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H1N1 का बढ़ता खतरा? जेपी नड्डा ने की समीक्षा, निगरानी और अस्पतालों की तैयारी पर जोर

देश में H1N1 इन्फ्लुएंजा को लेकर केंद्र सरकार ने निगरानी और तैयारियां तेज कर दी हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी समेत देश में इन्फ्लुएंजा की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में अस्पतालों की तैयारियों, जांच, निगरानी, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन बेड की उपलब्धता के साथ-साथ समय पर इलाज और संक्रमण की रोकथाम पर जोर दिया गया।

Vindhya Dubey21 अग. 2026, 08:13 PM IST
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H1N1 का बढ़ता खतरा? जेपी नड्डा ने की समीक्षा, निगरानी और अस्पतालों की तैयारी पर जोर

नई दिल्ली, 21 अगस्त 2026: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा (जेपी नड्डा) ने शुक्रवार को देश में H1N1 इन्फ्लुएंजा की मौजूदा स्थिति और इससे निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में खास तौर पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की स्वास्थ्य तैयारियों पर चर्चा हुई। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह भी बैठक में शामिल हुए। बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने देश में राष्ट्रीय निगरानी व्यवस्था और महामारी विज्ञान की स्थिति, इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी (ILI) और गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (SARI) के रुझानों, जांच एवं प्रयोगशाला निगरानी तथा मौसमी इन्फ्लुएंजा के मरीजों के उपचार के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारियों की समीक्षा की। जेपी नड्डा ने लगातार सतर्कता, मजबूत निगरानी और सक्रिय तैयारियों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को इन्फ्लुएंजा के रुझानों की लगातार निगरानी करने और मामलों में किसी भी असामान्य वृद्धि या समूह के रूप में मामलों की पहचान होने पर समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

दिल्ली के अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने दिल्ली की स्वास्थ्य सुविधाओं में अस्पताल के बेड, क्रिटिकल केयर सुविधाओं, ऑक्सीजन सपोर्ट वाले बेड, वेंटिलेटर, आवश्यक दवाओं, जांच सुविधाओं और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त सर्ज क्षमता बनाए रखने और गंभीर मरीजों के लिए अस्पतालों के बीच सुचारू रेफरल व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।


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जल्द जांच और समय पर इलाज पर जोर

मंत्री ने H1N1 और अन्य इन्फ्लुएंजा मामलों की जल्दी पहचान, समय पर जांच और उचित चिकित्सकीय प्रबंधन को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने मौजूदा निगरानी और प्रयोगशाला नेटवर्क का प्रभावी इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया। इससे पहले 10 जुलाई 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र भेजकर Acute Respiratory Illness (ARI) के लिए निगरानी और तैयारियों को मजबूत करने की सलाह दी थी। राज्यों को स्वास्थ्य सुविधाओं को पर्याप्त रूप से तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए थे।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने जन-जागरूकता और बचाव संबंधी स्वास्थ्य उपायों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। इनमें श्वसन संबंधी स्वच्छता और हाथों की स्वच्छता जैसे उपाय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों में लगातार या गंभीर श्वसन संबंधी लक्षण, सांस लेने में परेशानी या अन्य चेतावनी संकेत दिखाई दें, उन्हें समय पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

डेंगू और मलेरिया की भी निगरानी

जेपी नड्डा ने कहा कि मौसमी बीमारियों, जिनमें डेंगू और मलेरिया भी शामिल हैं, की रोकथाम और नियंत्रण के लिए स्थिति की लगातार निगरानी जरूरी है। उन्होंने राज्य सरकारों से सक्रिय और तैयारियों पर आधारित दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। उन्होंने जागरूकता फैलाने और मौसमी बीमारियों की रोकथाम, प्रसार एवं नियंत्रण के लिए नगर निकायों और स्थानीय निकायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

टीबी की पहचान में स्थानीय निकायों की भूमिका का उल्लेख

केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी में स्थानीय निकायों की सक्रिय भागीदारी और समूची सरकार के समन्वित दृष्टिकोण (Whole-of-Government Approach) के माध्यम से टीबी की पहचान में हुई वृद्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सभी स्तरों पर जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से लोगों तक तथ्यात्मक और प्रमाण-आधारित जानकारी पहुंचाने तथा सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि वह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों, अस्पतालों, प्रयोगशालाओं तथा अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है, ताकि मौसमी इन्फ्लुएंजा और H1N1 सहित अन्य बीमारियों की प्रभावी निगरानी, शुरुआती पहचान, समय पर उपचार और बेहतर तैयारी सुनिश्चित की जा सके। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव, अतिरिक्त सचिव (स्वास्थ्य) डॉ. राकेश गुप्ता, दिल्ली के स्वास्थ्य सचिव रूपेश कुमार ठाकुर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।