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संत कबीर नगर: प्रिंसिपल के मकान से चल रहा था ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क, 5 आरोपी गिरफ्तार

संत कबीर नगर में पुलिस ने एक ऐसे कथित साइबर अपराध नेटवर्क का खुलासा किया है, जो गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के सेमरा नंबर एक स्थित एक मकान से संचालित किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में ‘रेडी अन्ना’ नामक अवैध गेमिंग पोर्टल का पैनल लेकर सट्टा खिलाते थे। मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन मिले हैं और म्यूल बैंक खातों के जरिए पैसों के लेनदेन की जानकारी भी सामने आई है।

Kashish Rai22 अग. 2026, 07:30 PM IST
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संत कबीर नगर: प्रिंसिपल के मकान से चल रहा था ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क, 5 आरोपी गिरफ्तार

गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के सेमरा नंबर एक में एक प्रिंसिपल के मकान में करीब छह महीने से ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में कथित तौर पर साइबर जालसाजी और सट्टेबाजी का नेटवर्क चल रहा था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस नेटवर्क से जुड़े पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नितिश, साहिल, मुन्ना, वाजिद और अभय के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अलग-अलग स्थानों के रहने वाले हैं और उनके नेटवर्क के दूसरे राज्यों तक जुड़े होने के संकेत मिले हैं।

पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने मकान की दो कमरों वाली यूनिट किराये पर ली थी। वहां से कथित तौर पर ‘रेडी अन्ना’ नामक अवैध गेमिंग पोर्टल का पैनल खरीदकर उसकी ब्रांच संचालित की जा रही थी। इसी माध्यम से लोगों को सट्टा खिलाने का आरोप है।


जांच में पैसों के लेनदेन का एक अहम पहलू भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, सट्टे से जुड़े पैसे अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से ट्रांसफर किए जाते थे। इनमें कथित तौर पर म्यूल खातों का इस्तेमाल किया जाता था। अब पुलिस इन बैंक खातों के संचालकों, हुए लेनदेन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस अधिकारियों को जांच के दौरान इस नेटवर्क के दूसरे राज्यों से जुड़े होने के संकेत भी मिले हैं। ऐसे में पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क की पूरी कड़ी खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इसके पीछे कौन-कौन लोग हैं तथा पैसों का अंतिम लेनदेन किन लोगों तक पहुंचता था।

प्रिंसिपल के मकान में छह महीने से चल रहा था काम

जिस मकान में यह कथित नेटवर्क चल रहा था, उसके मालिक नागेंद्र सिंह कुशीनगर के एक स्कूल में प्रिंसिपल हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि करीब छह महीने पहले उन्होंने कुछ युवकों को मकान किराये पर दिया था। मकान मालिक के मुताबिक, कमरे में रहने वाले युवक पढ़े-लिखे नजर आते थे और अक्सर लैपटॉप पर काम करते दिखाई देते थे। इसी वजह से उन्हें कभी शक नहीं हुआ कि किराये के कमरे से किसी तरह की साइबर गतिविधि संचालित की जा रही है। नागेंद्र सिंह के अनुसार, वह रोज सुबह नौकरी के लिए कुशीनगर चले जाते थे और दिन में उनकी पत्नी घर पर रहती थीं। आरोपियों ने सामान्य तरीके से कमरे में रहकर अपना काम जारी रखा, जिससे लंबे समय तक गतिविधियों पर किसी का ध्यान नहीं गया।

कई मोबाइल फोन बरामद

पुलिस की कार्रवाई के दौरान कमरे से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन बरामद किए गए। जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन पर अलग-अलग नामों से कॉल आने की बात भी सामने आई। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और उनमें मौजूद डिजिटल जानकारी की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों में से कुछ ने अपनी गर्लफ्रेंड के नंबर दूसरे लड़कों के नाम से सेव कर रखे थे। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि आरोपियों के आपसी संपर्क और गतिविधियों का कथित सट्टा नेटवर्क से क्या संबंध था।

युवतियों को प्रभावित करने के लिए दिखाते थे महंगी जिंदगी

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में कुछ इंटर और स्नातक स्तर तक पढ़े हुए हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर महंगी जीवनशैली और सुविधाओं का प्रदर्शन करके लोगों को प्रभावित करते थे। पुलिस का कहना है कि शुरुआती तौर पर सामान्य और पढ़े-लिखे नजर आने वाले इन युवकों पर जल्द पैसा कमाने की चाह में साइबर अपराध और अवैध सट्टेबाजी से जुड़ने का आरोप है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का फोकस कथित ऑनलाइन सट्टे के संचालन, बैंक खातों में हुए लेनदेन, डिजिटल उपकरणों और दूसरे राज्यों से जुड़े संपर्कों पर है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में गिरफ्तार पांच आरोपियों के अलावा और कितने लोग शामिल हैं।