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आगरा में छात्र-ट्यूशन टीचर लापता, CCTV से मिला सुराग; दोनों सुरक्षित बरामद l

आगरा के ताजगंज क्षेत्र में 16 वर्षीय छात्र और उसकी 38 वर्षीय ट्यूशन शिक्षिका के एक साथ लापता होने से पुलिस कई दिनों तक उनकी तलाश में जुटी रही। छात्र 4 अगस्त को घर से निकला था, जबकि इसी दौरान उसकी ट्यूशन शिक्षिका के भी घर से गायब होने की जानकारी सामने आई। छात्र के परिजनों ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई, जबकि शिक्षिका के पति ने भी रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच के दौरान दोनों के मोबाइल की कॉल डिटेल से लगातार बातचीत का पता चला। इसके बाद आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के CCTV फुटेज में दोनों को ट्रेन में सवार होते देखा गया। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने छात्र को नोएडा और शिक्षिका को मथुरा से सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है और फिलहाल परिवारों ने अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई से इनकार किया है।

Kashish Rai22 अग. 2026, 04:03 PM IST
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आगरा में छात्र-ट्यूशन टीचर लापता, CCTV से मिला सुराग; दोनों सुरक्षित बरामद l

उत्तर प्रदेश के आगरा में 16 वर्षीय छात्र और उसकी 38 वर्षीय ट्यूशन शिक्षिका के एक साथ लापता होने का मामला कई दिनों तक पुलिस के लिए चुनौती बना रहा। एक नाबालिग छात्र के अचानक घर से गायब होने के बाद जब परिवार ने उसकी तलाश शुरू की तो पता चला कि जिस शिक्षिका से वह ट्यूशन पढ़ता था, वह भी अपने घर पर मौजूद नहीं हैं। दोनों के एक ही समय के आसपास लापता होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। मामला ताजगंज थाना क्षेत्र का है। 16 वर्षीय छात्र शहर के एक पब्लिक स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ता है और धांधूपुरा इलाके में 38 वर्षीय महिला से ट्यूशन लेता था। छात्र के परिवार के मुताबिक, पढ़ाई को लेकर उसे घर में डांट पड़ती थी और वह इससे परेशान रहता था।


4 अगस्त को छात्र स्कूल प्रोजेक्ट से संबंधित काम के लिए करीब तीन हजार रुपये लेकर घर से निकला था। उसने अपनी साइकिल एक दोस्त के घर पर खड़ी कर दी। परिवार को लगा कि वह स्कूल या किसी जरूरी काम से गया होगा और जल्द वापस लौट आएगा। लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी जब छात्र घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। परिवार ने रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों से संपर्क किया, लेकिन छात्र का कोई सुराग नहीं मिला। इसी दौरान परिजनों को पता चला कि छात्र को ट्यूशन पढ़ाने वाली शिक्षिका भी अपने घर पर नहीं हैं। शिक्षिका विवाहित हैं और उनके दो बच्चे हैं। छात्र और शिक्षिका के एक साथ गायब होने की जानकारी मिलने के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई।


इसके बाद छात्र के परिजनों ने ताजगंज थाने में शिकायत दी। पुलिस ने नाबालिग के लापता होने के मामले में अपहरण से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। दूसरी ओर, शिक्षिका के पति ने भी उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

जांच के शुरुआती चरण में पुलिस ने छात्र और शिक्षिका के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली। पुलिस के मुताबिक, दोनों के बीच लंबे समय तक बातचीत होने की जानकारी सामने आई। इस तकनीकी सुराग के बाद जांचकर्ताओं ने उन स्थानों की CCTV फुटेज देखनी शुरू की, जहां से दोनों के गुजरने की संभावना थी। इसी दौरान पुलिस को आगरा कैंट रेलवे स्टेशन की CCTV फुटेज मिली। फुटेज में दोनों को ट्रेन में सवार होते हुए देखा गया। यह सुराग पुलिस के लिए अहम साबित हुआ और जांच की दिशा आगरा से बाहर चली गई। इसके बाद पुलिस ने संभावित रेलवे रूट और तकनीकी जानकारी के आधार पर दोनों की तलाश तेज कर दी।


