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छत्तीसगढ़ से गर्लफ्रेंड को बांदा लाया, फिर 20 हजार में बेचने का आरोप!

उत्तर प्रदेश के बांदा में मानव तस्करी से जुड़ा सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में मजदूरी के दौरान एक महिला के संपर्क में आए युवक पर आरोप है कि वह उसे अपने गांव ले आया और बाद में कथित तौर पर 20 हजार रुपये में दूसरे व्यक्ति को बेच दिया। पूरी रकम नहीं मिलने पर महिला को दोबारा दूसरे व्यक्ति के हाथ बेचने का आरोप है। सूचना मिलने पर पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने महिला को सुरक्षित बरामद किया और मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

Kashish Rai22 अग. 2026, 04:55 PM IST
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छत्तीसगढ़ से गर्लफ्रेंड को बांदा लाया, फिर 20 हजार में बेचने का आरोप!

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक महिला की कथित खरीद-फरोख्त का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। बदौसा थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले में पुलिस ने महिला को सुरक्षित बरामद कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, महिला को कथित तौर पर एक युवक ने पहले 20 हजार रुपये में दूसरे व्यक्ति को बेचा और बाद में रकम को लेकर हुए विवाद के बाद उसे दोबारा किसी अन्य व्यक्ति के हाथ बेचने का आरोप है। मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत छत्तीसगढ़ से हुई। मुख्य आरोपी विनय वहां एक लोहे की फैक्ट्री में मजदूरी करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात महिला से हुई। दोनों के बीच जान-पहचान बढ़ी और पुलिस जांच में उनके बीच प्रेम संबंध होने की बात सामने आई। इसके बाद विनय महिला को अपने गांव लेकर आ गया।


गांव पहुंचने के बाद विनय की पत्नी को जब महिला के साथ उसके आने की जानकारी हुई तो घर में विवाद शुरू हो गया। पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद के बाद विनय ने महिला को रामभवन नाम के व्यक्ति के हाथ कथित तौर पर 20 हजार रुपये में बेच दिया। हालांकि, पुलिस जांच में सामने आया कि विनय को इस सौदे की पूरी रकम नहीं मिली थी। आरोप है कि रकम को लेकर विवाद के बाद महिला को दोबारा गरीबदास नाम के व्यक्ति के हाथ बेच दिया गया। पुलिस ने इस कथित खरीद-फरोख्त में उदित नाम के व्यक्ति की भूमिका को बिचौलिए के तौर पर बताया है। इस तरह पुलिस की शुरुआती जांच में विनय, रामभवन, गरीबदास और उदित के नाम सामने आए।


मामले की जानकारी पुलिस तक डायल 112 के जरिए पहुंची। सूचना में बताया गया कि बदौसा थाना क्षेत्र के एक गांव में एक महिला की कथित तौर पर खरीद-फरोख्त की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस के साथ एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट यानी AHTU की टीम को भी सक्रिय किया गया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर महिला को सुरक्षित बरामद किया। इसके बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया और पुलिस ने उसका बयान भी दर्ज किया। महिला को फिलहाल वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है, जहां उसकी सुरक्षा और आवश्यक सहायता की व्यवस्था की गई है।


महिला की बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले में शामिल लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच शुरू की। पूछताछ और जांच के आधार पर चार संदिग्धों के नाम सामने आए। इसके बाद पुलिस ने विनय, रामभवन, गरीबदास और उदित को गिरफ्तार कर लिया। डिप्टी एसपी सौरभ सिंह के मुताबिक, बदौसा थाना क्षेत्र में महिला की खरीद-फरोख्त की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीमों ने तत्काल कार्रवाई की। महिला को सकुशल बरामद किया गया, उसका मेडिकल कराया गया और बयान दर्ज किए गए। पुलिस के अनुसार, घटना में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि महिला की मुख्य आरोपी से मुलाकात छत्तीसगढ़ की लोहे की फैक्ट्री में काम करने के दौरान हुई थी। इसके बाद वह महिला को अपने साथ बांदा ले आया। अब पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के साथ यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला को किन परिस्थितियों में दूसरे लोगों के पास ले जाया गया और इस कथित सौदे में आरोपियों की वास्तविक भूमिका क्या थी। फिलहाल महिला को सुरक्षित बरामद किया जा चुका है और पुलिस ने चार आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों, बयानों तथा अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।