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Residential Flat में Day-Care Centre चलाने पर Bombay HC की बड़ी राहत, 6 हफ्ते तक नहीं होगी कार्रवाई; MHADA को 2 हफ्ते में लेना होगा फैसला
Residential flat में बच्चों की किलकारियां गूंज रही थीं, लेकिन MHADA के नोटिस ने इस day-care centre के भविष्य पर सवाल खड़ा कर दिया। मामला Bombay High Court पहुंचा तो कोर्ट ने फिलहाल बच्चों के हित में राहत देते हुए centre को छह हफ्ते तक जारी रखने की अनुमति दे दी। हालांकि कोर्ट ने साफ कर दिया कि यह residential flat में commercial activity की स्थायी मंजूरी नहीं है। अब MHADA को ‘change of user’ की अर्जी पर सिर्फ दो हफ्ते में फैसला लेना होगा—यानी इस day-care का अगला ठिकाना अब MHADA के फैसले पर निर्भर है।

मुंबई के Powai से जुड़े एक अहम मामले में Bombay High Court ने residential premises में चल रहे pre-school और day-care centre को तत्काल बंद कराने से रोकते हुए छह सप्ताह की सीमित राहत दी है। कोर्ट ने यह राहत बच्चों के हित में दी है, लेकिन साथ ही साफ कर दिया कि residential flats को commercial use में बदलने की अनुमति अभी नहीं मिली है। अब MHADA को ‘change of user’ application पर फैसला लेना होगा।
क्या है पूरा मामला?
मामला Powai की Gyanam Building का है, जिसे MHADA ने बनाया है। यहां HMI Learning Private Limited द्वारा pre-school और day-care centre संचालित किया जा रहा था। यह centre building के first floor पर चार flats में चल रहा था। MHADA ने इन premises में commercial activities रोकने के लिए notices जारी किए थे। Authority की आपत्ति थी कि residential use के लिए निर्धारित flats में आवश्यक अनुमति के बिना commercial activity संचालित नहीं की जा सकती। इसके बाद मामला Bombay High Court पहुंचा।
19 अगस्त 2026 को क्या हुआ?
Bombay High Court की Division Bench ने 19 अगस्त 2026 को मामले की सुनवाई की। Bench में Justice Makarand Karnik और Justice Sandesh Patil शामिल थे।
मामले की पहचान Dhanvanti Kantilal Gada v. Maharashtra Housing and Area Development Authority, Writ Petition (L) No. 19795 of 2026 के रूप में की गई है। सुनवाई के दौरान सामने आया कि petitioner ने flats के उपयोग को residential से commercial में बदलने के लिए MHADA के समक्ष ‘change of user’ की प्रक्रिया शुरू की है।
MHADA को दो सप्ताह में फैसला देना होगा
MHADA की ओर से अदालत को बताया गया कि proper change-of-user application मिलने के बाद authority दो सप्ताह के भीतर उस पर final decision लेगी।
इसी आधार पर High Court ने तत्काल closure की कार्रवाई से सीमित समय के लिए सुरक्षा प्रदान की।
बच्चों के हित में मिली छह सप्ताह की राहत
अदालत ने कहा कि day-care activities पहले से premises में संचालित हो रही हैं। ऐसे में “interest of justice” और “interest of the children” को देखते हुए centre को छह सप्ताह तक अपनी activities जारी रखने की अनुमति दी जाती है। लेकिन यह राहत स्थायी नहीं है। अगर petitioner को change of user की अनुमति नहीं मिलती है, तो MHADA कानून के अनुसार centre को बंद कराने के लिए appropriate action ले सकता है, subject to any legal impediment.
