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यूपी में 52 VVIP को बुलेटप्रूफ जैकेट का सुरक्षा कवच, योगी-अखिलेश-मायावती समेत कई बड़े नाम

लखनऊ (Lucknow): उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले प्रमुख नेताओं और महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक प्रदेश में 98 नेताओं और महत्वपूर्ण लोगों को Y से लेकर Z+ तक अलग-अलग सुरक्षा श्रेणियों में सुरक्षा मिली हुई है। इनमें से 52 लोगों के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट की व्यवस्था की जा रही है।

sd22 अग. 2026, 05:43 PM IST
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यूपी में 52 VVIP को बुलेटप्रूफ जैकेट का सुरक्षा कवच, योगी-अखिलेश-मायावती समेत कई बड़े नाम

इस सूची में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती जैसे प्रमुख राजनीतिक चेहरे शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा राज्य सरकार के कई मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता भी इस सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में हैं।

98 लोगों को Y से Z+ तक सुरक्षा

सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में फिलहाल 98 नेताओं एवं महत्वपूर्ण व्यक्तियों को अलग-अलग सुरक्षा श्रेणियों में सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। इन श्रेणियों में Y, Z और Z+ जैसी श्रेणियां शामिल हैं।सुरक्षा श्रेणी का निर्धारण संबंधित व्यक्ति के सामने मौजूद खतरे के आकलन के आधार पर किया जाता है। इसी खतरे के स्तर को देखते हुए सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और अन्य सुरक्षा उपकरणों की जरूरत तय की जाती है। इसी व्यवस्था के तहत 52 लोगों के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराने की जानकारी सामने आई है।

योगी, अखिलेश और मायावती भी सूची में

बुलेटप्रूफ जैकेट पाने वाले प्रमुख नामों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती का नाम बताया गया है। खास बात यह है कि सूची में सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष के प्रमुख नेताओं को भी शामिल किया गया है। इससे संकेत मिलता है कि सुरक्षा व्यवस्था राजनीतिक दल के बजाय संबंधित व्यक्ति के सुरक्षा आकलन के आधार पर की जा रही है।

Y श्रेणी वाले मंत्रियों को भी जैकेट

इस बार केवल Z या उससे ऊपर की सुरक्षा पाने वाले लोगों तक बुलेटप्रूफ जैकेट सीमित नहीं बताई जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक Y श्रेणी की सुरक्षा पाने वाले कई मंत्रियों और नेताओं को भी जैकेट उपलब्ध कराई जा रही है। इनमें मंत्री संजय निषाद, नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, ओम प्रकाश राजभर, स्वतंत्र देव सिंह, जयवीर सिंह और महेंद्र सिंह समेत कई नाम शामिल बताए गए हैं। हालांकि, पूरी 52 नामों वाली सूची सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होने तक प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा श्रेणी को अलग-अलग स्तर पर अंतिम रूप से सत्यापित करना उचित होगा।

Z और Z+ सुरक्षा में क्या खास है?

Z और Z+ जैसी सुरक्षा श्रेणियां उन व्यक्तियों के लिए इस्तेमाल की जाती हैं जिन्हें सुरक्षा एजेंसियों के आकलन के अनुसार अपेक्षाकृत अधिक खतरा माना जाता है।

ऐसे लोगों की सुरक्षा के लिए कई स्तरों पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाती है। सुरक्षा व्यवस्था में व्यक्ति की आवाजाही, कार्यक्रमों, आवास और सार्वजनिक उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार किए जाते हैं। बुलेटप्रूफ जैकेट को भी ऐसी सुरक्षा व्यवस्था के अतिरिक्त उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

क्या Z श्रेणी में जैकेट अनिवार्य है?