पुलिस की जांच में सामने आया कि छात्र पहले ग्वालियर पहुंचा था। इसके बाद उसके बयाना होते हुए कैलादेवी जाने की जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, कैलादेवी में दर्शन करने की बात भी सामने आई। कुछ समय तक दोनों साथ रहे, लेकिन बाद में अलग-अलग शहरों में चले गए। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी सुरागों की मदद से उनकी अलग-अलग लोकेशन ट्रैक की। तलाश के दौरान छात्र को नोएडा से और शिक्षिका को मथुरा से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। दोनों के सुरक्षित मिलने के बाद पुलिस ने उनके परिवारों को इसकी जानकारी दी।


पूछताछ में शिक्षिका ने छात्र के घर से निकलने की वजह को लेकर पुलिस को अपना पक्ष बताया। उनके अनुसार, छात्र पढ़ाई को लेकर घर में डांट पड़ने से परेशान रहता था और कई बार उनके पास रोते हुए आता था। शिक्षिका के मुताबिक, 4 अगस्त को छात्र ने उन्हें फोन कर आत्महत्या करने की बात कही थी। यह सुनकर वह घबरा गईं और कथित तौर पर उसे ऐसा कदम उठाने से रोकने के लिए अपने साथ ले गईं। शिक्षिका ने पुलिस को बताया कि शुरुआत में उनका उद्देश्य छात्र को सुरक्षित रखना था, लेकिन बाद में परिस्थितियां उनके नियंत्रण से बाहर होती चली गईं। उनके मुताबिक, उन्हें बाद में एहसास हुआ कि घर से इस तरह निकलना गलत फैसला था, लेकिन वह वापस लौटने का साहस नहीं जुटा पा रही थीं। पुलिस ने पूछताछ के दौरान दोनों के बयान दर्ज किए हैं।


हालांकि, छात्र और शिक्षिका के बीच संबंधों को लेकर सामने आई जानकारी के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पुलिस की जांच में दोनों के बीच पहले से फोन पर बातचीत होने और दोनों के आगरा से ट्रेन के जरिए बाहर जाने की जानकारी सामने आई है। उनके साथ जाने की वास्तविक परिस्थितियों और उद्देश्य को लेकर पुलिस ने उपलब्ध बयानों तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि कई दिनों तक लापता रहने के बाद छात्र और शिक्षिका दोनों सुरक्षित मिल गए। पुलिस ने दोनों की बरामदगी के बाद उन्हें उनके-अपने परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिवारों को दोनों के सुरक्षित मिलने की जानकारी दी गई। ताजगंज थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार शर्मा के अनुसार, पुलिस ने दोनों को सुरक्षित बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल परिजनों की ओर से अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई नहीं करने की बात कही गई है।


इस पूरे मामले में पुलिस के लिए मोबाइल कॉल डिटेल, आगरा कैंट रेलवे स्टेशन की CCTV फुटेज और मोबाइल लोकेशन सबसे अहम सुराग साबित हुए। शुरुआती स्तर पर मामला छात्र के लापता होने का था, लेकिन शिक्षिका के भी उसी दौरान गायब होने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया। तकनीकी जांच ने पुलिस को आगरा से बाहर दोनों तक पहुंचने में मदद की। फिलहाल छात्र सुरक्षित अपने परिवार के पास है और शिक्षिका भी बरामद हो चुकी हैं। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस द्वारा दर्ज बयानों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तय की जाएगी। इस घटना ने यह भी दिखाया कि गुमशुदगी के मामलों में CCTV फुटेज और तकनीकी जांच किस तरह पुलिस को लापता लोगों तक पहुंचने में मदद कर सकती है।