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यूपी के 3.53 लाख स्कूल रसोइयों को बड़ी राहत: मानदेय ₹3,000, परिवार को ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज

उत्तर प्रदेश में पीएम पोषण योजना के तहत स्कूलों में भोजन तैयार करने वाले 3.53 लाख रसोइयों के लिए सरकार ने कई अहम फैसले किए हैं। मानदेय ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 प्रतिमाह किया गया है। इसके साथ रसोइयों और उनके परिवार को सालाना ₹5 लाख तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की व्यवस्था की गई है। सरकार ने दुर्घटना बीमा और ड्रेस के लिए मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी का भी ऐलान किया है।

sd23 अग. 2026, 12:23 PM IST
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यूपी के 3.53 लाख स्कूल रसोइयों को बड़ी राहत: मानदेय ₹3,000, परिवार को ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज

3.53 लाख रसोइयों को मिला सरकार का बड़ा लाभ

उत्तर प्रदेश के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले रसोइयों के लिए 23 अगस्त 2026 को बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुए राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए। कार्यक्रम में 11 रसोइयों को मुख्यमंत्री ने स्वयं कार्ड दिए, जबकि प्रदेशभर से करीब 1,500 रसोइयों की सहभागिता रही।

अब ₹2,000 नहीं, ₹3,000 मिलेगा मानदेय

सरकार ने रसोइयों के मासिक मानदेय में ₹1,000 की बढ़ोतरी की है। अब उन्हें ₹2,000 की जगह ₹3,000 प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इससे प्रदेश के करीब 3.53 लाख रसोइये लाभान्वित होंगे। इससे पहले रसोइयों का मानदेय 2019 में बढ़ाकर ₹1,500 और फिर 2022 में ₹2,000 किया गया था। अब इसे बढ़ाकर ₹3,000 किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान व्यवस्था में ₹600 केंद्रांश और ₹1,400 राज्यांश शामिल था, जबकि नई बढ़ी हुई राशि में राज्य सरकार की भूमिका प्रमुख होगी।

परिवार को ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज

इस फैसले का सबसे बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य सुविधा है। रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड दिया जा रहा है। इसके तहत रसोइयों और उनके परिवार के सदस्यों को सूचीबद्ध अस्पतालों में एक वर्ष में ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने की बात रिपोर्टों में कही गई है। इसका मतलब है कि पात्र परिवार को इलाज के समय निर्धारित सीमा तक अस्पताल में कैश भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि योजना के तहत उपलब्ध कैशलेस व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

दुर्घटना की स्थिति में ₹2 लाख की सहायता

सरकार की ओर से रसोइयों के लिए ₹2 लाख तक के दुर्घटना बीमा/सहायता की भी घोषणा की गई है। इसके साथ ही रसोइयों के लिए बैंकिंग और भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार रसोइयों के एसबीआई में खाते खुलवाकर मानदेय सीधे खाते में भेजने की व्यवस्था की जाएगी।

ड्रेस के लिए भी बढ़ी राशि

रसोइयों को ड्रेस के लिए मिलने वाली राशि में भी बढ़ोतरी की गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार साड़ी खरीदने के लिए मिलने वाली राशि ₹500 से बढ़ाकर ₹1,000 कर दी गई है। यानी ड्रेस के लिए मिलने वाली सहायता को दोगुना किया गया है।

स्कूलों और बच्चों के लिए रसोइयों की अहम भूमिका

उत्तर प्रदेश में पीएम पोषण योजना के तहत बड़ी संख्या में स्कूलों में रसोइये बच्चों के लिए भोजन तैयार करते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार करीब 1.41 लाख परिषदीय और एडेड स्कूलों में लगभग 1.46 करोड़ विद्यार्थियों के लिए मिड-डे मील तैयार किया जाता है। सरकार ने समारोह के दौरान रसोइयों के योगदान को भी सार्वजनिक रूप से सम्मान देने की कोशिश की। जिला और तहसील स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित कर रसोइयों को सम्मानित किया गया।

क्या बदला?

रसोइयों के लिए सरकार के ताजा फैसलों को चार प्रमुख हिस्सों में समझा जा सकता है—मानदेय में बढ़ोतरी, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, दुर्घटना सुरक्षा और ड्रेस के लिए अधिक आर्थिक सहायता। इन फैसलों का उद्देश्य स्कूलों में बच्चों के भोजन की जिम्मेदारी संभालने वाले रसोइयों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा देना बताया गया है।

निष्कर्ष:
स्क्रीनशॉट की खबर का मूल दावा सही है। 23 अगस्त 2026 तक उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यूपी के करीब 3.53 लाख स्कूल रसोइयों के लिए ₹3,000 मासिक मानदेय, ₹5 लाख तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा और ₹2 लाख तक दुर्घटना सुरक्षा जैसे प्रावधान सामने आए हैं। हालांकि कैशलेस इलाज की वास्तविक प्रक्रिया, पात्र परिवार के सदस्यों और अस्पतालों की सूची जैसी विस्तृत शर्तों को लागू योजना/सरकारी दिशा-निर्देशों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।