पर फैसला लेना है। बैठक में यह चर्चा हो सकती है कि नियम का पालन नहीं करने वाले चालकों को नोटिस दिया जाए, चेतावनी दी जाए, अतिरिक्त समय दिया जाए या फिर उनके लाइसेंस और परमिट के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
परिवहन मंत्री ने क्या कहा?
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा है कि बैठक में यह चर्चा की जाएगी कि कार्रवाई किस तरीके से की जाए और सरकार को आगे किस दिशा में बढ़ना चाहिए।
इससे संकेत मिलता है कि सरकार फिलहाल कार्रवाई की प्रक्रिया और उसके स्वरूप पर विचार कर रही है। बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा कि चालकों को अतिरिक्त राहत मिलेगी या नियम लागू करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
कांग्रेस ने अतिरिक्त समय की मांग की
इस मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता अमीन पटेल ने कहा कि मराठी भाषा का सम्मान होना चाहिए और सभी को मराठी सीखनी चाहिए, लेकिन जिन चालकों को भाषा नहीं आती, उन्हें इसे सीखने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर चालकों के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग करेंगे। उनका आरोप है कि सरकार रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के बजाय मेहनत करके रोजी-रोटी कमाने वाले लोगों पर सख्ती कर रही है।
नाइट स्कूल और SOP की मांग
कांग्रेस नेता असलम शेख ने भी सरकार से मराठी सीखने के लिए एक उचित SOP (Standard Operating Procedure) तैयार करने की मांग की है। उन्होंने काम करने वाले टैक्सी और ऑटो चालकों की सुविधा के लिए नाइट स्कूल शुरू करने का सुझाव दिया है, ताकि दिनभर काम करने वाले ड्राइवर अपनी नौकरी प्रभावित किए बिना मराठी सीख सकें।
कल की बैठक पर टिकी नजर
100 दिन की मोहलत खत्म होने के बाद अब परिवहन विभाग की बैठक महत्वपूर्ण हो गई है। बैठक में सरकार यह तय कर सकती है कि मराठी भाषा की शर्त को लागू करने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जाए। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार सीधे कार्रवाई करेगी, पहले नोटिस और चेतावनी देगी या चालकों को मराठी सीखने के लिए अतिरिक्त समय देगी। कल होने वाली बैठक के बाद ही सरकार के अगले कदम की तस्वीर साफ होगी।