इस संबंध में खबरों में कहा गया है कि Z श्रेणी की सुरक्षा पाने वाले लोगों को बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराना सुरक्षा व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा है। हालांकि, सुरक्षा प्रोटोकॉल और उपकरणों की अनिवार्यता खतरे के आकलन, ड्यूटी की प्रकृति और संबंधित सुरक्षा एजेंसी के निर्देशों पर निर्भर कर सकती है।

इसलिए इसे सभी Z श्रेणी के लोगों के लिए एक समान और सार्वभौमिक नियम के रूप में प्रस्तुत करने से पहले आधिकारिक सुरक्षा दिशा-निर्देश का हवाला देना जरूरी होगा।

दो चरणों में जैकेट उपलब्ध कराने की जानकारी

रिपोर्टों के अनुसार, 52 नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया दो चरणों में की गई है। पहले चरण में 8 लोगों और दूसरे चरण में 44 लोगों को जैकेट दिए जाने की जानकारी सामने आई है।सुरक्षा मुख्यालय ने संबंधित सुरक्षा श्रेणी और खतरे के स्तर को ध्यान में रखते हुए जैकेट की व्यवस्था की है।

चुनाव से पहले क्यों बढ़ा सुरक्षा पर फोकस?

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए आने वाले महीनों में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। बड़े नेताओं के दौरे, जनसभाएं, रोड शो और चुनावी कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा एजेंसियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी रहती है।इसी वजह से चुनाव से पहले नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों से यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि इन सभी नेताओं पर कोई नया या तत्काल खतरा पैदा हुआ है। सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव सामान्य खतरा आकलन और प्रशासनिक समीक्षा का हिस्सा भी हो सकता है।

सुरक्षा का आधार क्या होता है?

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, किसी व्यक्ति को सुरक्षा देने का सबसे महत्वपूर्ण आधार खतरे का आकलन होता है। इसमें व्यक्ति की राजनीतिक या सार्वजनिक गतिविधियां, पूर्व में मिले खतरे, खुफिया इनपुट और अन्य सुरक्षा पहलुओं को ध्यान में रखा जा सकता है।खतरे के स्तर के आधार पर सुरक्षा श्रेणी तय की जाती है और उसी के अनुरूप सुरक्षाकर्मियों तथा सुरक्षा उपकरणों की आवश्यकता निर्धारित होती है।

बुलेटप्रूफ जैकेट की कीमत पर अलग-अलग दावे

इस खबर का एक अन्य पहलू जैकेट की कीमत से जुड़ा है। अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में इसकी कीमत को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। इसलिए बिना आधिकारिक खरीद दस्तावेज या सरकार की पुष्टि के किसी एक कीमत को अंतिम तथ्य मानना उचित नहीं होगा।

सुरक्षा व्यवस्था में विपक्ष भी शामिल

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सुरक्षा व्यवस्था में सत्तारूढ़ दल के नेताओं के साथ प्रमुख विपक्षी नेताओं को भी शामिल किया गया है।योगी आदित्यनाथ के साथ अखिलेश यादव और मायावती का नाम सामने आना बताता है कि सुरक्षा का निर्धारण केवल राजनीतिक स्थिति के आधार पर नहीं, बल्कि सुरक्षा जरूरत और खतरे के आकलन के आधार पर किया जा रहा है।

2027 चुनाव से पहले बड़ा सुरक्षा कवच

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल लगातार गर्म हो रहा है। ऐसे में प्रमुख नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

52 लोगों के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट और 98 नेताओं एवं महत्वपूर्ण व्यक्तियों को Y से Z+ तक सुरक्षा की जानकारी सामने आने के बाद राज्य की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में है।

हालांकि, सुरक्षा से जुड़ी कई जानकारियां संवेदनशील होती हैं और सभी विवरण सार्वजनिक नहीं किए जाते। इसलिए उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर केवल पुष्टि योग्य जानकारी ही प्रकाशित करना उचित होगा।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले 52 नेताओं और महत्वपूर्ण व्यक्तियों के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट की व्यवस्था किए जाने की खबर सामने आई है। इनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, अखिलेश यादव और मायावती के साथ कई मंत्री एवं वरिष्ठ नेता शामिल बताए जा रहे हैं।वहीं, राज्य में कुल 98 नेताओं और महत्वपूर्ण लोगों को Y से Z+ तक विभिन्न सुरक्षा श्रेणियों में सुरक्षा मिलने की जानकारी है। सुरक्षा श्रेणी और बुलेटप्रूफ जैकेट का प्रावधान संबंधित खतरे के आकलन से जुड़ा है।