Court ने Commercial Use को मंजूरी नहीं दी
इस आदेश को समझने में सबसे जरूरी बात यही है। Bombay High Court ने यह फैसला नहीं दिया कि residential flat में day-care या pre-school चलाना अपने आप legal commercial activity है। कोर्ट ने केवल छह सप्ताह की interim protection दी है ताकि MHADA change-of-user application पर निर्णय ले सके और बच्चों के हित में तत्काल disruption से बचा जा सके। इसलिए इस फैसले को “Residential Flat में Day-Care Centre को स्थायी मंजूरी” कहना सही नहीं होगा।
Residents भी कर सकेंगे आपत्ति
मामले में residential society के अन्य residents ने day-care activities पर आपत्ति जताई। कोर्ट ने उन्हें change-of-user application के खिलाफ objection दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया। MHADA को इन objections पर भी विचार करना होगा। यानी अब change of user का फैसला केवल petitioner की मांग के आधार पर नहीं होगा, बल्कि संबंधित residents की objections भी administrative decision-making का हिस्सा होंगी।
Airbnb वाले चार flats पर भी Court की नजर
सुनवाई के दौरान एक tagged petition में building के चार अन्य flats—Flat Nos. 404, 804, 904 और 1004—के कथित Airbnb use का मुद्दा भी सामने आया। कोर्ट के सामने यह बताया गया कि इन flats का commercial purpose के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था और proper permissions का सवाल उठता है। High Court ने स्पष्ट किया कि MHADA इन flats के खिलाफ भी कानून के अनुसार appropriate action कर सकता है।
Court का संतुलित रुख
इस आदेश में High Court ने तीन पहलुओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है—residential premises के permissible use के नियम, authority की regulatory powers और day-care में आने वाले बच्चों का तत्काल हित। एक तरफ Court ने बिना change of user के commercial activity को स्थायी संरक्षण नहीं दिया, वहीं दूसरी तरफ बच्चों को अचानक प्रभावित करने वाली closure कार्रवाई से छह सप्ताह की अंतरिम राहत दी।
HMI Learning के बारे में क्या पता चला?
सरकारी DPIIT रिकॉर्ड में HMI Learning Private Limited का नाम Maharashtra के Mumbai district में “Pre-primary education” activity के साथ दर्ज है। सरकारी document में Germany की Klett Kita und Schule GmbH के साथ collaboration और ₹20.50 करोड़ की brownfield investment का भी उल्लेख है। HMI की अपनी website पर Powai में Gurukripa Gyanam, Hiranandani Gardens का centre address भी दिया गया है। हालांकि इन records का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित MHADA flats में commercial use की permission पहले से मिल चुकी थी। इस particular dispute में वही permission/change-of-user मुख्य मुद्दा है।
अब आगे क्या होगा?
अब MHADA के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल change-of-user application पर निर्णय का है। अगर MHADA residential use को commercial use में बदलने की अनुमति देता है, तो centre के संचालन को आगे जारी रखने का रास्ता खुल सकता है। अगर MHADA application खारिज करता है, तो छह सप्ताह की Court protection के बाद centre के खिलाफ closure की कार्रवाई हो सकती है, subject to legal impediments. इस बीच society के residents द्वारा दाखिल objections पर भी MHADA को विचार करना होगा।
आसान भाषा में समझिए Bombay HC का फैसला
• Day-care centre को छह सप्ताह की interim protection मिली है।
• यह permanent permission नहीं है।
• MHADA को proper change-of-user application पर दो सप्ताह में फैसला करना है।
• Residential से commercial use में बदलाव अभी मंजूर नहीं हुआ है।
• Society के residents को objection दाखिल करने का अधिकार दिया गया है।
• Change of user नहीं मिलने पर MHADA closure की कार्रवाई कर सकता है।
• Building के कुछ अन्य flats के कथित Airbnb/commercial use पर भी MHADA कानून के अनुसार कार्रवाई कर सकता है।
Bombay High Court का यह आदेश residential premises में commercial activity को blanket approval देने वाला फैसला नहीं है। इसका केंद्र बच्चों का तत्काल हित और MHADA के सामने लंबित regulatory process है। कोर्ट ने छह सप्ताह का समय देकर दोनों पक्षों के हितों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। अब असली निर्णायक भूमिका MHADA की होगी, जिसे change-of-user application पर समयबद्ध फैसला लेना है।
