crime
शादी के बाद 1.30 लाख की ठगी, बहन-जीजा संग दुल्हन फरार; केस दर्ज
झांसी में शादी के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है। गुजरात के मोरबी निवासी एक युवक ने आरोप लगाया है कि शादी कराने के बाद दुल्हन अपने बहन-जीजा के साथ उसे छोड़कर फरार हो गई। युवक के मुताबिक, शादी के एवज में उससे करीब 1.30 लाख रुपये लिए गए थे। सीपरी बाजार पुलिस ने दुल्हन, उसकी बहन और जीजा के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की शुरुआती छानबीन में शादी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोहों के सक्रिय होने की जानकारी भी सामने आई है।

उत्तर प्रदेश के झांसी में शादी के नाम पर ठगी का एक मामला सामने आया है, जिसमें गुजरात के मोरबी निवासी एक युवक ने आरोप लगाया है कि शादी कराने के बाद दुल्हन अपने परिजनों के साथ उसे छोड़कर फरार हो गई। युवक का दावा है कि शादी कराने के एवज में उससे करीब 1.30 लाख रुपये लिए गए। इसके बाद दुल्हन अपनी बहन और जीजा के साथ कथित तौर पर गायब हो गई। पीड़ित की शिकायत पर सीपरी बाजार थाना पुलिस ने दुल्हन समेत तीन लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, गुजरात के मोरबी क्षेत्र निवासी राकेश भाई निमावत की शादी कराने के लिए एक एजेंट के माध्यम से बातचीत शुरू हुई थी। इसी दौरान उसकी बातचीत मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के दिनारा मोहल्ला निवासी देवराज शर्मा से हुई। आरोप है कि देवराज ने राकेश को शादी कराने का भरोसा दिया और मोबाइल फोन के जरिए अपनी साली सलोनी की तस्वीर भेजी। तस्वीर पसंद आने के बाद शादी की बातचीत आगे बढ़ी और राकेश को झांसी बुलाया गया। राकेश के मुताबिक, वह 17 अगस्त को अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ झांसी पहुंचा था। यहां देवराज और उसकी पत्नी शिखा उसे रेलवे स्टेशन से अपने साथ ले गए। इसके बाद शादी कराने के लिए उसे दूल्हा बनाकर दिनारा ले जाया गया। वहां एक मंदिर में गांव के लोगों की मौजूदगी में उसकी सलोनी के साथ शादी कराई गई। शादी के बाद दावत का भी आयोजन किया गया, जिसमें खर्च के लिए राकेश से पैसे लिए जाने का आरोप है।
पीड़ित का आरोप है कि शादी कराने के एवज में सलोनी की मौजूदगी में देवराज ने उससे करीब 1.30 लाख रुपये ले लिए। शादी के बाद सभी लोग वापस झांसी आ गए। राकेश के मुताबिक, देर शाम उसे सलोनी और उसके परिजनों के साथ चित्रा चौराहे पर ले जाया गया। वहां कथित तौर पर कुछ रस्म पूरी कराने की बात कही गई और इसके बाद सलोनी अपने बहन शिखा और जीजा देवराज के साथ वहां से चली गई। राकेश का कहना है कि वह अपनी बहन के साथ काफी देर तक चित्रा चौराहे पर तीनों का इंतजार करता रहा, लेकिन वे वापस नहीं आए। जब उसने देवराज को फोन किया तो मोबाइल बंद मिला। इसके बाद वह दिनारा पहुंचा और वहां देवराज तथा सलोनी के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। इसके बाद राकेश को कथित तौर पर पता चला कि शादी कराने के नाम पर लोगों के साथ ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय हो सकता है।
मामले की शिकायत मिलने के बाद सीपरी बाजार थाना पुलिस ने दुल्हन सलोनी, उसकी बहन शिखा और जीजा देवराज शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। सीपरी बाजार थाना प्रभारी जयप्रकाश चौबे के मुताबिक, पीड़ित की तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है और मामले की जांच की जा रही है। इस घटना ने झांसी में शादी के नाम पर होने वाली ठगी के मामलों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। पुलिस की छानबीन में सामने आया है कि जिले में शादी कराने के नाम पर लोगों को कथित तौर पर फंसाने वाले गिरोह पहले भी सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों में शादी के इच्छुक लोगों से पहले संपर्क किया जाता है, फिर रिश्ते और शादी कराने के नाम पर रकम ली जाती है। कुछ मामलों में शादी के बाद दुल्हन के कथित तौर पर नकदी और जेवर लेकर गायब होने के आरोप भी सामने आए हैं।
पिछले कुछ महीनों में झांसी के सीपरी बाजार और नवाबाद थाना क्षेत्रों में ऐसे मामलों में पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। अप्रैल में सीपरी बाजार क्षेत्र के सरयू विहार में कथित फर्जी मैरिज ब्यूरो का मामला सामने आया था। पुलिस को वहां से बड़ी संख्या में रजिस्टर मिले थे, जिनमें शादी के इच्छुक लोगों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज बताए गए थे। आरोप था कि शादी कराने के नाम पर लोगों से अलग-अलग रकम वसूली जाती थी। इसी तरह नवाबाद क्षेत्र में भी कथित फर्जी मैरिज ब्यूरो से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की गई थी। पुलिस की जांच में शादी कराने के नाम पर लोगों से रकम लेने और रिश्ते के बाद कथित तौर पर धोखाधड़ी करने की शिकायतें सामने आई थीं। जांच के दौरान नेटवर्क के झांसी के अलावा आसपास के क्षेत्रों तक जुड़े होने की बात भी सामने आई थी।
शादी के नाम पर होने वाली ऐसी ठगी में लोगों को आकर्षक रिश्ते का भरोसा देकर पहले विश्वास में लिया जाता है। इसके बाद शादी, यात्रा, धार्मिक रस्म या अन्य खर्च के नाम पर रकम मांगी जा सकती है। झांसी के ताजा मामले में भी पुलिस यह जांच कर रही है कि आरोपी पहले से किसी संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे या यह किसी एक मामले से जुड़ी धोखाधड़ी थी। पुलिस अब आरोपी दुल्हन, उसकी बहन और जीजा की तलाश के साथ-साथ इस बात की भी जांच कर रही है कि शिकायतकर्ता से ली गई रकम कहां और किसके माध्यम से ली गई। जांच में एजेंट की भूमिका, शादी की व्यवस्था कराने वाले लोगों और कथित गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा सकती है। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं। मामले में आगे की तस्वीर आरोपियों से पूछताछ और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के बाद साफ होगी। आरोपी पक्ष का बयान सामने आने के बाद ही पूरे मामले के दूसरे पहलुओं की पुष्टि हो सकेगी। इसलिए फिलहाल पुलिस शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
