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गोरखपुर में लैंडिंग के दौरान विमान की टेल रनवे से टकराई, IndiGo का A321neo ग्राउंड

गोरखपुर एयरपोर्ट पर IndiGo के Airbus A321neo विमान की लैंडिंग के दौरान टेल रनवे से टकराने की घटना सामने आई है। घटना के बाद विमान को सुरक्षा जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक किसी यात्री या क्रू सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं है। मामले की जांच की जा रही है।

sd22 अग. 2026, 02:43 PM IST
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गोरखपुर में लैंडिंग के दौरान विमान की टेल रनवे से टकराई, IndiGo का A321neo ग्राउंड

लैंडिंग के वक्त हुआ टेल स्ट्राइक, जांच के लिए विमान सेवा से हटाया गया

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर एयरपोर्ट पर IndiGo की एक फ्लाइट की लैंडिंग के दौरान विमान के पिछले हिस्से यानी टेल के रनवे से टकराने की घटना सामने आई है। घटना के बाद विमान को एहतियाती तौर पर ग्राउंड कर दिया गया और तकनीकी जांच शुरू की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक घटना में किसी यात्री या क्रू सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं है।

लैंडिंग के दौरान टेल रनवे से टकराई

रिपोर्टों के अनुसार विमान गोरखपुर एयरपोर्ट पर उतर रहा था। लैंडिंग के दौरान विमान का पिछला हिस्सा रनवे की सतह से संपर्क में आ गया। विमानन भाषा में इसे Tail Strike (टेल स्ट्राइक) कहा जाता है।टेल स्ट्राइक के बाद विमान को दोबारा सामान्य परिचालन में भेजने से पहले उसकी विस्तृत तकनीकी जांच जरूरी होती है। इसी वजह से IndiGo ने विमान को ग्राउंड कर दिया। जांच में विमान के पिछले हिस्से और संबंधित संरचनात्मक हिस्सों में किसी नुकसान की संभावना को देखा जाता है।

यात्रियों की सुरक्षा पर क्या जानकारी है?

अब तक सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक घटना में किसी यात्री या क्रू सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं है। यात्रियों को विमान से सुरक्षित बाहर निकाले जाने की जानकारी भी सामने आई है।घटना के बाद विमान की तकनीकी स्थिति का आकलन किया जा रहा है। जब तक जांच पूरी नहीं होती, विमान को सेवा में वापस लाने का फैसला नहीं किया जाएगा।

क्या होता है Tail Strike?

जब किसी विमान के टेकऑफ या लैंडिंग के दौरान उसका पिछला निचला हिस्सा रनवे को छू जाता है, तो उसे टेल स्ट्राइक कहा जाता है। लैंडिंग के समय विमान का नोज यानी अगला हिस्सा ऊपर की ओर ज्यादा उठ जाने पर ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है।टेल स्ट्राइक के बाद विमान के संबंधित हिस्सों की जांच की जाती है, क्योंकि बाहर से मामूली दिखने वाली क्षति की भी तकनीकी जांच जरूरी हो सकती है।

विमान को तुरंत क्यों किया गया ग्राउंड?

विमानन सुरक्षा में किसी भी संभावित संरचनात्मक क्षति को नजरअंदाज नहीं किया जाता। टेल स्ट्राइक की जानकारी मिलने के बाद विमान को आगे की उड़ान से रोककर निरीक्षण किया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत गोरखपुर में प्रभावित IndiGo विमान को भी ग्राउंड किया गया।जांच में यह देखा जाएगा कि टेल से रनवे के संपर्क के कारण विमान को कितना नुकसान हुआ है और विमान अगली उड़ान के लिए सुरक्षित है या नहीं।

178 यात्रियों और दूसरी कोशिश में लैंडिंग का दावा

कुछ सोशल मीडिया/स्थानीय रिपोर्टों में विमान में 178 लोगों के सवार होने और पायलट द्वारा दूसरी कोशिश में लैंडिंग करने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, मुझे उपलब्ध प्रमुख विश्वसनीय रिपोर्टों में इन दोनों जानकारियों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है।इसलिए इन दावों को फिलहाल अपुष्ट जानकारी के रूप में ही देखा जाना चाहिए। आधिकारिक एयरलाइन या विमानन सुरक्षा एजेंसी की पुष्टि के बाद ही इन्हें निश्चित तथ्य के रूप में प्रकाशित करना उचित होगा।

विमानन अधिकारियों की नजर

घटना के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच महत्वपूर्ण होगी। इसमें लैंडिंग के दौरान विमान की स्थिति, रनवे से संपर्क और विमान को हुए संभावित नुकसान की जांच की जाएगी।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उपलब्ध रिपोर्टों में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और विमान को सुरक्षा जांच के लिए परिचालन से हटा दिया गया है।