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चोली के पीछे क्या है गाने पर मार-मार के नचवाया':सपा नेता के आरोप पर नए SSP का एक्शन, इंस्पेक्टर समेत 8 पुलिसवाले लाइनहाजिर
मेरठ में किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के साथ कथित पुलिस मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला तूल पकड़ने के बाद नए SSP बीबीजीटीएस मूर्ति ने सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ समेत 8 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। भाटी ने हिरासत के दौरान मारपीट और अपमानजनक व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें उन्हें गाने पर डांस कराने का दावा भी शामिल है। हालांकि इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। ADG के निर्देश पर मामले की जांच सहारनपुर DIG कर रहे हैं।

मेरठ ..में किसान नेता दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव से कथित मारपीट का मामला पिछले कुछ दिनों से चर्चा में है। दोनों ने आरोप लगाया है कि 19 अगस्त को पुलिस कार्यालय पहुंचने के बाद उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की गई। भाटी ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।दिग्विजय भाटी ने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया और उन्हें एक फिल्मी गाने पर डांस करने के लिए मजबूर किया गया। यह दावा कई मीडिया रिपोर्टों में उनके बयान के आधार पर सामने आया है। हालांकि, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
नए SSP ने लिया बड़ा फैसला
मामले के बीच मेरठ के नए SSP बीबीजीटीएस मूर्ति ने पदभार संभालने के बाद कार्रवाई की। सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश कुमार गौड़ समेत 8 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। यह कार्रवाई आरोपों की गंभीरता को देखते हुए की गई है और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जा रही है। ध्यान देने वाली बात यह है कि लाइन हाजिर किया जाना दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है। यह प्रशासनिक कार्रवाई है और मामले की जांच के बाद आगे की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जांच में सामने आएगा सच
मामले की जांच के लिए वरिष्ठ स्तर पर प्रक्रिया शुरू की गई है। रिपोर्टों के मुताबिक जांच सहारनपुर रेंज के DIG को सौंपी गई है। जांच में पुलिस कार्यालय में हुई घटनाओं, संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका और दोनों नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जाएगी।
पुलिस का पक्ष भी सामने आया
जहां दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाए हैं, वहीं पुलिस की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया है। पुलिस का दावा है कि दोनों को चोटें स्कूटी फिसलने के कारण आई थीं। इस विरोधाभासी दावे के चलते जांच रिपोर्ट इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।
तत्कालीन SSP भी हटाए गए
इस विवाद के बीच तत्कालीन मेरठ SSP अविनाश पांडेय को पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किए जाने की रिपोर्ट भी सामने आई है। इसके बाद बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया SSP बनाया गया।
खबर का सबसे महत्वपूर्ण तथ्य
इस पूरे मामले में दो बातें अलग-अलग हैं। पहली, 8 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किए जाने की कार्रवाई कई मीडिया रिपोर्टों में पुष्ट है। दूसरी, दिग्विजय भाटी द्वारा लगाए गए मारपीट और गाने पर डांस कराने के आरोप अभी जांच का विषय हैं। इसलिए इन आरोपों को खबर में पुलिस की ओर से सिद्ध घटना के तौर पर नहीं, बल्कि भाटी के आरोपों के रूप में ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
