government

राइडिंग फील्ड की जमीन पर नगर निगम की कार्रवाई, AMU ने जताई आपत्ति

अलीगढ़ में नगर निगम और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के बीच राइडिंग फील्ड की करीब 41 बीघा जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। नगर निगम का दावा है कि जमीन उसकी संपत्ति है और इसी आधार पर वहां कार्रवाई कर घेराबंदी की गई। वहीं, AMU ने नगर निगम के दावे पर आपत्ति जताते हुए जमीन को विश्वविद्यालय की संपत्ति बताया है। अब जमीन के स्वामित्व का फैसला पुराने राजस्व अभिलेखों, दस्तावेजों और सीमांकन के आधार पर होने की उम्मीद है।

Neha Sharma21 अग. 2026, 08:13 PM IST
खबर शेयर करें:
राइडिंग फील्ड की जमीन पर नगर निगम की कार्रवाई, AMU ने जताई आपत्ति

अलीगढ़:अलीगढ़ में नगर निगम और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के बीच जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद एक बार फिर चर्चा में है। नगर निगम ने विश्वविद्यालय के राइडिंग फील्ड से जुड़ी जमीन पर अपना स्वामित्व बताते हुए कार्रवाई की है। दूसरी ओर, AMU ने नगर निगम के दावे पर आपत्ति जताई है और जमीन को विश्वविद्यालय की वैध संपत्ति बताया है।


क्या है पूरा मामला?

विवादित जमीन अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के राइडिंग क्लब/राइडिंग फील्ड के इस्तेमाल में रही है। नगर निगम का दावा है कि यह जमीन नगर निगम की संपत्ति है और विश्वविद्यालय द्वारा इसका उपयोग किया जा रहा है। इसी दावे के आधार पर नगर निगम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए जमीन की घेराबंदी कराई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विवादित क्षेत्र का उल्लेख करीब 41 बीघा जमीन के रूप में किया गया है। पुराने रिकॉर्ड और जमीन के स्वामित्व को लेकर दोनों पक्षों के दावों में अंतर है, इसलिए इस मामले का कानूनी और राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर समाधान महत्वपूर्ण होगा।


नगर निगम का क्या दावा है?

अलीगढ़ नगर निगम का कहना है कि विवादित जमीन उसके स्वामित्व वाली संपत्ति है। नगर निगम ने जमीन पर अपना अधिकार जताते हुए वहां कार्रवाई की और घेराबंदी कराई। रिपोर्टों में जमीन की बाजार कीमत करीब 500 करोड़ रुपये तक बताए जाने का उल्लेख भी है, हालांकि यह आंकड़ा विवादित भूमि के मूल्यांकन से संबंधित मीडिया रिपोर्ट है, कोई अंतिम सरकारी मूल्यांकन नहीं। नगर निगम का पक्ष यह है कि जमीन के अभिलेखों के आधार पर उसका अधिकार स्थापित होता है और इसी आधार पर उसने कब्जा लेने की कार्रवाई की।


AMU ने क्या कहा?

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने नगर निगम की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। विश्वविद्यालय का कहना है कि विवादित जमीन कानूनी रूप से विश्वविद्यालय की संपत्ति है। AMU ने इस कार्रवाई के संबंध में कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाने की बात कही है। AMU के पास विश्वविद्यालय की अचल संपत्तियों की देखरेख के लिए Properties and Waqfs Department है। विश्वविद्यालय के अनुसार, यह विभाग जमीन से जुड़े विवादों और संपत्तियों की सुरक्षा से संबंधित मामलों को देखता है। AMU की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक विश्वविद्यालय के पास अलीगढ़ और उसके केंद्रों में कुल 1,926.95 एकड़ भूमि है।


जमीन की सुरक्षा और अभिलेखों का मुद्दा

यह विवाद केवल कब्जे या घेराबंदी तक सीमित नहीं है। इसके केंद्र में सबसे महत्वपूर्ण सवाल भूमि के स्वामित्व और राजस्व अभिलेखों का है। AMU के Properties and Waqfs Department के अनुसार, विश्वविद्यालय की जमीन पर अतिक्रमण रोकने के लिए नियमित निगरानी और जरूरत पड़ने पर जमीन की पैमाइश एवं सीमांकन किया जाता है। विभाग भूमि संबंधी मामलों को विभिन्न न्यायालयों और राजस्व अधिकारियों के समक्ष भी देखता है। ऐसे में विवादित जमीन के पुराने दस्तावेज, राजस्व रिकॉर्ड, सीमांकन और स्वामित्व से जुड़े कानूनी दस्तावेज मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


मामला नया नहीं है

नगर निगम और AMU के बीच इस जमीन को लेकर विवाद पहले भी सामने आ चुका है। वर्ष 2025 में भी नगर निगम ने विश्वविद्यालय के राइडिंग क्लब द्वारा इस्तेमाल की जा रही जमीन पर अपना स्वामित्व जताते हुए वहां बोर्ड लगाया था। उस समय भी AMU ने नगर निगम के दावे को चुनौती दी थी। इससे स्पष्ट है कि विवाद का मूल प्रश्न लंबे समय से जमीन के स्वामित्व और अधिकारों से जुड़ा हुआ है।


अब आगे क्या होगा?

मामले में आगे की दिशा राजस्व अभिलेखों, स्वामित्व दस्तावेजों और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। यदि दोनों पक्ष अपने-अपने दावों के समर्थन में दस्तावेज पेश करते हैं, तो संबंधित प्रशासनिक या न्यायिक प्राधिकरण को रिकॉर्ड के आधार पर जमीन के अधिकार का निर्धारण करना होगा। फिलहाल नगर निगम की कार्रवाई के बाद AMU की ओर से विरोध सामने आया है। इसलिए इस मामले में आगे कानूनी कार्रवाई और प्रशासनिक स्तर पर दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होगी।


अलीगढ़ में नगर निगम और AMU के बीच राइडिंग फील्ड की जमीन को लेकर विवाद ने सरकारी और संस्थागत भूमि के स्वामित्व से जुड़े सवालों को फिर सामने ला दिया है। नगर निगम जमीन पर अपना अधिकार बता रहा है, जबकि AMU इसे अपनी वैध संपत्ति बता रहा है। अब इस विवाद का सबसे महत्वपूर्ण आधार पुराने भूमि रिकॉर्ड, स्वामित्व दस्तावेज और सीमांकन होंगे। अंतिम स्थिति संबंधित प्रशासनिक अथवा न्यायिक निर्णय से ही स्पष्ट होगी।