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नासिक TCS केस: निदा खान को कोर्ट से जमानत, 50 हजार के बॉन्ड पर रिहाई l

नासिक के TCS कार्यालय से जुड़े कथित धर्म परिवर्तन और धार्मिक दबाव के मामले में आरोपी निदा खान को कोर्ट से जमानत मिल गई है। मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज केस में अदालत ने 50 हजार रुपये के बॉन्ड पर उनकी जमानत मंजूर की है। कोर्ट ने निदा खान को जांच में सहयोग करने और नियमित रूप से पुलिस स्टेशन में हाजिरी लगाने का निर्देश दिया है। इस मामले में पुलिस ने शुरुआत में चार लोगों को आरोपी बनाया था, जबकि जांच आगे बढ़ने के बाद निदा खान का नाम आरोपी के तौर पर जोड़ा गया। मामले में धार्मिक गतिविधियों के लिए कथित दबाव और हिंदू धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी जैसे आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होना बाकी है और पुलिस की जांच अभी जारी है।

Kashish Rai22 अग. 2026, 05:03 PM IST
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नासिक TCS केस: निदा खान को कोर्ट से जमानत, 50 हजार के बॉन्ड पर रिहाई l

नासिक के TCS कार्यालय से जुड़े कथित धर्म परिवर्तन मामले में आरोपी निदा खान को अदालत से राहत मिली है। मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज केस में कोर्ट ने उन्हें 50 हजार रुपये के बॉन्ड पर जमानत दे दी। अदालत ने जमानत देते हुए यह भी निर्देश दिया कि निदा खान जांच में पुलिस का सहयोग करें और आवश्यकता के अनुसार नियमित रूप से पुलिस स्टेशन में हाजिरी लगाएं। यानी मामले की जांच के दौरान उन्हें पुलिस के सामने उपस्थित होना होगा। यह मामला नासिक स्थित TCS कार्यालय में कर्मचारियों पर कथित तौर पर धार्मिक दबाव बनाए जाने की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कुछ कर्मचारियों पर नमाज पढ़ने और इस्लाम से जुड़े रीति-रिवाज अपनाने के लिए दबाव बनाया जाता था। इसके अलावा हिंदू धर्म को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के आरोप भी लगाए गए थे। इन्हीं शिकायतों के आधार पर मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में केस नंबर 166/2026 दर्ज किया गया था।


इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। दर्ज मामले में BNS की धारा 75, 79, 299, 302, 3(5) और 328 शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शुरुआत में इस मामले में चार लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें तौसीफ बिलाल अत्तार, दानिश एजाज शेख, शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी और रजा रफीक मेमन के नाम शामिल हैं। जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने निदा खान का नाम भी मामले में आरोपी के तौर पर जोड़ा। यानी शुरुआती एफआईआर में उनका नाम नहीं था और बाद की जांच के दौरान पुलिस ने उनका नाम केस में शामिल किया।


पुलिस के अनुसार, मामला सामने आने के बाद निदा खान की तलाश की जा रही थी। पुलिस ने करीब 25 दिनों तक उनकी तलाश की। बाद में नासिक क्राइम ब्रांच और छत्रपति संभाजी नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने उन्हें नारेगांव इलाके से पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, वह कैसर कॉलोनी स्थित एक फ्लैट में मौजूद थीं, जहां उनके कुछ रिश्तेदार भी बताए गए थे। निदा खान की ओर से कोर्ट में जमानत के लिए कई दलीलें रखी गईं। उनके वकीलों ने अदालत को बताया कि वह जांच में सहयोग कर रही हैं। अदालत के समक्ष उनकी गर्भावस्था का पक्ष भी रखा गया। इन दलीलों और मामले की परिस्थितियों पर विचार करने के बाद कोर्ट ने 50 हजार रुपये के बॉन्ड पर उन्हें जमानत प्रदान कर दी।


यह मामला फरवरी 2026 में सामने आया था। एक राजनीतिक कार्यकर्ता की शिकायत के बाद पुलिस ने निजी कंपनी के कार्यालय में कथित धार्मिक गतिविधियों और कर्मचारियों पर बनाए जा रहे दबाव के आरोपों की जांच शुरू की थी। पुलिस ने जांच के दौरान महिला कांस्टेबलों को हाउसकीपिंग स्टाफ के रूप में भेजकर कार्यालय की गतिविधियों की जानकारी जुटाई थी। जांच के दौरान कुछ टीम लीडरों पर कर्मचारियों को कथित रूप से परेशान करने और अपने पद का गलत इस्तेमाल करने के आरोप भी सामने आए।

पुलिस जांच में कर्मचारियों पर कथित तौर पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाए जाने के आरोपों की भी जांच की गई। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था। बाद की जांच में निदा खान की भूमिका की भी जांच की गई और उन्हें इस केस में आरोपी बनाया गया। फिलहाल कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद निदा खान के खिलाफ मामला खत्म नहीं हुआ है। उन्हें जांच में सहयोग करना होगा और अदालत के निर्देश के अनुसार पुलिस स्टेशन में हाजिरी देनी होगी। पुलिस मामले से जुड़े अन्य आरोपों, आरोपियों की भूमिका और उपलब्ध सबूतों की जांच कर रही है।