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तेलंगाना में प्रिंसिपल की हत्या का खुलासा, 10वीं के दो छात्र हिरासत में l

तेलंगाना के नलगोंडा जिले में स्कूल प्रिंसिपल रूपा रेड्डी की हत्या के मामले में पुलिस ने दो नाबालिग छात्रों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी 10वीं कक्षा के छात्र हैं और उन पर प्रिंसिपल की हत्या का आरोप है। जांच के दौरान करीब 70 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई और 13 संदिग्ध छात्रों से पूछताछ की गई। पुलिस को एक फोन कॉल में बोले गए ‘बाबू’ शब्द से अहम सुराग मिला। इसके बाद संदिग्ध छात्रों की गतिविधियों की जांच की गई और एक नाबालिग के पास से मिले 1.54 लाख रुपये के नोटों पर कथित खून के निशान की फोरेंसिक जांच कराई गई। पुलिस के मुताबिक, जांच में ये निशान रूपा रेड्डी से जुड़े पाए गए। दोनों नाबालिगों को अब जुवेनाइल जस्टिस प्रक्रिया के तहत पेश किया जाएगा।

Kashish Rai22 अग. 2026, 04:03 PM IST
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तेलंगाना में प्रिंसिपल की हत्या का खुलासा, 10वीं के दो छात्र हिरासत में l

तेलंगाना के नलगोंडा जिले में स्कूल प्रिंसिपल रूपा रेड्डी की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में 10वीं कक्षा के दो नाबालिग छात्रों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, दोनों पर रूपा रेड्डी की हत्या में शामिल होने का आरोप है। जांच में दावा किया गया है कि वारदात के दौरान प्रिंसिपल पर चाकू से कई बार हमला किया गया था। रूपा रेड्डी की हत्या 11 अगस्त को हुई थी। घटना के बाद नलगोंडा के पुलिस अधीक्षक शरत चंद्र पवार ने मामले की जांच के लिए पांच अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया। पुलिस ने वारदात की कड़ियों को जोड़ने के लिए घटनास्थल और आसपास के इलाके में लगे करीब 70 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। जांचकर्ताओं का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि हत्या से पहले और बाद में इलाके में कौन संदिग्ध गतिविधियां कर रहा था।


जांच के दौरान पुलिस ने उन छात्रों पर भी ध्यान केंद्रित किया, जो हत्या के आसपास के समय स्कूल से गैरहाजिर थे। इसी जांच में एक बेहद असामान्य सुराग सामने आया। पुलिस के मुताबिक, हत्या के समय के आसपास रूपा रेड्डी अपनी आंटी से फोन पर बातचीत कर रही थीं। बातचीत के दौरान उन्होंने किसी व्यक्ति को ‘बाबू’ कहकर संबोधित किया था। जांचकर्ताओं को जानकारी मिली कि रूपा रेड्डी स्कूल में कुछ छात्रों को इसी नाम से बुलाती थीं। इस सुराग के आधार पर पुलिस ने ऐसे छात्रों की जानकारी जुटानी शुरू की, जिन्हें रूपा रेड्डी ‘बाबू’ कहकर बुलाती थीं और जो घटना के आसपास स्कूल से अनुपस्थित थे। शुरुआती जांच में करीब 13 छात्र पुलिस के रडार पर आए। इनमें 10वीं कक्षा के पांच छात्र भी शामिल थे, जो हत्या के समय के आसपास स्कूल नहीं आए थे।


पुलिस ने इन छात्रों से पूछताछ शुरू की। जांच के दौरान दो छात्रों की गतिविधियां पुलिस को संदिग्ध लगीं। पुलिस के मुताबिक, दोनों छात्र स्कूल से गैरहाजिर रहने के दौरान कथित तौर पर काफी पैसे खर्च कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने उनके पास मौजूद नकदी और हाल की आर्थिक गतिविधियों की जांच शुरू की। इसी दौरान एक नाबालिग छात्र के पास से 1.54 लाख रुपये नकद बरामद होने की बात सामने आई। छात्र ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि यह रकम उसके माता-पिता ने उसे दी थी। हालांकि, पुलिस को नोटों पर कुछ संदिग्ध दाग दिखाई दिए। इसके बाद नोटों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। पुलिस के अनुसार, जांच में इन नोटों पर मिले खून के निशान रूपा रेड्डी से संबंधित पाए गए। इसके बाद दोनों नाबालिग पुलिस की जांच में मुख्य संदिग्ध बन गए।


