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पश्चिम बंगाल में बड़ा भूमि आवंटन, BSF और SSB के लिए 1,129 एकड़ जमीन

पश्चिम बंगाल में BSF और SSB के लिए करीब 1,129 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि इससे सीमा सुरक्षा और सुरक्षा बलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी। यह जमीन भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े सुरक्षा ढांचे और आवश्यक सुविधाओं के विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सिलीगुड़ी गलियारे की रणनीतिक स्थिति को देखते हुए यह फैसला सुरक्षा के लिहाज से अहम है।

Neha Sharma21 अग. 2026, 08:13 PM IST
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पश्चिम बंगाल में बड़ा भूमि आवंटन, BSF और SSB के लिए 1,129 एकड़ जमीन

सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए BSF और SSB के लिए 1,129 एकड़ जमीन उपलब्ध कराए जाने की जानकारी सामने आई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सिलीगुड़ी में SSB के कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार के इस फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह जमीन सीमा सुरक्षा से जुड़े ढांचे को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है।


2014 से लंबित थी जमीन की मांग

अमित शाह के अनुसार, केंद्र सरकार वर्ष 2014 से पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए 1,129 एकड़ जमीन की मांग कर रही थी। उनके मुताबिक, यह जमीन भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और सीमा बाड़ से जुड़े कार्यों के लिए आवश्यक थी। उन्होंने कहा कि राज्य में नई सरकार बनने के बाद यह जमीन उपलब्ध कराई गई। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, नई सरकार बनने के करीब 45 दिनों के भीतर 1,129 एकड़ जमीन BSF और SSB से संबंधित ढांचे के लिए उपलब्ध कराई गई। अमित शाह ने इस तेजी के लिए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की प्रशंसा की।


सीमा सुरक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है जमीन?

भारत-बांग्लादेश सीमा के कई हिस्सों में सीमा बाड़, सुरक्षा चौकियों और अन्य आवश्यक ढांचे के लिए पर्याप्त जमीन की जरूरत होती है। उपलब्ध जमीन से सीमा सुरक्षा बलों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। गृह मंत्री ने सिलीगुड़ी क्षेत्र की रणनीतिक महत्ता पर भी जोर दिया। उन्होंने सिलीगुड़ी गलियारे को देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया, क्योंकि यह पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है।


560 एकड़ जमीन का भी उल्लेख

अमित शाह ने सिलीगुड़ी कार्यक्रम में यह भी बताया कि संवेदनशील सिलीगुड़ी गलियारे की सुरक्षा मजबूत करने के लिए 560 एकड़ जमीन राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई है। इस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए चोपड़ा, किशनगंज और धुबरी जैसे स्थानों पर सुरक्षा ढांचे को विकसित किया जा रहा है।


सिलीगुड़ी में नए सुरक्षा ढांचे पर जोर

शुक्रवार को अमित शाह ने सिलीगुड़ी के पास SSB के कार्यक्रम में कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत करीब 190 करोड़ रुपये बताई गई है। इनका उद्देश्य SSB के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना और सुरक्षा बलों के लिए आवश्यक सुविधाओं को बेहतर करना है। उन्होंने सिलीगुड़ी में सीमा सुरक्षा प्रशासन मुख्यालय के निर्माण की भी घोषणा की। इसके लिए करीब 80 एकड़ जमीन का उल्लेख किया गया है।


बाकी जमीन को लेकर भी चर्चा

अमित शाह ने बताया कि कुल 1,129 एकड़ की मांग में से लगभग 1,100 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है, जबकि करीब 29 एकड़ जमीन अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि शेष जमीन के लिए भी प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है।


राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से अहम फैसला

सीमा सुरक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे के लिए भूमि उपलब्ध होना लंबे समय से चल रही परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर पश्चिम बंगाल का उत्तर बंगाल क्षेत्र भारत की सीमा सुरक्षा व्यवस्था में रणनीतिक महत्व रखता है।


हालांकि, जमीन उपलब्ध कराना परियोजना का पहला चरण है। इसके बाद संबंधित विभागों को भूमि हस्तांतरण, निर्माण, सीमा बाड़ और अन्य सुरक्षा ढांचे से जुड़े कार्य पूरे करने होंगे। पश्चिम बंगाल में BSF और SSB के लिए 1,129 एकड़ जमीन उपलब्ध कराया जाना सीमा सुरक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। केंद्र सरकार के अनुसार यह मांग लंबे समय से लंबित थी और अब राज्य सरकार द्वारा जमीन उपलब्ध कराए जाने से संबंधित परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। सिलीगुड़ी गलियारे और भारत-बांग्लादेश सीमा की रणनीतिक स्थिति को देखते हुए आने वाले समय में इस जमीन पर विकसित होने वाला सुरक्षा ढांचा क्षेत्र की निगरानी और सीमा प्रबंधन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।