पुलिस ने जांच के दौरान एक आरोपी छात्र की पिछली गतिविधियों के बारे में भी जानकारी जुटाई। पुलिस के अनुसार, वह पहले स्कूल के हॉस्टल में रहता था। उसके बारे में यह भी जानकारी मिली कि उसे शराब और मोटरसाइकिलों में रुचि थी। पुलिस का आरोप है कि रूपा रेड्डी को उसके बैग से नकदी और एक मोबाइल फोन मिला था, जिसके बाद उन्होंने उसे फटकार लगाई थी। जांचकर्ताओं के मुताबिक, इसके बाद रूपा रेड्डी ने छात्र को हॉस्टल से हटाकर डे-स्कॉलर कर दिया था। पुलिस को शक है कि इस फैसले से छात्र प्रिंसिपल से नाराज हो गया था। हालांकि, इस नाराजगी और हत्या के बीच वास्तविक संबंध जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगा।


पुलिस ने आरोपी छात्र की गतिविधियों की पुरानी जानकारी भी जुटाई। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि हत्या से करीब एक महीने पहले वह गोवा गया था। पुलिस इस यात्रा और उसके दौरान की गतिविधियों को भी जांच का हिस्सा बना रही है। जांचकर्ताओं को कथित तौर पर यह भी पता चला कि हत्या से करीब पांच दिन पहले आरोपी छात्र ने रूपा रेड्डी के घर के आसपास रेकी की थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी को जानकारी थी कि स्कूल की फीस से जमा होने वाली रकम कभी-कभी प्रिंसिपल के घर पर रखी जा सकती है। इसी जानकारी के आधार पर जांचकर्ताओं को शक है कि घर को निशाना बनाने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, पुलिस अभी इस बात की भी जांच कर रही है कि हत्या का मुख्य मकसद लूट था, व्यक्तिगत रंजिश थी या दोनों कारणों का संबंध था।


11 अगस्त को रूपा रेड्डी स्कूल से अपने घर लौटी थीं। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद दोनों नाबालिग घर की चारदीवारी फांदकर अंदर दाखिल हुए। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने अपने चेहरे ढके हुए थे। घर में प्रवेश करने के बाद उन्होंने कथित तौर पर रूपा रेड्डी पर हमला किया। जांच में पुलिस का दावा है कि हमले के दौरान एक आरोपी का मास्क गिर गया था। पुलिस को आशंका है कि रूपा रेड्डी ने उसे पहचान लिया होगा। इसके बाद उन पर चाकू से लगातार हमला किए जाने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, प्रिंसिपल के शरीर पर चाकू से 27 वार किए गए थे।


हत्या के बाद दोनों आरोपी कथित तौर पर घर से नकदी और मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने एक नाबालिग के पास से 1.54 लाख रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा पुलिस ने एक आईफोन और रूपा रेड्डी का मोबाइल फोन भी बरामद किए जाने की जानकारी दी है। इस पूरे मामले में पुलिस के लिए तीन सुराग बेहद महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं। पहला, CCTV कैमरों की फुटेज; दूसरा, रूपा रेड्डी की फोन बातचीत में इस्तेमाल हुआ ‘बाबू’ शब्द; और तीसरा, संदिग्ध छात्र के पास से मिले नोटों पर कथित खून के निशान। इन्हीं सुरागों को जोड़ते हुए पुलिस दो नाबालिग छात्रों तक पहुंची।


चूंकि दोनों आरोपी नाबालिग हैं, इसलिए उनके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया सामान्य वयस्क आपराधिक प्रक्रिया से अलग होगी। पुलिस के अनुसार, दोनों को जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा। मामले में उनकी भूमिका, हत्या की कथित योजना, वारदात से पहले की गतिविधियों और घटना के बाद की गतिविधियों की जांच जारी है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों छात्रों ने कथित तौर पर वारदात की योजना कब बनाई, क्या वे पहले से एक-दूसरे के संपर्क में थे और हत्या के पीछे वास्तविक मकसद क्या था। पुलिस द्वारा जुटाए गए CCTV फुटेज, फोरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की जांच की जा रही है।